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प्यार, साजिश या ब्लैकमेल? रायपुर की महिला DSP पर व्यापारी से ढाई करोड़ रुपये, कार, होटल और हीरे की अंगूठी ऐंठने का सनसनीखेज आरोप

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
7 Min Read


कथित लव-स्कैम ने हिलाया छत्तीसगढ़ पुलिस महकमा, व्यापारी ने वीडियो-चैट, व्हाट्सएप लॉग और CCTV को सबूत बताया; DSP ने कहा—“ये सब मेरे खिलाफ सोची-समझी साज़िश”
रायपुर/बिलासपुर।


छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक हाई-प्रोफाइल लव-स्कैम और ब्लैकमेलिंग का मामला पूरे राज्य की पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर रहा है। रायपुर की महिला DSP कल्पना वर्मा पर शहर के एक जाने-माने कारोबारी दीपक टंडन ने आरोप लगाया है कि उन्होंने बातचीत और भरोसे का रिश्ता बनाकर उन्हें आर्थिक, मानसिक और सामाजिक रूप से शोषित किया। व्यापारी के मुताबिक, यह रिश्ता 2021 से 2024 तक चलता रहा, जिसके दौरान महिला अधिकारी ने:
₹2 करोड़ से अधिक की नकद/ऑनलाइन राशि,
12 लाख की हीरे की अंगूठी,
5 लाख की गोल्ड चेन और ईयर-टॉप्स,
1 लाख का ब्रेसलेट,
एक इनोवा क्रिस्टा कार,
और अंत में रायपुर की VIP रोड स्थित उनके एक होटल प्रॉपर्टी पर दावा
अपने नाम या अपने भाई के नाम करवाया।
व्यापारी ने पुलिस को व्हाट्सएप चैट्स, वीडियो-कॉल रिकार्ड, CCTV फुटेज, बैंक लेनदेन, और वाहन/प्रॉपर्टी दस्तावेज सबूत के तौर पर सौंपे हैं।
दूसरी ओर DSP कल्पना वर्मा ने इन आरोपों को बदनाम करने की एक सोची-समझी साज़िश बताया है और कहा है—
“मैं किसी भी तरह की जांच के लिए तैयार हूं। यह सब झूठ और फर्जी कहानी है।”
कैसे शुरू हुआ पूरा मामला – वर्ष 2021 से रिश्ता 2024 तक?
पहली मुलाकात (2021)
व्यापारी दीपक टंडन के अनुसार, 2021 में उनकी पहली मुलाकात DSP कल्पना वर्मा से हुई। दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और फिर लगातार संपर्क होने लगा।
रिश्ता गहराया, और आर्थिक मांगें शुरू हुईं
व्यापारी का दावा है:
शुरुआत “इमोशनल सपोर्ट” और “क्लोज रिलेशन” के नाम पर हुई।
फिर समय-समय पर पैसे की “जरूरत” बताई गई।
रकम छोटी-छोटी थी, फिर Lakhs → Tens of Lakhs → Crores तक जाती गई।
सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात व्यापारी का यह दावा है कि DSP ने उनसे कहा था—
“हम दोनों शादी करेंगे, लेकिन इसके लिए अभी कुछ आर्थिक मदद की जरूरत है।”
क्या-क्या दिया गया? आरोपों की सूची
पीड़ित ने पुलिस को निम्नलिखित आर्थिक वस्तुएं और रकम देने का दावा किया है:
₹2 करोड़+ नकद और ऑनलाइन पेमेंट
विभिन्न महीनों में कई बार धनराशि दी गई। व्यापारी के पास कथित तौर पर:
बैंक स्टेटमेंट,
कैश निकासी रिकॉर्ड,
ट्रांजैक्शन चैट
सबूत के रूप में हैं।
12 लाख रुपये की हीरे की अंगूठी
ज्वेलरी शॉप की CCTV व बिल की कॉपी पुलिस को सौंपी गई।
सोने की चेन और टॉप्स – ₹5 लाख
ज्वेलर्स के बिल व्यापारी ने पेश किए।
ब्रेसलेट – ₹1 लाख
इनोवा क्रिस्टा कार
कार व्यापारी के नाम से खरीदी गई,
बाद में कथित रूप से DSP ने इसे अपने इस्तेमाल में ले लिया।
होटल प्रॉपर्टी पर कब्जे का दावा
यह सबसे बड़ा आरोप है:
व्यापारी के VIP रोड स्थित एक होटल की डील
DSP के दबाव में
उनके भाई के नाम
बाद में 30 लाख रुपये खर्च कर अपने नाम कराने का आरोप।
