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बीजेपी के पूर्व एल्डरमैन के घर घुसकर जानलेवा हमला — पूरा परिवार लहूलुहान

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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मो इसराइल बबलू


“शेरे पंजाब” ढाबा संचालक पर आरोप, नाली विवाद ने ली खतरनाक शक्ल; हमले का वीडियो वायरल

बिलासपुर |

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के करीब बोदरी चकरभाटा में एक पूर्व एल्डरमैन और उनके परिवार पर जानलेवा हमला हुआ है।
आरोप है कि शेरे पंजाब ढाबा के संचालक पप्पू सरदार और उसके परिजनों ने नगर पालिका परिषद बोदरी के पूर्व एल्डरमैन राजकुमार यादव के घर में घुसकर हमला किया।
घटना इतनी हिंसक थी कि राजकुमार यादव सहित उनके भाई राजेश और राजेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गए।
तीनों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ राजकुमार यादव आईसीयू में जीवन और मृत्यु के बीच जंग लड़ रहे हैं।


कैसे भड़का विवाद

यह वारदात चकरभाठा थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 12 की बताई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, पूर्व एल्डरमैन राजकुमार यादव और उनके पड़ोसी अनिल शर्मा एवं आलोक शर्मा के बीच नाली सफाई को लेकर विवाद हुआ था।
इसी विवाद के दौरान कथित तौर पर अनिल शर्मा ने ढाबा संचालक पप्पू सरदार को मौके पर बुला लिया।
इसके बाद पप्पू सरदार अपने परिवार के साथ यादव परिवार के घर में घुस आया और लाठी-डंडे तथा धारदार हथियारों से हमला कर दिया।

राजकुमार यादव पहले से लकवे के मरीज हैं, जिससे उनकी हालत और गंभीर हो गई।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि आरोपियों ने महिलाओं पर भी हमला किया और घर में तोड़फोड़ की।


वीडियो वायरल — भीड़ में दहशत

घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है, जिसमें हमलावरों को घर के भीतर घुसकर परिवार के सदस्यों को बेरहमी से पीटते देखा जा सकता है।
वीडियो सामने आने के बाद शहर में सनसनी फैल गई और पुलिस प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं।


अस्पताल में भर्ती, हालत गंभीर

हमले में घायल राजकुमार यादव को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को अत्यंत नाजुक बताया है।
उनके भाई राजेश और राजेंद्र भी गंभीर चोटों के साथ इलाज करा रहे हैं।
परिवार के सदस्यों ने पुलिस प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

“हमारे ऊपर जानलेवा हमला हुआ है। महिलाएँ तक नहीं छोड़ीं। हम न्याय चाहते हैं।”
राजेंद्र यादव, पीड़ित पक्ष


इलाके में तनाव

इस घटना के बाद चकरभाठा क्षेत्र में तनाव का माहौल है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नाली जैसे मामूली विवाद पर इस तरह की हिंसा ने पूरे मोहल्ले को डरा दिया है।
पुलिस ने अब तक आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, पर सूत्रों के अनुसार पुलिस टीम ने जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश जारी है। इस मामले में उप पुलिस अधीक्षक रश्मित कौर चावला का कहना है कि अभी तक किसी भी पक्ष ने थाने में रिपोर्ट नहीं दर्ज कराई है। दो पक्षों के बीच मारपीट की जानकारी पुलिस को मिली है।


ग्राम गुमा में परिवार पर हमला — पत्थरबाज़ी, अभद्रता और आरोपों में घिरी पुलिस

थाने में नशे में धुत आरक्षक पर महिलाओं से दुर्व्यवहार का आरोप

बिलासपुर

बिलासपुर जिले के ग्रामीण इलाके ग्राम गुमा से भी एक और चौंकाने वाली वारदात सामने आई है।
यहाँ नितमन गेंदले और उनके परिवार पर गाँव के ही कुछ लोगों ने रात में हमला कर दिया।
पीड़ित परिवार का कहना है कि वे पूजा कार्यक्रम में शामिल होने गए थे, तभी कुछ लोगों ने गाली-गलौज करते हुए पत्थरबाज़ी शुरू कर दी।

हमले में परिवार के कई सदस्य घायल हो गए हैं।
पीड़ितों ने आरोप लगाया है कि हमले के पीछे खम्मन दास गेंदले, रिया, अजित और सोनी का नाम सामने आ रहा है।


पुलिस पर गंभीर सवाल

पीड़ितों के अनुसार, उन्होंने तत्काल 112 पर कॉल कर सूचना दी और थाना बिल्हा पुलिस को भी जानकारी दी।
मगर न तो तत्काल कार्रवाई हुई और न ही शाम तक एफआईआर दर्ज की गई।
परिवार ने आरोप लगाया है कि ड्यूटी पर  आरक्षक शराब के नशे में था और उसने न केवल शिकायत दर्ज करने से इनकार किया, बल्कि महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार भी किया।

परिवार का कहना है कि उन्हें थाने में घंटों बैठाकर धमकाया गया।


📄 एसपी को सौंपेंगे शिकायत

पीड़ित सरल बघेल ने बताया कि वे इस पूरे मामले की लिखित शिकायत अब पुलिस अधीक्षक बिलासपुर को सौंपने जा रहे हैं।
उनका कहना है कि स्थानीय पुलिस कार्रवाई से बच रही है।

“अगर हमें न्याय नहीं मिला, तो अपने परिवार की सुरक्षा के लिए खुद कदम उठाने पर मजबूर होंगे।”
सरल बघेल, पीड़ित परिवार सदस्य

इस मामले में बिल्हा थाना प्रभारी उमेश साहू का कहना है कि फिलहाल  उन तक कोई लिखित में शिकायत नहीं हुई है।


🕳️ गांव में भय का माहौल

हमले और पुलिस की लापरवाही से ग्राम गुमा में दहशत का माहौल है।
ग्रामीणों का कहना है कि आरोपियों का स्थानीय प्रभाव इतना है कि वे खुलेआम घूम रहे हैं, जबकि पीड़ित परिवार डर के साए में है।
पुलिस प्रशासन की चुप्पी ने मामले को और विवादास्पद बना दिया है।


दोनों घटनाएँ — एक शहर, दो चेहरों की कहानी

बिलासपुर जिले में एक ओर शहर के बीचोंबीच पूर्व एल्डरमैन पर हमला, और दूसरी ओर ग्रामीण इलाके में पीड़ित परिवार पर पत्थरबाज़ी —
दोनों घटनाएँ इस बात की गवाही दे रही हैं कि स्थानीय विवाद किस तरह हिंसा में तब्दील हो रहे हैं।
चकरभाठा से लेकर ग्राम गुमा तक, सवाल एक ही है — कब तक आम नागरिक हिंसा और भय के बीच फँसे रहेंगे?

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