बिलासपुर। जिले में पढ़ रहे हजारों विद्यार्थियों की अपार आईडी (APAAR ID) निर्माण प्रक्रिया में लापरवाही बरतने वाले 15 अशासकीय विद्यालयों पर अब सख्त कार्रवाई की तैयारी है।
कार्यालय कलेक्टर एवं जिला मिशन संचालक, समग्र शिक्षा बिलासपुर की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में स्पष्ट किया गया है कि बार-बार निर्देश देने के बावजूद कई स्कूलों में यू-डाइस (UDISE) पोर्टल पर आधार नंबर और अपार आईडी एंट्री का कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है।

कलेक्टर बिलासपुर ने इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए संबंधित स्कूलों को मान्यता रद्द करने से पहले अंतिम चेतावनी जारी की है।
इन 15 स्कूलों को जारी हुआ स्पष्टीकरण नोटिस
लोयला उ.मा. विद्यालय
ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल, बहतराई
फेरीक्वीन विद्यालय, भारतीय नगर
एसईसी रेलवे अंग्रेजी माध्यम विद्यालय
ड्रीमलैण्ड, अरविंद नगर बिलासपुर
बर्जेश अंग्रेजी माध्यम विद्यालय
चैतन्य टेक्नो, तोरवा
सेंट फ्रांसिस अंग्रेजी माध्यम
फ्रेग्रेश कॉन्वेंट
फ्यूचर साइन अंग्रेजी माध्यम
न्यू एम्बिशन पब्लिक स्कूल
सीता देवी, नेवसा
जैन इंटरनेशनल स्कूल
विवेकानंद उ.मा., बसहा
केन्द्रीय जेल, बिलासपुर
क्या है मामला?
जिले के सभी शासकीय और अशासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों की अपार आईडी यूडाइस पोर्टल के माध्यम से बनाई जा रही है।
लेकिन समीक्षा में पाया गया कि कुछ स्कूलों ने—
विद्यार्थियों के आधार नंबर की एंट्री नहीं की
अपार आईडी निर्माण बेहद कम संख्या में किया
उच्च कार्यालय के निर्देशों की अनदेखी की
इसी को लेकर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है।
प्रशासन की दो टूक चेतावनी
जिला मिशन समन्वयक, समग्र शिक्षा बिलासपुर ने स्पष्ट किया है कि:
निर्धारित समय सीमा में अपार आईडी और आधार एंट्री का कार्य पूर्ण किया जाए।
अन्यथा संबंधित विद्यालयों की मान्यता रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी।
क्यों जरूरी है अपार आईडी?
प्रत्येक छात्र का डिजिटल शैक्षणिक रिकॉर्ड
भविष्य में स्थानांतरण और छात्रवृत्ति में सुविधा
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत एकीकृत छात्र पहचान
अब क्या होगा?
संबंधित विद्यालयों को समयावधि में संतोषप्रद स्पष्टीकरण देना होगा।
यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिला, तो प्रशासन सीधे मान्यता रद्द करने की कार्रवाई कर सकता है।