सबूत क्या-क्या सौंपे गए?
दीपक टंडन ने खम्हारडीह थाने में शिकायत देते हुए ये सबूत प्रस्तुत किए:
व्हाट्सएप चैट्स (वीडियो कॉल लॉग सहित)
CCTV फुटेज
होटल प्रॉपर्टी के दस्तावेज/एग्रीमेंट
ज्वेलरी शॉप के बिल
बैंक लेनदेन का विवरण
कार के कागज़ात
उन्होंने यह भी कहा कि:
“जैसे ही मैंने पैसे देना बंद किया और शिकायत वापस लेने से मना किया, DSP ने मुझे फर्जी केस में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दी।”
DSP कल्पना वर्मा की प्रतिक्रिया — “यह सब एक झूठी कहानी”
NDTV, Navbharat Times और अन्य प्लेटफॉर्म पर दिए बयानों में DSP कल्पना वर्मा ने कहा:
“यह पूरे मामले को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।”
“यह मेरी छवि खराब करने की कोशिश है।”
“मुझे राजनीतिक/निजी कारणों से फंसाया जा रहा है।”
“मैं निष्पक्ष जांच के लिए पूरी तरह तैयार हूं।”
उन्होंने इस बात से भी इंकार किया कि किसी प्रकार की आर्थिक लेनदेन या शादी का वादा किया गया हो।
जांच – क्या कर रही है पुलिस?
मामला खम्हारडीह थाना में दर्ज है।
वरिष्ठ अधिकारियों ने इसे उच्च प्राथमिकता पर लेते हुए जांच शुरू की है।
मामले में डिजिटल फॉरेंसिक,
CCTV/चैट सत्यापन,
प्रॉपर्टी/वाहन दस्तावेज जांच
की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है।
उच्च स्तर पर यह प्रश्न उठाया जा रहा है कि:
क्या यह रिश्ता सहमति का था?
क्या इसमें वित्तीय शोषण हुआ?
क्या धमकी/ब्लैकमेलिंग के प्रमाण हैं?
क्या प्रॉपर्टी ट्रांसफर धोखाधड़ी के दायरे में आता है?
जांच आगे इन पहलुओं को तय करेगी।
मामले का पलटवार – सोशल मीडिया पर ‘लव-स्कैम चैट्स’ भी वायरल
Navbharat Times और सोशल मीडिया रिपोर्स के अनुसार:
कई अनवेरिफाइड चैट्स वायरल हुए हैं,
जिनमें “इमोशनल कनेक्शन” और “शादी” का जिक्र है,
लेकिन उनकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है।
पुलिस ने स्पष्ट कहा है कि वायरल चैट्स की प्रमाणिकता अभी जांच में है
इस मामले का व्यापक असर — पुलिस सिस्टम, समाज और पावर का समीकरण
यह सिर्फ एक व्यक्तिगत विवाद नहीं, बल्कि कई बड़े सवाल खड़े करता है:
1. पुलिस पद का दुरुपयोग हुआ?
यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह पावर-अब्यूज का गंभीर मामला होगा।
2. क्या यह बड़ा लव-स्कैम नेटवर्क का हिस्सा है?
कई अधिकारियों द्वारा रिश्तों, भरोसे और भावनाओं का इस्तेमाल कर आर्थिक शोषण करने के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं।
3. पीड़ित व्यापारी की विश्वसनीयता की जांच जरूरी
क्योंकि मामला कई वर्षों तक चला—
क्या यह सहमति-सम्बंध था?
क्या बाद में निजी विवाद बढ़ा?
4. सोशल मीडिया ने केस को हाई-प्रोफाइल बना दिया
इससे जांच एजेंसियां अब और अधिक दबाव में हैं।
राष्ट्रीय महत्व का मामला क्यों बना?
आरोपी पुलिस अधिकारी (DSP रैंक)
रकम ढाई करोड़ से अधिक
आर्थिक लेनदेन 3 साल तक लगातार
प्रॉपर्टी ट्रांसफर तक विवाद।
चैट्स और वीडियो की कथित मौजूदगी।
आरोप और पलटवार दोनों ही बेहद तीखे।
इस वजह से अब यह छत्तीसगढ़ ही नहीं, देशभर का हाई-प्रोफाइल केस बन चुका है।
अभी कहानी किस मोड़ पर खड़ी है?
FIR दर्ज है।
जांच जारी है।
दोनों पक्ष अपने दावे पर कायम हैं।
सबूतों की फॉरेंसिक जांच होगी।
फैसला जांच रिपोर्ट तय करेगी।

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