जशपुर जिले का मामला
00 मांस बनाया जा रहा था
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छत्तीसगढ़। जशपुर जिले में गौवंश वध की गंभीर घटना:
छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में गौवंश वध के एक सनसनीखेज मामले में नारायणपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 14 आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया। यह घटना ग्राम बेहराखार की है, जहां चोरी-छिपे गौवंश का वध कर मांस बनाया जा रहा था।
घटना का विवरण:
24 नवंबर 2024 को थाना नारायणपुर को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम बेहराखार में अशविन कुजूर के घर में गौवंश का वध किया जा रहा है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी उप निरीक्षक सतीश सोनवानी के नेतृत्व में पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। टीम ने देखा कि आरोपी गौवंश का वध कर मांस तैयार कर रहे थे और कुछ लोग मांस खा भी रहे थे।
मौके पर जब्ती:
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मौके से कई महत्वपूर्ण सबूत बरामद किए:
1. 10 किलो गौमांस (2 अलग-अलग कड़ाही में पकाया हुआ)
2. 1 टांगी (धारदार हथियार)
3. 2 लोहे की बैठी
4. गौवंश के अवशेष (सफेद प्लास्टिक बोरे में)
गिरफ्तार आरोपियों की सूची:
1. रोहित कुजूर (28 वर्ष)
2. संजय कुजूर (32 वर्ष)
3. अशविन कुजूर (32 वर्ष)
4. अनुरंजन कुजूर (25 वर्ष)
5. दीप कुमार तिर्की (25 वर्ष)
6. बरथोलुयिस लकड़ा (50 वर्ष)
7. प्रकाश तिर्की (45 वर्ष)
8. पोलडेक लकड़ा (35 वर्ष)
9. रानू कुजूर (31 वर्ष)
10. अजमेस लकड़ा (25 वर्ष)
11. संदीप कुजूर (35 वर्ष)
12. तेलेस्फोर कुजूर (57 वर्ष)
13. नवीन मिंज (30 वर्ष)
14. आशीष टोप्पो (28 वर्ष)
⚖️ कानूनी कार्रवाई:
आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ पशु संरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 और भारतीय दंड संहिता (BNS) की धारा 325, 3(5) के तहत मामला दर्ज कर सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस टीम का योगदान:
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी उप निरीक्षक सतीश सोनवानी के साथ उप निरीक्षक शिव कुमार यादव, सहायक उप निरीक्षक भिनसेंट टोप्पो, प्रधान आरक्षक अजय कुजूर, रंजीत खलखो, पूरन चंद पटेल, बल्थाजर तिग्गा, प्रदीप भगत, जीवन मसीह और अन्य पुलिसकर्मियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
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पुरानी घटना: छत्तीसगढ़ में गौवंश वध का इतिहास
छत्तीसगढ़ में गौवंश वध की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। पिछले कुछ वर्षों में राज्य में गौवंश संरक्षण को लेकर कड़े कानून लागू किए गए हैं। वर्ष 2023 में भी बस्तर और रायगढ़ जिलों में इसी तरह की घटनाएं सामने आई थीं, जिनमें पुलिस ने कठोर कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
राज्य सरकार ने गौवंश की सुरक्षा के लिए विशेष अभियान भी चलाए हैं और गौ तस्करी पर सख्ती से रोक लगाने के आदेश दिए गए हैं।
सरकार और पुलिस प्रशासन का कड़ा संदेश:
छत्तीसगढ़ पुलिस प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि गौवंश संरक्षण कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि पुलिस प्रशासन सतर्क है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
पुलिस की अपील:
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि अगर किसी को गौ तस्करी या गौवंश वध की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस को सूचित करें।
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