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8 दिन से अंधेरे में कैद अर्चना विहार, गिरे बिजली खंभे, गायब अफसर… गर्मी में घर छोड़ने को मजबूर लोग

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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बिजली कंपनी की ‘ब्लैकआउट लापरवाही’ ने खोली सिस्टम की पोल, पानी तक के लिए तरसे परिवार; शिकायतों के बाद भी नहीं पहुंचा एक भी कर्मचारी
बिलासपुर। शहर के दीनदयाल लोखण्डी रोड स्थित अर्चना विहार कॉलोनी में बिजली कंपनी की कथित लापरवाही ने दर्जनों परिवारों की जिंदगी को अंधेरे और बदहाली में धकेल दिया है। पिछले करीब 8 से 10 दिनों से क्षेत्र में गंभीर विद्युत संकट बना हुआ है। हालात इतने खराब हैं कि कॉलोनी के कई हिस्सों में बिजली के खंभे तक गिर चुके हैं, लेकिन बिजली विभाग के जिम्मेदार अफसरों और कर्मचारियों ने अब तक मौके पर पहुंचकर स्थिति देखने तक की जरूरत नहीं समझी।
भीषण गर्मी के बीच लगातार बाधित बिजली आपूर्ति ने लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। रातें अंधेरे में कट रही हैं, पंखे-कूलर बंद पड़े हैं, पानी की सप्लाई ठप हो चुकी है और लोग अपने ही घरों में रहने से डरने लगे हैं। परेशान रहवासियों का आरोप है कि बिजली विभाग को कई बार शिकायत दी गई, सूचना पहुंचाई गई, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला, जमीनी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि बिजली के खंभे गिरने के बाद हालात और खतरनाक हो गए हैं। खुले तारों और बाधित लाइन के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन विभाग मानो किसी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है। लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद न तो निरीक्षण किया गया और न ही मरम्मत दल भेजा गया।


कॉलोनी में रहने वाले परिवारों ने बताया कि लगातार अंधेरे और उमस के कारण उन्हें अपने छोटे बच्चों और बुजुर्गों को लेकर रिश्तेदारों के घर शरण लेनी पड़ी। कई परिवार रात गुजारने के लिए आसपास के इलाकों में भटकते रहे। बिजली नहीं होने से मोटर बंद पड़ी है, जिसके चलते पानी का संकट भी गहरा गया है। पीने के पानी से लेकर दैनिक जरूरतों तक के लिए लोग परेशान हैं।
स्थानीय रहवासियों के मुताबिक, बिजली कंपनी की कार्यप्रणाली पूरी तरह संवेदनहीन हो चुकी है। एक ओर सरकार शहरों में बेहतर बुनियादी सुविधाओं के दावे करती है, वहीं दूसरी ओर शहर के बीचोंबीच बसी कॉलोनी के लोग 10 दिन से अंधेरे में जीने को मजबूर हैं। लोगों ने सवाल उठाया कि आखिर शिकायतों के बाद भी यदि विभाग मौके पर नहीं पहुंचता, तो आम नागरिक जाएं तो जाएं कहां?
इसी गंभीर समस्या को लेकर मंगलवार को बड़ी संख्या में प्रभावित लोग कलेक्टर जनदर्शन पहुंचे। वहां उन्होंने लिखित आवेदन देकर दीनदयाल लोखण्डी रोड अर्चना विहार की बदहाल बिजली व्यवस्था, गिरे खंभों और विभागीय लापरवाही की शिकायत की। लोगों ने बताया कि बिजली कंपनी की उदासीनता अब उनके लिए केवल असुविधा नहीं, बल्कि भय और संकट का कारण बन चुकी है।
रहवासियों का कहना है कि कॉलोनी में लगातार अंधेरा पसरा रहने से सुरक्षा संबंधी खतरे भी बढ़ गए हैं। रात में महिलाएं और बुजुर्ग घरों से बाहर निकलने में डर महसूस कर रहे हैं। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और गर्मी से हालात नारकीय बने हुए हैं।
जनदर्शन पहुंचे लोगों में विभाग के प्रति भारी नाराजगी दिखाई दी। उनका आरोप था कि बिजली कंपनी के अफसर एयरकंडीशंड दफ्तरों में बैठकर केवल फाइलों में व्यवस्था सुधारने का दावा करते हैं, जबकि जमीन पर जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए तड़प रही है। अर्चना विहार की स्थिति ने बिजली व्यवस्था के दावों और विभागीय मॉनिटरिंग की पूरी हकीकत उजागर कर दी है।

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