
बिलासपुर। बढ़ती महंगाई, पेट्रोल-डीजल की कीमतों, खाद संकट और आम लोगों पर बढ़ते आर्थिक बोझ को लेकर पूर्व कैबिनेट मंत्री उमेश पटेल ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। प्रेस वार्ता के दौरान जारी विस्तृत पत्रक में कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया अपीलों को आम जनता की परेशानियों से जोड़ते हुए कहा कि सरकार अपनी नीतिगत विफलताओं को छिपाने के लिए लोगों को “कम उपयोग” की सलाह दे रही है।
प्रेस वार्ता में आरोप लगाया गया कि देश में डीजल, पेट्रोल और रसोई गैस के संकट के बीच प्रधानमंत्री द्वारा खाद, तेल, गैस और विदेशी यात्रा कम करने की अपील जनता के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसी है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि किसानों को उर्वरक कम उपयोग करने की सलाह देना कृषि उत्पादन और किसानों की आय पर प्रतिकूल असर डाल सकता है।
खाद संकट और किसानों की परेशानी पर सवाल
पत्रक में दावा किया गया कि छत्तीसगढ़ में उर्वरकों की भारी कमी बनी हुई है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि राज्य को जरूरत के मुकाबले बेहद कम मात्रा में खाद उपलब्ध कराया गया है, जिससे किसान महंगा उर्वरक खरीदने और उत्पादन घटने की समस्या से जूझ रहे हैं। बयान में कहा गया कि किसानों की आय दोगुनी करने का वादा करने वाली केंद्र सरकार अब किसानों को उर्वरक कम उपयोग करने की सलाह दे रही है।
“वर्क फ्रॉम होम” सलाह पर भी निशाना
कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री की “वर्क फ्रॉम होम” संबंधी सलाह को लेकर भी सवाल उठाए। प्रेस वार्ता में कहा गया कि देश का बड़ा तबका ऐसा है जो रोज कमाकर खाने पर निर्भर है। रेहड़ी-पटरी व्यवसायी, दिहाड़ी मजदूर और छोटे व्यापारी घर बैठकर काम नहीं कर सकते। ऐसे में यह सलाह जमीनी हकीकत से दूर दिखाई देती है।
महंगाई से बिगड़ा घरेलू बजट
पत्रक में दावा किया गया कि मोदी सरकार के कार्यकाल में आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है। जारी आंकड़ों के अनुसार 2013 की तुलना में 2026 में आटा, चावल, दाल, खाद्य तेल, गैस सिलेंडर, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ा उछाल आया है। कांग्रेस ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई के कारण आम परिवारों का बजट पूरी तरह प्रभावित हो चुका है।
जारी तालिका में बताया गया कि:
रसोई गैस 410 रुपए से बढ़कर करीब 1000 रुपए तक पहुंच गई।
पेट्रोल 66 रुपए से बढ़कर 100 रुपए प्रति लीटर के पार चला गया।
डीजल 52 रुपए से बढ़कर लगभग 95 रुपए प्रति लीटर तक पहुंचा।
सरसों तेल, दालों और मसालों की कीमतों में भी कई गुना वृद्धि दर्ज की गई।
सोने की कीमत और विदेशी दौरों पर भी उठे सवाल
प्रेस वार्ता में कहा गया कि वर्ष 2013 की तुलना में सोने की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि एक ओर आम लोगों को सोना खरीदने से बचने की सलाह दी जा रही है, वहीं दूसरी ओर महंगाई लगातार बढ़ रही है।
इसके साथ ही प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं पर भी सवाल उठाए गए। पत्रक में दावा किया गया कि प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने कई देशों की यात्राओं पर करोड़ों रुपए खर्च किए हैं। कांग्रेस नेताओं ने इसे जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ने के बीच “विरोधाभासी स्थिति” बताया।
पेट्रोल-डीजल संकट और क्रूड ऑयल भंडारण पर हमला
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों में केंद्र सरकार ने क्रूड ऑयल भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए। प्रेस वार्ता में कहा गया कि अंतरराष्ट्रीय संकटों के दौरान देश में ईंधन संकट और कीमतों में बढ़ोतरी का असर इसी वजह से अधिक दिखाई दे रहा है।
“मोदी से देश नहीं संभल रहा” : कांग्रेस
पत्रक के अंतिम हिस्से में कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई और आर्थिक दबाव ने आम आदमी को कर्जदार बना दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार जनता को राहत देने के बजाय उपयोग कम करने की सलाह दे रही है। कांग्रेस ने केंद्र सरकार से महंगाई नियंत्रण, ईंधन कीमतों में राहत और किसानों के लिए पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने की मांग की है।



