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छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के काफिले की 4 गाड़ियाँ आपस में टकराईं, बाल-बाल बचीं मंत्री… मंत्री नेतामऔर राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष हर्षिता भी हादसे में हो चुकी हैं घायल

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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हादसे में क्षतिग्रस्त कार।

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के राजपुर में रविवार को एक सड़क हादसे में छत्तीसगढ़ की महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का काफिला दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह हादसा नेशनल हाईवे-343 पर हुआ, जब काफिले के एक वाहन चालक ने अचानक एक हाइवा से बचने के लिए ब्रेक लगाया। इस दौरान पीछे आ रहीं चार गाड़ियाँ आपस में टकरा गईं। हालांकि, इस दुर्घटना में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े पूरी तरह सुरक्षित रहीं। इसके पहले 3 दिन के भीतर दो अलग-अलग हादसे में कैबिनेट मंत्री राम विचार नेताम और राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष हर्षिता पांडे भी घायल हो चुकी हैं।

कैसे हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार, काफिला राजपुर से कुसमी की ओर जा रहा था। इसी बीच, हाईवे पर अचानक एक हाइवा सामने आ गया, जिसके चलते काफिले के पहले वाहन को ब्रेक लगाना पड़ा। इस अप्रत्याशित ब्रेकिंग के कारण पीछे की गाड़ियाँ एक-दूसरे से टकरा गईं। मंत्री की गाड़ी भी एक अन्य वाहन से टकराई, लेकिन सुरक्षा उपायों की वजह से कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।

मंत्री ने दी जानकारी

घटना के बाद मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने मीडिया से बातचीत में कहा, “यह एक छोटा सा हादसा था। मुझे हल्की झपकी आ गई थी, लेकिन भगवान की कृपा से सभी लोग सुरक्षित हैं। किसी को भी चोट नहीं आई।” हादसे के तुरंत बाद मंत्री को स्वास्थ्य जांच के लिए राजपुर अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें पूरी तरह स्वस्थ बताया।

कार्यक्रम में हुईं शामिल

अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने अपना कार्यक्रम जारी रखा और दूसरे वाहन से कुसमी रवाना हुईं। वे कुसमी में आयोजित फुटबॉल मैच के समापन समारोह में भाग लेने जा रही थीं।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

यह घटना लगातार हो रहे सड़क हादसों की कड़ी में एक और उदाहरण है। हाल ही में दो दिन पहले ही मंत्री रामविचार नेताम भी एक सड़क दुर्घटना में घायल हो गए थे। इन घटनाओं ने वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था और सड़क सुरक्षा प्रबंधन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

### सड़क हादसे और सुरक्षा:
लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाएँ यह सवाल खड़ा करती हैं कि क्या काफिलों की सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त है? नेशनल हाईवे पर भारी वाहनों की अनियमित आवाजाही और लापरवाही से होने वाले हादसे आम हो गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सुरक्षा मानकों को और कड़ा किया जाना चाहिए, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

राजपुर पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है और जल्द ही जिम्मेदारों पर कार्रवाई की बात कही है।

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