अंबिकापुर | 22 मार्च 2026
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में स्थित संजय वन वाटिका में वन्यजीव संरक्षण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यहां 21 मार्च की रात हुई घटना में 15 चीतलों की मौत हो गई, जबकि एक सांभर भी मारा गया। एक अन्य घायल चीतल ने रविवार सुबह दम तोड़ दिया।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, रात के समय पांच से छह आवारा कुत्ते बाड़े के भीतर घुस आए। बताया जा रहा है कि बाड़े की फेंसिंग कमजोर होने के कारण कुत्तों को अंदर प्रवेश करने में कोई खास बाधा नहीं हुई। इसके बाद कुत्तों ने बाड़े में मौजूद हिरण प्रजाति के वन्यजीवों पर हमला कर दिया, जिसमें बड़ी संख्या में चीतल मारे गए।

रातभर हमला, सुबह खुला मामला
घटना रात में हुई, लेकिन इसकी जानकारी पार्क प्रबंधन और वन विभाग को अगले दिन सुबह मिली। इससे निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, रात में न तो कोई प्रभावी गश्त थी और न ही तत्काल अलर्ट सिस्टम सक्रिय था।
वन्यजीवों के संरक्षण के लिए बनाए गए इस परिसर में इतनी बड़ी घटना का देर से सामने आना प्रबंधन की निगरानी व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े करता है।
फेंसिंग बनी सबसे बड़ी कमजोरी
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि बाड़े की फेंसिंग कमजोर थी और कई जगहों पर क्षतिग्रस्त भी बताई जा रही है। इसी का फायदा उठाकर आवारा कुत्ते भीतर पहुंच गए।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे संरक्षित क्षेत्रों में डबल लेयर फेंसिंग, नियमित निरीक्षण और रात्रि गश्त अनिवार्य होती है। यहां इन व्यवस्थाओं की स्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
शवों को जल्दबाजी में जलाया गया
घटना के बाद वन विभाग ने मृत वन्यप्राणियों के शवों को जल्दबाजी में जला दिया। इस कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं कि क्या पूरी तरह से पोस्टमार्टम और वैज्ञानिक परीक्षण की प्रक्रिया का पालन किया गया या नहीं।
संरक्षण बनाम असुरक्षा
जिस स्थान को वन्यजीवों के संरक्षण और सुरक्षित आवास के रूप में विकसित किया गया था, वहीं अब उनकी सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
इस घटना ने यह मुद्दा भी उठाया है कि क्या ऐसे वाटिकाओं में वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए निर्धारित मानकों का पालन किया जा रहा है या नहीं।
प्रमुख बिंदु
21 मार्च की रात की घटना
15 चीतल और 1 सांभर की मौत
एक घायल चीतल ने सुबह तोड़ा दम
5-6 आवारा कुत्तों के हमले की जानकारी
फेंसिंग कमजोर होने से घुसे कुत्ते
रात में निगरानी और गश्त पर सवाल
सुबह मिली घटना की जानकारी
शवों को तत्काल जलाया गया
जांच की तैयारी
घटना के बाद वन विभाग ने मामले की जांच की बात कही है। स्थानीय प्रशासन और विभागीय टीमों ने मौके का निरीक्षण भी किया है।
यह घटना सरगुजा क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण व्यवस्था की वर्तमान स्थिति को लेकर व्यापक चर्चा का विषय बन गई है।



