20 मई को बिलासपुर में मेडिकल स्टोर बंद, केमिस्टों का बड़ा ऐलान; प्रशासन अलर्ट मोड पर, जन औषधि केंद्र और सरकारी मेडिकल स्टोर रहेंगे खुले
बिलासपुर। ऑनलाइन दवा बिक्री व्यवस्था और केंद्र सरकार के जीएसआर नियमों के विरोध में बुधवार 20 मई को बिलासपुर सहित देशभर में मेडिकल कारोबार ठप रहेगा। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर जिला औषधि विक्रेता संघ बिलासपुर ने मेडिकल दुकानों को बंद रखने का ऐलान किया है। मंगलवार को बिलासपुर प्रेस क्लब में आयोजित प्रेसवार्ता में संघ पदाधिकारियों ने ऑनलाइन फार्मेसी व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे मेडिकल व्यवसाय और मरीजों की सुरक्षा दोनों के लिए खतरा बताया।
प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष बिलासपुर एवं प्रदेश अध्यक्ष राकेश शर्मा ने कहा कि यह बंद संगठन की तीन प्रमुख मांगों — GSR 220, GSR 817 और ऑनलाइन दवा बिक्री व्यवस्था — के विरोध में किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कोविड काल में शुरू की गई ऑनलाइन दवा व्यवस्था अब नियंत्रण से बाहर होती जा रही है और इसका बड़े पैमाने पर दुरुपयोग हो रहा है।
राकेश शर्मा ने दावा किया कि अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए फर्जी प्रिस्क्रिप्शन तैयार किए जा रहे हैं और बिना किसी वास्तविक सत्यापन के दवाइयों की सप्लाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि इससे नारकोटिक और साइकोट्रोपिक दवाओं के दुरुपयोग का खतरा तेजी से बढ़ा है। संघ का आरोप है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म केवल कारोबार बढ़ाने पर केंद्रित हैं, जबकि मरीजों की सुरक्षा और दवाओं के सही उपयोग को लेकर कोई जिम्मेदारी तय नहीं है।
उन्होंने कहा कि मेडिकल स्टोरों में मौजूद फार्मासिस्ट मरीजों को दवा की सही जानकारी, डोज, साइड इफेक्ट और उपयोग की पूरी सलाह देते हैं, लेकिन ऑनलाइन सिस्टम में यह पूरी प्रक्रिया सिर्फ “डिलीवरी मॉडल” बनकर रह गई है। इससे गलत दवा सेवन और स्वास्थ्य जोखिम बढ़ने की आशंका है।
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि ऑनलाइन फार्मेसी व्यवस्था से छोटे मेडिकल व्यापारियों के सामने अस्तित्व का संकट खड़ा हो गया है। स्थानीय मेडिकल दुकानों से जुड़े लाखों परिवारों की रोजी-रोटी प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि महामारी, लॉकडाउन और आपदा के समय जब बड़े ऑनलाइन प्लेटफॉर्म नजर नहीं आ रहे थे, तब मोहल्लों और कस्बों के मेडिकल स्टोरों ने लोगों तक दवाइयां पहुंचाकर सेवा दी थी।
प्रेसवार्ता में सच्चानंद तीर्थानी, हरेंद्र सिंह, संजय महोबे, विशाल गोयल, विजय ठाकुर, नरेंद्र शर्मा सहित बड़ी संख्या में दवा व्यवसायी और संघ पदाधिकारी मौजूद रहे। संघ ने सभी केमिस्ट साथियों से 20 मई के बंद को सफल बनाने की अपील की है।
इधर संभावित स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन और खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। प्रशासन ने साफ किया है कि मेडिकल स्टोर बंद रहने के बावजूद आवश्यक दवाओं की उपलब्धता बाधित नहीं होने दी जाएगी।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के मुताबिक, जिला चिकित्सालय सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में संचालित प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र, धन्वंतरि जेनेरिक मेडिकल स्टोर और रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा संचालित मेडिकल स्टोर बुधवार को खुले रहेंगे। यहां से मरीजों को आवश्यक और सस्ती दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
विभाग ने ब्लॉक स्तर पर संपर्क सूची और अधिकारियों के मोबाइल नंबर भी जारी किए हैं ताकि आपातकालीन स्थिति में लोग संबंधित मेडिकल स्टोर या अधिकारियों से संपर्क कर सकें। प्रशासन ने कहा है कि डॉक्टर की पर्ची के आधार पर जरूरतमंदों को आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि घबराहट में अनावश्यक दवाओं की खरीदारी न करें। स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता बनाए रखने के लिए स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सक्रिय कर दी गई हैं।



