

सीपत के धौराकोना में ‘अंडरकवर रेड’; पुलिस के पहुंचने तक भनक नहीं लगी, रंगे हाथों पकड़े गए दो कारोबारी
बिलासपुर। सीपत थाना क्षेत्र के धौराकोना गांव में गुरुवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब ग्रामीणों के भेष में पहुंची पुलिस टीम ने जंगल और बस्ती के बीच संचालित अवैध महुआ शराब के ठिकाने पर अचानक दबिश दे दी। पुलिस की यह कार्रवाई इतनी गोपनीय थी कि शराब बनाने में जुटे कारोबारियों को भनक तक नहीं लगी। टीम सीधे उस जगह पहुंची, जहां बड़े-बड़े बर्तनों में महुआ शराब तैयार की जा रही थी।
पुलिस ने मौके से 210 लीटर अवैध कच्ची महुआ शराब, शराब बनाने के उपकरण और भट्टियों में इस्तेमाल होने वाले बड़े एलुमिनियम डेचके व पाइप लगे कोपरे जब्त किए हैं। कार्रवाई के दौरान दो आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया गया। जब्त शराब की कीमत करीब 67 हजार रुपए बताई जा रही है।
‘चेतना विरुद्ध नशा अभियान’ के तहत कार्रवाई
पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन में जिलेभर में चलाए जा रहे “चेतना विरुद्ध नशा अभियान” के तहत यह विशेष कार्रवाई की गई। सीपत पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि धौराकोना गांव में बड़े पैमाने पर कच्ची महुआ शराब बनाई और बेची जा रही है।
सूचना के बाद पुलिस ने सीधे रेड करने के बजाय रणनीति तैयार की। टीम ग्रामीणों की वेशभूषा में गांव पहुंची, ताकि कारोबारियों को पुलिस की मौजूदगी का अंदेशा न हो। योजना कामयाब रही और पुलिस बिना किसी विरोध के सीधे उस जगह तक पहुंच गई, जहां शराब बनाई जा रही थी।
धधकती भट्ठियां, बड़े बर्तन और पाइप सिस्टम मिला
पुलिस जब मौके पर पहुंची तो वहां महुआ शराब तैयार करने का पूरा सेटअप संचालित मिला। बड़े एलुमिनियम के डेचकों में शराब पकाई जा रही थी, जबकि पाइप लगे कोपरों के जरिए उसे तैयार किया जा रहा था। आसपास शराब से भरे डिब्बे और बर्तन भी रखे थे।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने चार बड़े एलुमिनियम डेचके और दो पाइप लगे कोपरे जब्त किए। मौके से तैयार कच्ची महुआ शराब भी बरामद की गई।
मौके से गिरफ्तार हुए दोनों आरोपी
पुलिस ने मौके से
- पंचराम धनुहार (45 वर्ष)
- बहोरन सिंह धनुहार (30 वर्ष)
दोनों निवासी धौराकोना, थाना सीपत, जिला बिलासपुर को गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद आरोपियों के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 34(1)(क)(च) एवं 34(2) के तहत कार्रवाई की गई। बाद में दोनों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
गांव के भीतर लंबे समय से चल रहा था कारोबार
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गांव के भीतर लंबे समय से कच्ची महुआ शराब तैयार करने और उसकी बिक्री का काम चल रहा था। पुलिस को लगातार इसकी सूचनाएं मिल रही थीं, जिसके बाद विशेष रणनीति के तहत यह दबिश दी गई।
सीपत पुलिस का कहना है कि अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में भी ऐसे नेटवर्क पर नजर रखी जा रही है।

