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पांच लाख की फिरौती के लालच में हत्या की कोशिश, फरार आरोपी गिरफ्तार

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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बिलासपुर। रेलवे अस्पताल के पास मॉर्निंग वॉक पर निकले व्यक्ति पर जानलेवा हमला करने के मामले में तारबाहर पुलिस ने फरार आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों को एक व्यक्ति की हत्या करने के लिए पांच-पांच लाख रुपए देने का लालच दिया गया था। मामले में पुलिस पहले ही एक आरोपी और विधि से संघर्षरत बालक को पकड़ चुकी है।
पुलिस के मुताबिक 4 जुलाई की सुबह करीब 6.45 बजे श्याम कश्यप मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे। रेलवे अस्पताल के पास पहुंचने पर तीन नकाबपोश युवकों ने उन्हें घेर लिया। आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी और डंडे व नुकीली वस्तु से हमला कर दिया। घटना के बाद आरोपी फरार हो गए।
सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों से मिली कड़ी
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर तारबाहर पुलिस और एसीसीयू की टीम ने जांच शुरू की। घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घटना में इस्तेमाल मोटरसाइकिल की पहचान की गई और संदिग्धों तक पहुंच बनाई गई।
पूर्व में गिरफ्तार आरोपी नितिन टेकाम और विधि से संघर्षरत बालक से पूछताछ में पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी मिली। पूछताछ में सामने आया कि गौरेला-पेंड्रा निवासी दीपक तिवारी ने बिलासपुर के एक व्यक्ति की हत्या के लिए पांच-पांच लाख रुपए देने का लालच दिया था। इसके बाद आरोपी नितिन टेकाम और अन्य आरोपी बजाज पल्सर मोटरसाइकिल से बिलासपुर पहुंचे थे। पुलिस के अनुसार दीपक तिवारी भी बिलासपुर आया था और उसके इशारे पर मॉर्निंग वॉक पर निकले व्यक्ति पर हमला किया गया।
घर पहुंचने की सूचना पर घेराबंदी
घटना के बाद से फरार चल रहे आरोपी आंचल साहिल बोले उर्फ साहिल सोनकर (23), निवासी समता नगर, गौरेला की पुलिस लगातार तलाश कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी अपने घर आने वाला है। सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर उसे हिरासत में लिया।
पूछताछ में आरोपी ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर श्याम कश्यप पर डंडे से हमला करने की बात स्वीकार की। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने घटना में इस्तेमाल डंडा बरामद किया। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस टीम की भूमिका
कार्रवाई में तारबाहर थाना प्रभारी निरीक्षक रविशंकर तिवारी, उपनिरीक्षक रामनरेश यादव, आरक्षक महेंद्र सोनकर, आरक्षक रूपलाल चंद्रा, आरक्षक भागीरथी गेदले तथा साइबर टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। मामले में फरार अन्य आरोपियों की भूमिका और घटना के पीछे की पूरी साजिश को लेकर पुलिस की जांच जारी है।

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