०० ठंड की दस्तक: 10 से 18 नवंबर के बीच छत्तीसगढ़ में तापमान में भारी गिरावट, सर्द हवाएं करेंगी कंपकंपा देने वाली शुरुआत
पिछले साल हल्की रही थी सर्दी, इस बार ला नीना के असर से रातें होंगी ज्यादा ठंडी, मौसम विभाग ने दी ठंड की चेतावनी
मोहम्मद इसराइल बबलू| रायपुर-बिलासपुर-कोरबा
छत्तीसगढ़ में ठंड ने दस्तक दे दी है। मौसम विभाग के मुताबिक 10 नवंबर से 18 नवंबर के बीच प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की जाएगी। उत्तर दिशा से आ रही ठंडी हवाओं और ला नीना (La Niña) के सक्रिय संकेतों के कारण इस साल की सर्दी पिछले साल के मुकाबले काफी ठंडी और लंबी रहने की संभावना है। रायपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर और कोरबा में रात का पारा 12 से 14 डिग्री तक नीचे जा सकता है, जबकि कुछ इलाकों में तापमान 10 डिग्री के आसपास तक पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।
सर्द हवाओं ने बदला मिजाज, तापमान में हर दिन गिरावट

राज्य के उत्तरी हिस्सों — अंबिकापुर, कोरिया, कबीरधाम और कोरबा — में सुबह और रात के समय हल्का कोहरा और सर्द हवाओं का प्रवाह शुरू हो चुका है। वहीं, मध्य छत्तीसगढ़ के शहरों में दिन के समय धूप तेज रहने के बावजूद हवा में ठंडक घुलने लगी है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले एक हफ्ते में न्यूनतम तापमान में 3 से 5 डिग्री की गिरावट दर्ज की जा सकती है।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तर भारत से आ रही शुष्क हवाएं मध्य भारत के मौसम को ठंडा करने लगी हैं। जैसे-जैसे यह हवाएं दक्षिण की ओर बढ़ेंगी, ठंड का असर दुर्ग, बिलासपुर और रायपुर तक स्पष्ट रूप से दिखेगा।
पिछले साल ठंड रही थी कमजोर, इस बार अधिक तीव्र रहने के आसार
पिछले वर्ष छत्तीसगढ़ में नवंबर और दिसंबर में ठंड अपेक्षाकृत हल्की रही थी। तापमान सामान्य से 2 से 3 डिग्री ऊपर बना रहा था और ठंड की लहर बहुत सीमित क्षेत्रों में दिखी थी।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार स्थिति बिल्कुल उलट हो सकती है। प्रशांत महासागर में ला नीना की स्थिति बनने से भारत के उत्तरी और मध्य भागों में अधिक ठंडा मौसम देखने को मिल सकता है।
इस प्रभाव से राज्य में रात और सुबह के तापमान में भारी गिरावट और कोहरे की स्थिति बनेगी, जबकि दिन के समय तापमान सामान्य रहेगा।
स्वास्थ्य और परिवहन पर बढ़ेगा असर
ठंड और कोहरे की स्थिति के कारण दुर्ग, बिलासपुर, रायगढ़ और अंबिकापुर के हाइवे पर दृश्यता कम होने की संभावना जताई जा रही है। रेलवे और बस परिचालन पर भी असर पड़ सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बुजुर्गों, बच्चों और अस्थमा रोगियों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। सुबह-शाम के समय अचानक तापमान गिरने से सांस और हृदय संबंधी दिक्कतें बढ़ सकती हैं।
प्रदेश के प्रमुख शहरों में संभावित तापमान (10–18 नवंबर)
शहरन्यूनतम तापमान (°C)अधिकतम तापमान (°C)रायपुर14–1629–30बिलासपुर12–1428–29कोरबा11–1328अंबिकापुर10–1226–27दुर्ग13–1529
खेतों और फसलों पर भी असर की आशंका
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि तापमान में तेज गिरावट के कारण धान कटाई और रबी फसल की तैयारी पर भी असर पड़ सकता है। देर रात और सुबह के समय पड़ने वाली ओस से खेतों में नमी बढ़ेगी, जो गेहूं और चने की फसल के लिए अनुकूल मानी जा रही है, लेकिन तेज ठंड से सब्जी फसलों को नुकसान की आशंका भी है।
मौसम वैज्ञानिकों का बयान
“उत्तर भारत से आ रही ठंडी शुष्क हवाएं छत्तीसगढ़ में सक्रिय हो चुकी हैं। अगले एक सप्ताह में तापमान में 4 से 5 डिग्री तक गिरावट संभव है। ला नीना की स्थिति बनने से इस साल की सर्दी सामान्य से अधिक लंबी और तीव्र रह सकती है।”
— डॉ. एच.पी. चंद्रा, वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक, रायपुर केंद्र
सावधानी बरतें
सुबह और देर रात के समय बाहर निकलते वक्त गर्म कपड़े पहनें
बच्चों और बुजुर्गों को ठंडी हवा से बचाएं
वाहन चलाते समय फॉग लाइट का उपयोग करें
ठंडी हवा में व्यायाम से बचें, विशेषकर अस्थमा या हृदय रोगियों के लिए



