मोहम्मद इसराइल बबलू
बिलासपुर, रायपुर, 24 अक्टूबर 2025: छत्तीसगढ़ राज्य में परिवहन विभाग ने वाहन चालकों की योग्यता और सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए ड्राइविंग टेस्ट और लाइसेंसिंग प्रक्रिया का आधुनिकीकरण शुरू कर दिया है। परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार, राज्य के आठ जिलों — रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, जगदलपुर, अंबिकापुर, रायगढ़ और कोरबा — में ई-ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक (ई-ट्रैक) स्थापित किए जा रहे हैं।


नए ई-ट्रैक के माध्यम से ड्राइविंग टेस्ट पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी तरीके से लिया जाएगा। इसका मकसद है कि मानव हस्तक्षेप कम हो, टेस्ट निष्पक्ष बने और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आए। ई-ट्रैक प्रणाली में वाहन नियंत्रण, लेन अनुशासन, सिग्नलिंग, गति नियंत्रण और सड़क सुरक्षा से जुड़ी आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इसमें लगे डिजिटल सेंसर और कैमरे अभ्यर्थियों की ड्राइविंग क्षमता का सटीक मूल्यांकन करेंगे।
परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा, “यह पहल न केवल सड़क सुरक्षा बढ़ाएगी, बल्कि छत्तीसगढ़ को स्मार्ट परिवहन व्यवस्था की दिशा में आगे ले जाएगी। सुरक्षित और आधुनिक परिवहन व्यवस्था राज्यवासियों के जीवन में सहजता और भरोसा लाएगी। यह राज्य में सुरक्षित, स्मार्ट और विश्वसनीय परिवहन व्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम है।”
परिवहन सचिव श्री एस प्रकाश ने बताया कि ई-ट्रैक की मदद से योग्य चालकों को प्रमाणित किया जाएगा, जिससे जिम्मेदार ड्राइविंग को बढ़ावा मिलेगा और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी। उन्होंने आगे कहा कि इन जिलों में ई-ट्रैक शुरू होने के बाद आवेदक ऑनलाइन आवेदन और अपॉइंटमेंट बुकिंग के माध्यम से ड्राइविंग टेस्ट दे सकेंगे। सफल परीक्षण के बाद आवेदकों को डिजिटल फीडबैक और लाइसेंस जारी किया जाएगा।
यह कदम छत्तीसगढ़ में ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।



