Latest news

बड़ी खबर … सराफा  कारोबार में सुरक्षा को लेकर ऐतिहासिक फैसला, नवापारा–राजिम लूटकांड के बाद छत्तीसगढ़ में सख्त कदम, सर्राफा दुकानों में हेलमेट और बुर्का पहनकर प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
3 Min Read

रायपुर/बिलासपुर।
नवापारा–राजिम क्षेत्र में हुई सराफा फा लूट की सनसनीखेज वारदात ने प्रदेशभर के स्वर्णकारों और सराफा व्यापारियों को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना के बाद सर्राफा कारोबार से जुड़े व्यापारियों में आक्रोश के साथ-साथ गहरी असुरक्षा की भावना सामने आई है। इसी पृष्ठभूमि में छत्तीसगढ़ प्रदेश सर्राफा एसोसिएशन ने सुरक्षा को लेकर एक आपातकालीन और उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की, जिसमें प्रदेशभर के प्रमुख सराफा व्यापारी और पदाधिकारी शामिल हुए।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई इस बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष श्री कमल सोनी ने की। बैठक में हालिया लूटकांड, सर्राफा दुकानों की वर्तमान सुरक्षा व्यवस्था और अपराधियों के बढ़ते दुस्साहस पर विस्तृत चर्चा हुई। चर्चा के बाद एसोसिएशन ने सर्वसम्मति से एक अहम और सख्त निर्णय लिया, जिसे प्रदेशभर में लागू करने की सहमति बनी।

चेहरा ढंककर आने वालों पर सख्त रोक
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अब छत्तीसगढ़ प्रदेश की किसी भी सर्राफा दुकान में हेलमेट या बुर्का पहनकर आने वाले किसी भी व्यक्ति को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। एसोसिएशन का मानना है कि चेहरे ढंके होने की स्थिति में सीसीटीवी कैमरों में स्पष्ट पहचान संभव नहीं हो पाती, जिसका फायदा अपराधी उठाते रहे हैं। इस फैसले को सर्राफा कारोबार की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
प्रदेशभर के दिग्गज व्यापारियों की भागीदारी
इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश के विभिन्न जिलों से जुड़े सर्राफा संगठनों के वरिष्ठ पदाधिकारी और प्रमुख व्यापारी मौजूद रहे। बैठक में शामिल प्रमुख नाम इस प्रकार हैं—
कमल सोनी (प्रदेश अध्यक्ष)
प्रकाश गोलचा (बिलासपुर)
हर्षवर्धन जैन (रायपुर)
प्रदीप घोरपोड़े (रायपुर)
संजय कुमार कनुगा (रायपुर)
उत्तमचंद भंडारी (दुर्ग)
पवन अग्रवाल (बिलासपुर)
राजू दुग्गड़ (बस्तर)
राजेश सोनी (सरगुजा)
बैठक के दौरान सभी पदाधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की सुरक्षा स्थिति, हालिया घटनाओं और सर्राफा दुकानों में अपराध के बदलते तरीकों पर अपने विचार साझा किए।
सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता


प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी ने बैठक में सर्राफा व्यापारियों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई। उन्होंने सर्राफा दुकानों में बढ़ती लूट और चोरी की घटनाओं का उल्लेख करते हुए सरकार और पुलिस प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित किया। उन्होंने नवापारा–राजिम लूटकांड में शामिल आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और सर्राफा व्यापारियों को प्रभावी सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग भी रखी।
सर्राफा एसोसिएशन की इस बैठक और फैसले को प्रदेश के व्यापारिक जगत में व्यापक रूप से चर्चा का विषय माना जा रहा है। नवापारा–राजिम की घटना के बाद लिया गया यह निर्णय न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि अन्य राज्यों के सर्राफा संगठनों के लिए भी एक अहम उदाहरण के तौर पर देखा जा रहा है।

खबर को शेयर करने के लिए क्लिक करे।।