
गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश)।
डिजिटल दुनिया की एक खतरनाक सच्चाई गाजियाबाद में सामने आई है, जहाँ ऑनलाइन गेम की लत ने एक ही परिवार की तीन मासूम बेटियों की जान ले ली। थाना टीला मोड़ क्षेत्र के भारत सिटी में रहने वाली तीन नाबालिग सगी बहनों की सामूहिक मौत ने न सिर्फ परिवार, बल्कि पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है। यह घटना बच्चों में बढ़ती मोबाइल-लत और अभिभावकीय असहायता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
एक ही परिवार की तीन बेटियाँ, तीनों नाबालिग
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक बहनों की पहचान—
निशिका (उम्र 16 वर्ष)
प्राची (उम्र 14 वर्ष)
पाखी (उम्र 12 वर्ष)
के रूप में हुई है। तीनों बहनें अपने माता-पिता के साथ भारत सिटी की एक बहुमंज़िला सोसायटी में रहती थीं।
कोरियन टास्क-बेस्ड ऑनलाइन गेम का असर
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तीनों बहनें एक ऑनलाइन टास्क आधारित कोरियन लव गेम खेला करती थीं। यह गेम खिलाड़ियों को लगातार टास्क पूरा करने, भावनात्मक जुड़ाव और समय देने के लिए प्रेरित करता है। पुलिस का मानना है कि गेम का प्रभाव बच्चियों पर इतना गहरा था कि वे वास्तविक दुनिया से कटती चली गईं।
कोरोना काल में शुरू हुई लत
परिवार और पुलिस सूत्रों के अनुसार, बच्चियों को यह गेम कोरोना महामारी के दौरान लगा, जब स्कूल बंद थे और बच्चों का अधिकांश समय मोबाइल पर बीतने लगा। धीरे-धीरे गेम शौक से आदत और फिर लत में बदल गया।
पढ़ाई और दिनचर्या से दूरी
जांच में यह भी तथ्य सामने आया है कि तीनों बच्चियों की स्कूल उपस्थिति नियमित नहीं थी। मोबाइल गेम खेलने में अधिक समय देने के कारण उनकी पढ़ाई, सामाजिक संपर्क और दिनचर्या प्रभावित हो रही थी।
गेम से रोके जाने पर तनाव
सूत्रों के मुताबिक, परिवार ने हाल के दिनों में बच्चियों को मोबाइल और ऑनलाइन गेम से दूर रहने के लिए समझाया और रोका था। इसी बात को लेकर बच्चियाँ मानसिक तनाव में थीं। पुलिस इस पहलू की गहराई से जांच कर रही है कि आखिर किस स्तर तक गेम का प्रभाव उन पर हावी था।
पिता सदमे में, मां की हालत बिगड़ी
तीनों बहनों के पिता चेतन कुमार इस घटना के बाद से गहरे सदमे में हैं। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की जानकारी मिलते ही सोसायटी में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग भी स्तब्ध रह गए।
पुलिस जांच जारी
थाना टीला मोड़ पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। मोबाइल फोन, गेम एप्लीकेशन, चैट हिस्ट्री और डिजिटल गतिविधियों की तकनीकी जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पड़ताल कर रही है कि कहीं गेम के जरिए बच्चियों पर किसी तरह का मानसिक दबाव या टास्क आधारित उकसावा तो नहीं था।



