Latest news

सूफी विरासत का नया सूरज छत्तीसगढ़ में…

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
3 Min Read

मोहम्मद इसराइल बबलू

सीएम के हाथों जश्ने–क़ादरी का पोस्टर विमोचित, बग़दाद शरीफ़ के सज्जादा नशीन अफ्रीफ़ुद्दीन अफीफ़ी मियाँ पहली बार बिलासपुर आएंगे

रायपुर/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की रूहानी दुनिया 15 नवंबर 2025 को एक ऐतिहासिक पल का गवाह बनने जा रही है। बिलासपुर में होने वाले “जश्ने–क़ादरी अल-जीलानी सूफी कॉन्फ़्रेन्स” के पोस्टर का भव्य विमोचन प्रदेश के मुख्यमंत्री ने स्वयं अपने हाथों किया, जिसने इस आयोजन को सरकारी स्तर पर भी विशेष महत्व प्रदान कर दिया। पोस्टर विमोचन के साथ ही देश–विदेश से आने वाली सूफी हस्तियों पर सबकी निगाहें टिक गई हैं।
इस कॉन्फ़्रेन्स को खास बनाता है बग़दाद शरीफ़ की खानकाह के मौजूदा सज्जादा नशीन, औलाद–ए–अली और गौसे–आज़म के 33वें वंशज अश्शैख अस्सय्यद अफ्रीफ़ुद्दीन अफीफ़ी मियाँ बगदादी का छत्तीसगढ़ में पहली बार आगमन। 15 नवंबर, शनिवार, नमाज़–ए–इशा के बाद रात 9:30 बजे, कुन्दन पैलेस, श्रीकांत वर्मा मार्ग पर यह अज़ीमो–शान कार्यक्रम आयोजित होगा।
मुख्यमंत्री ने किया आधिकारिक विमोचन: आयोजन को मिला राज्य स्तरीय महत्व
मुख्यमंत्री निवास में पोस्टर विमोचन के दौरान मुख्यमंत्री ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी रूहानी महफ़िलों से प्रदेश की गंगा–जमनी तहज़ीब और सांस्कृतिक सौहार्द को मजबूती मिलती है।
इस मौके पर मौजूद रहे—
डॉ. सलीम राज, कैबिनेट मंत्री एवं संरक्षक, चिश्तिया रंग फाउंडेशन
हाजी इक़बाल हक, अध्यक्ष, चिश्तिया फाउंडेशन
युसूफ हुसैन (बंटी), संरक्षक
फ़ैज़ान अहमद सेबू, उपाध्यक्ष
सैयद इंसान अली
सलाम भाई
इन सभी ने मुख्यमंत्री के सामने आयोजन के महत्व और प्रदेश में सूफी परंपरा के योगदान पर प्रकाश डाला।
कौन हैं अफ्रीफ़ुद्दीन अफीफ़ी मियाँ बगदादी?
बग़दाद शरीफ़ की सूफी खानकाह के मौजूदा सज्जादा नशीन
गौसे–आज़म शैख अब्दुल क़ादिर जीलानी (रह.) के 33वें वंशज
सिलसिला–ए–क़ादरिया के 19वें रूहानी वारिस
विश्वभर में सूफी शिक्षा, अमन और मोहब्बत के प्रचारक
यात्रा कार्यक्रम
13 नवंबर: रायपुर आगमन
14 नवंबर: रायपुर से बिलासपुर के लिए रवानगी
15 नवंबर: जश्ने–क़ादरी प्रोग्राम में मुख्य रूहानी संबोधन
बिलासपुर में बढ़ा उत्साह, तैयारियां पूरी रफ़्तार पर
छत्तीसगढ़ और शहरे बिलासपुर में मुस्लिम समाज के भीतर अत्यधिक उत्साह देखा जा रहा है। आयोजन समिति ने दावा किया कि इस बार का जश्ने–क़ादरी प्रदेश की तारीख का सबसे बड़ा अल–जीलानी सूफी कॉन्फ़्रेन्स होगा। हजारों ज़ायरीन, इस्लामी विद्वान, सूफी स्कॉलर्स और प्रदेश के विभिन्न जिलों से अनुयायी बड़ी संख्या में शामिल होंगे।

खबर को शेयर करने के लिए क्लिक करे।।