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50 लाख के जेवरात बरामद… पर पुलिस हिरासत में आरोपी की संदिग्ध मौत! बलरामपुर में हिल गया सिस्टम, सवालों के घेरे में पुलिस की कार्रवाई

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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बलरामपुर (छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में पुलिस हिरासत में एक आरोपी की संदिग्ध मौत ने पूरे सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 50 लाख रुपये के चोरी के जेवरात बरामद करने के दावे के बीच 9 गिरफ्तार आरोपियों में शामिल उमेश सिंह (निवासी—नकना, थाना सीतापुर, जिला सरगुजा) की मौत ने पुलिस की कार्यप्रणाली, हिरासत में सुरक्षा और मेडिकल सावधानियों पर बड़ा प्रश्नचिन्ह लगा दिया है।
एक सप्ताह पहले हुई ज्वेलरी शॉप की बड़ी चोरी के खुलासे के बाद पुलिस ने दावा किया था कि गिरोह को पकड़कर जेवर बरामद कर लिए गए। लेकिन शनिवार की सुबह वही आरोपी, जिसे बरामदगी के लिए ले जाया गया था, अचानक रास्ते में मौत के मुंह में चला गया—यह घटनाक्रम संदेह और तनाव दोनों को बढ़ा रहा है।
4 बजे की अचानक घटना… रास्ते में बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में मौत
पुलिस सूत्रों के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 4 बजे पुलिस टीम जेवरात बरामद कर लौट रही थी। तभी रास्ते में आरोपी उमेश सिंह की तबीयत बिगड़ गई। उसे आनन-फानन में जिला अस्पताल लाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। अस्पताल के बाहर स्थिति न बिगड़े, इसलिए पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।
पुलिस का दावा—‘आरोपी सिकल सेल से पीड़ित’
पुलिस का कहना है कि मृतक उमेश सिंह सिकल सेल बीमारी से पीड़ित था और यह जानकारी उसके परिजनों को दे दी गई है। हालांकि यह दावा नए सवाल पैदा कर रहा है:
यदि आरोपी गंभीर बीमारी से ग्रस्त था, तो उसे बिना मेडिकल टीम के लंबी बरामदगी यात्रा पर क्यों ले जाया गया?
क्या हिरासत में रहते हुए उसे समय पर दवाई या उचित मेडिकल मॉनिटरिंग मिल रही थी?
क्या पुलिस ने मेडिकल प्रोटोकॉल का पालन किया था?
इन सवालों पर अब जांच की आंच तेज हो सकती है।
पिछली चोरी, 9 आरोपी और बरामदगी का ‘चमकदार’ दावा
बलरामपुर ज्वेलरी शॉप में हुई चोरी को पुलिस ने 9 आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ हल करने का दावा किया था। बरामदगी में लगभग 50 लाख रुपये के कीमती जेवरात शामिल होने की खबर थी। इन्हीं में से एक आरोपी उमेश सिंह को बरामदगी के दौरान संदिग्ध परिस्थिति में मौत का सामना करना पड़ा।
पोस्टमॉर्टम और जांच… जिला अस्पताल में तनाव
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने अस्पताल परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए मोर्चरी में रखा गया है। बड़ी चोरी, भारी बरामदगी और हिरासत में मौत—यह पूरा मामला अब जांच एजेंसियों की कड़ी निगरानी में है। परिजनों की ओर से प्रतिक्रियाओं का इंतजार है।

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