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संगठित अपराध और साइबर चुनौतियों से निपटने बिलासपुर पुलिस की बड़ी पहल, अफसरों को दिया डिजिटल विवेचना का प्रशिक्षण

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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बिलासपुर। बदलते अपराध के तौर-तरीकों और बढ़ते साइबर अपराधों के बीच बिलासपुर पुलिस अब तकनीक आधारित जांच व्यवस्था को मजबूत करने में जुट गई है। इसी कड़ी में शुक्रवार को पुलिस लाइन स्थित चेतना भवन में “संगठित अपराध एवं छोटे संगठित अपराध, ई-साक्ष्य, ई-समन एवं iGOT KARMAYOGI” विषय पर एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई।
कार्यशाला का आयोजन रजनेश सिंह के निर्देशन में किया गया। इसमें राजपत्रित अधिकारियों, थाना और चौकी प्रभारियों सहित विवेचना कार्य से जुड़े करीब 60 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत एसएसपी रजनेश सिंह के संबोधन से हुई। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में साइबर अपराध और संगठित अपराध तेजी से नए स्वरूप में सामने आ रहे हैं। ऐसे में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को नवीन कानूनी प्रावधानों, तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल जांच प्रक्रियाओं की अद्यतन जानकारी होना बेहद जरूरी है। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण विवेचना और तकनीक आधारित जांच प्रणाली को समय की आवश्यकता बताया।


संगठित अपराध की विवेचना पर विशेष फोकस
प्रशिक्षण सत्र में नूपुर उपाध्याय ने “संगठित अपराध एवं छोटे संगठित अपराध” विषय पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने संबंधित कानूनी प्रावधान, विवेचना की प्रक्रिया, अपराध नियंत्रण की रणनीति और प्रकरणों के प्रभावी निराकरण के तरीकों पर अधिकारियों को मार्गदर्शन दिया।
उन्होंने विवेचना के दौरान होने वाली सामान्य कमियों और तकनीकी बिंदुओं पर भी चर्चा की, ताकि भविष्य में जांच को अधिक मजबूत और न्यायालय में टिकाऊ बनाया जा सके।
ई-साक्ष्य और डिजिटल समन की प्रक्रिया समझाई
कार्यशाला में आरक्षक डी.के. साहू ने “ई-साक्ष्य, ई-समन एवं iGOT KARMAYOGI” विषय पर प्रशिक्षण दिया। उन्होंने डिजिटल साक्ष्यों के सुरक्षित संरक्षण, इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से समन तामील करने की प्रक्रिया और iGOT KARMAYOGI पोर्टल के उपयोग की व्यावहारिक जानकारी साझा की।
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों ने विषय से जुड़े सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया। पुलिस अधिकारियों ने कार्यशाला को वर्तमान समय की जरूरत बताते हुए इसे उपयोगी और व्यवहारिक प्रशिक्षण बताया।
पुलिस विभाग के अनुसार इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य पुलिस बल को आधुनिक तकनीक, डिजिटल साक्ष्य और नवीन विधिक प्रक्रियाओं के प्रति दक्ष बनाना है, ताकि अपराधों की रोकथाम और विवेचना को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

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