
रायपुर। छत्तीसगढ़ में अवैध शराब कारोबार, पड़ोसी राज्यों से हो रही तस्करी, सरकारी दुकानों में ओवररेटिंग, मिलावट और अंदरखाने चल रही कथित ‘सेटिंग’ को लेकर सरकार का तेवर अचानक बेहद सख्त नजर आया। नवा रायपुर स्थित जीएसटी भवन में आबकारी विभाग की हाईलेवल समीक्षा बैठक में आबकारी मंत्री लखन लाल देवांगन ने साफ शब्दों में कहा कि अवैध शराब बेचने वालों और कोचियों के खिलाफ “प्रभावी कार्रवाई” होनी चाहिए और आबकारी उपनिरीक्षक से लेकर निचले अमले तक कोई भी व्यक्ति उनसे समझौता करता मिला तो बख्शा नहीं जाएगा।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के राजस्व लक्ष्य, सीमावर्ती जिलों में शराब तस्करी, दुकानों की निगरानी, मिलावट, ओवररेटिंग और शिकायतों के बढ़ते मामलों पर विस्तार से चर्चा हुई। मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को जिलेवार कार्ययोजना तैयार करने और दुकानवार समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में राजस्व लक्ष्य पूरा नहीं हुआ है वहां कारणों की अलग से समीक्षा की जाए और कमी दूर करने तत्काल प्लान तैयार किया जाए।
सबसे ज्यादा फोकस अंतरराज्यीय सीमाओं से आने वाली शराब पर रहा। मंत्री ने सीमा पर स्थित आबकारी जांच चौकियों को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही सीसीटीवी कैमरों की लगातार मॉनिटरिंग करने कहा गया। बैठक में साफ तौर पर कहा गया कि पड़ोसी राज्यों से आने वाली शराब पर सख्त रोक लगाई जाए।
बैठक में शराब दुकानों की व्यवस्थाओं पर भी नाराजगी दिखाई गई। मंत्री ने निर्देश दिए कि दुकानों में उपभोक्ताओं की मांग के अनुसार पर्याप्त स्टॉक रखा जाए और किसी भी स्थिति में निर्धारित दर से अधिक कीमत पर बिक्री न हो। दुकानों में शराब की उपलब्धता, कीमत और ब्रांड की जानकारी रैकों में स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने कहा गया, ताकि ग्राहकों से मनमानी वसूली और भ्रम की स्थिति न बने।
बैठक में यह मुद्दा भी उठा कि कई जगहों पर शराब की गुणवत्ता और मिलावट को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं। इस पर मंत्री ने अधिकारियों को आकस्मिक निरीक्षण करने और जहां भी गड़बड़ी मिले वहां तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। दोषी कर्मचारियों को तत्काल कार्यमुक्त कर ब्लैकलिस्ट करने की बात भी बैठक में कही गई।
कैशलेस भुगतान को बढ़ावा देने के लिए शराब दुकानों में पेटीएम और अन्य डिजिटल पेमेंट के लिए अलग काउंटर बनाने के निर्देश दिए गए। विभागीय अधिकारियों से कहा गया कि भुगतान व्यवस्था पारदर्शी हो और ग्राहकों को असुविधा न हो।
बैठक में आबकारी सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले ने बार, क्लब, होटल और ढाबों की आकस्मिक जांच के निर्देश दिए। देर रात संचालन, अवैध शराब बिक्री और नियमों के उल्लंघन पर कठोर कार्रवाई करने कहा गया। उन्होंने यह भी कहा कि अवैध मदिरा और अन्य मादक पदार्थों के निर्माण, परिवहन और तस्करी पर नियंत्रण के लिए जरूरत पड़ने पर पुलिस विभाग का सहयोग लिया जाए।
बैठक में आबकारी आयुक्त पदुम सिंह एल्मा, विशेष सचिव देवेन्द्र भारद्वाज, बेवरेजेस कारपोरेशन, मार्केटिंग कारपोरेशन के अधिकारी और प्रदेशभर से आए मैदानी अधिकारी मौजूद रहे।

