बिलासपुर। छात्रावास अधीक्षकों की लंबित मांगों, सेवा शर्तों और पदोन्नति जैसे मुद्दों को लेकर छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय छात्रावास अधीक्षक संघ ने अब बड़ा संगठनात्मक और आंदोलनात्मक संकेत दे दिया है। रविवार को नेहरू चौक स्थित प्रार्थना भवन में आयोजित सामान्य सभा में प्रदेशभर से पहुंचे अधीक्षकों ने एकजुट होकर शासन पर दबाव बढ़ाने की रणनीति बनाई। बैठक में साफ कहा गया कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आने वाले समय में व्यापक आंदोलन किया जाएगा।



प्रदेश अध्यक्ष उदेश सिंह तोमर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में संघ के पदाधिकारियों और अधीक्षकों ने छात्रावासों की बदहाल व्यवस्थाओं, सीमित बजट, बढ़ते कार्यभार और लंबित पदोन्नति मामलों पर नाराजगी जताई। अधीक्षकों ने कहा कि छात्रावासों में अध्ययनरत विद्यार्थियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन सुविधाओं और संसाधनों में अपेक्षित वृद्धि नहीं हो रही। इससे व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं और अधीक्षकों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ता जा रहा है।
बैठक में सेवा शर्तों के निर्धारण, क्रमोन्नति-पदोन्नति, छात्रावास अनुरक्षण मद के लिए पर्याप्त बजट, विद्यार्थियों की शिष्यवृत्ति राशि में वृद्धि तथा विभागीय समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। कई वक्ताओं ने कहा कि वर्षों से लंबित मांगों पर केवल आश्वासन मिलते रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर स्थिति जस की तस बनी हुई है।
संगठन को मजबूत करने के लिए संभाग स्तर पर अध्यक्ष और उपाध्यक्ष जैसे नए पद सृजित करने पर सहमति बनी। साथ ही प्रदेश कार्यकारिणी का विस्तार कर अधिक सक्रिय सदस्यों को जिम्मेदारी देने तथा जिला स्तर तक संगठनात्मक ढांचे को सशक्त बनाने का निर्णय लिया गया।
बैठक में यह भी तय हुआ कि शासन और प्रशासन के समक्ष अधीक्षकों की समस्याओं को मजबूती से रखा जाएगा। जरूरत पड़ने पर आंदोलनात्मक कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तैयार की जाएगी। अधीक्षकों ने संगठन की एकता और सामूहिक नेतृत्व को मजबूत करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के मुख्य संरक्षक पी.आर. यादव, प्रदेश समन्वयक जी.आर. चंद्रा, प्रदेश अध्यक्ष पवन कुमार शर्मा, जय कुमार साहू और किशोर शर्मा सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। अतिथियों का स्मृति चिन्ह देकर सम्मान भी किया गया।

