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गाइडलाइन दरों में बड़ा बदलाव — केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड ने दिए अहम निर्णय, रियल एस्टेट सेक्टर में आएगी नई पारदर्शिता

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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रायपुर, 08 दिसंबर 2025।
प्रदेश में गाइडलाइन दरों और मूल्यांकन उपबंधों को लेकर पिछले कई महीनों से चल रहा विवाद और असमंजस अब दूर होता दिख रहा है। सुझावों, ज्ञापनों और विभिन्न प्लेटफॉर्मों पर उठाए गए मुद्दों के व्यापक परीक्षण के बाद केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड ने सोमवार को महत्वपूर्ण बैठक में बड़े फैसले लिए। इन निर्णयों को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। माना जा रहा है कि इन बदलावों से रियल एस्टेट सेक्टर को नई दिशा मिलेगी, वर्टिकल डेवलपमेंट को गति मिलेगी और आम नागरिकों के लिए संपत्ति खरीद-फरोख्त की प्रक्रिया पहले से अधिक सरल और पारदर्शी होगी।
1400 वर्ग मीटर तक की इंक्रीमेंटल गणना प्रणाली समाप्त
बैठक में सबसे बड़ा फैसला नगरीय क्षेत्रों में 1400 वर्ग मीटर तक के भूखंडों की इंक्रीमेंटल आधार वाली गणना प्रणाली को समाप्त करने का रहा। काफी समय से इसकी जटिलता को लेकर आपत्तियां उठ रही थीं। अब पुनः पूर्व प्रचलित नियम लागू होंगे—
नगर निगम क्षेत्र : 50 डेसिमल तक स्लैब दर से मूल्यांकन
नगर पालिका क्षेत्र : 37.5 डेसिमल तक स्लैब दर
नगर पंचायत क्षेत्र : 25 डेसिमल तक स्लैब दर
इस बदलाव से न सिर्फ मूल्यांकन प्रक्रिया सरल होगी, बल्कि पिछली वृद्धि के बाद उत्पन्न विवादों को भी काफी हद तक शमन मिलेगा।
सुपर बिल्ट-अप एरिया का प्रावधान खत्म — अब बिल्ट-अप एरिया से मूल्यांकन
बहुमंजिला इमारतों में फ्लैट, दुकान और ऑफिस स्पेस के मूल्यांकन में अब बड़ा बदलाव लागू कर दिया गया है।
लंबे समय से लागू वो प्रावधान, जो मध्यप्रदेश शासन के दौर से जारी था—सुपर बिल्ट-अप एरिया के आधार पर मूल्यांकन—अब समाप्त कर दिया गया है।
अब मूल्यांकन पूरी तरह बिल्ट-अप एरिया के आधार पर होगा।
इस बदलाव से—
खरीदारों के लिए मूल्य निर्धारण अधिक पारदर्शी होगा,
वर्टिकल डेवलपमेंट को सहजता मिलेगी,
और शहरी भूमि का बेहतर उपयोग संभव होगा।
बहुमंजिला भवनों और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स पर नई छूट
केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड ने मूल्यांकन में रियायत के नए प्रावधान भी लागू किए हैं—
बेसमेंट और प्रथम तल : 10% कमी
द्वितीय तल और उससे ऊपर : 20% कमी
रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि यह छूट मध्यमवर्गीय खरीदारों को राहत देगी और किफायती फ्लैटों की उपलब्धता बढ़ेगी।
मुख्य मार्ग से दूरी के आधार पर 25% की छूट
कमर्शियल कॉम्प्लेक्सों में उन संपत्तियों के लिए भी राहत दी गई है जो मुख्य मार्ग से 20 मीटर से अधिक दूरी पर स्थित हैं।
ऐसे भूखंडों का मूल्यांकन 25% कमी के साथ किया जाएगा।
यह दूरी मुख्य मार्ग की दिशा से निर्मित हिस्से से मापी जाएगी।
इस निर्णय को अधिक व्यवहारिक और वास्तविक स्थिति आधारित माना जा रहा है, जिससे मूल्यांकन विवादों में कमी आने की संभावना है।
जिला मूल्यांकन समितियों को 31 दिसंबर तक प्रस्ताव भेजने के निर्देश
दरें बढ़ने के बाद प्रदेश भर में प्राप्त आपत्तियों, ज्ञापनों और सुझावों को देखते हुए केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड ने जिलेवार समीक्षा की प्रक्रिया भी आरंभ कर दी है।
जिला मूल्यांकन समितियों को निर्देशित किया गया है कि—
सभी प्राप्त आपत्तियों का परीक्षण कर
31 दिसंबर तक गाइडलाइन दरों में संशोधन के विस्तृत प्रस्ताव भेजें।
बोर्ड इन प्रस्तावों पर परीक्षण के बाद आगामी गाइडलाइन दरों पर अंतिम निर्णय लेगा।
रियल एस्टेट सेक्टर में स्थिरता और पारदर्शिता लाने वाले निर्णय
इन सभी निर्णयों को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
पिछले दिनों गाइडलाइन दरों में वृद्धि को लेकर कई प्लेटफॉर्मों पर चर्चा, विरोध और असमंजस की स्थितियां बनी थीं। मूल्यांकन की नई व्यवस्था से—
विवादों में कमी आएगी,
निवेशकों और खरीदारों का भरोसा बढ़ेगा,
और प्रदेश में रियल एस्टेट सेक्टर को स्थिरता मिलेगी।
राज्य सरकार का उद्देश्य किफायती आवास को बढ़ावा देना और रियल एस्टेट को नई गति देना है, जिसके लिए ये निर्णय बड़े सुधार के रूप में देखे जा रहे हैं।

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