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कैट ने दी देशभर के व्यापारियों को दीपावली तिथि पर स्पष्टता — 20 अक्टूबर को ही मनाएं दीपोत्सव, यही शास्त्रसम्मत : कैट

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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Mohammed israil


देश के प्रमुख व्यापारिक संगठन ने उज्जैन के ज्योतिषाचार्य दुर्गेश तारे के शास्त्रीय विश्लेषण के आधार पर किया ऐलान — भ्रम से बचे व्यापारी समुदाय, 21 को दीपावली मनाना उचित नहीं

बिलासपुर
देशभर में दीपावली पर्व की तिथि को लेकर चल रहे भ्रम के बीच कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने व्यापारी वर्ग को स्पष्ट सलाह दी है कि इस वर्ष दीपावली 20 अक्टूबर को ही मनाना शास्त्रसम्मत और उचित है।

कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जितेंद्र गांधी, प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजू सलूजा, बिलासपुर अध्यक्ष किशोर पंजवानी, महामंत्री हीरानंद जयसिंह, कोषाध्यक्ष आशीष अग्रवाल, कार्यकारी अध्यक्ष दिलीप खेंडेलवाल, संजय मित्तल, सुरेंद्र अजनानी, तथा संगठन मंत्री एवं मीडिया प्रभारी परमजीत उबेजा ने बताया कि दीपावली देश का सबसे बड़ा सांस्कृतिक और धार्मिक पर्व है, और व्यापारियों के लिए इसका विशेष आर्थिक-सामाजिक महत्व है।
लेकिन इस वर्ष 20 और 21 अक्टूबर दोनों तिथियों पर दीपावली मनाए जाने की चर्चाओं से देशभर में भ्रम की स्थिति बन गई है।


🔹 ज्योतिषाचार्य दुर्गेश तारे ने किया शास्त्रीय अध्ययन — 20 अक्टूबर को ही प्रदोष व्यापिनी अमावस्या

कैट ने इस भ्रम को दूर करने के लिए उज्जैन के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य आचार्य श्री दुर्गेश तारे, संयोजक, कैट वेद एवं ज्योतिष कमेटी, से शास्त्रीय परामर्श लिया।
आचार्य तारे ने वेद और धर्मशास्त्रों के आधार पर बताया कि विक्रम संवत 2082 की दीपावली 20 अक्टूबर को ही मनाई जानी चाहिए, क्योंकि उसी दिन कार्तिक कृष्ण अमावस्या प्रदोष काल में पूर्ण रूप से व्यापिनी है।
उन्होंने कहा कि —

“प्रदोषार्द्धव्यापिनीमुख्या” अर्थात जो अमावस्या प्रदोष और अर्धरात्रि दोनों में व्याप्त हो, वही मुख्य होती है।

इस स्थिति में 20 अक्टूबर को लक्ष्मी पूजन का समय शास्त्र सम्मत माना गया है, जबकि 21 अक्टूबर को अमावस्या मात्र स्पर्शमात्र है, वह भी एक घटिका (लगभग 24 मिनट) से कम समय के लिए।


🔹 त्योहारों की शृंखला — धनतेरस 18 को, यम दीपदान 19 को, दीपावली 20 को, गोवर्धन 22 को और भाई दूज 23 को

आचार्य तारे के अनुसार —

  • 18 अक्टूबर को धन त्रयोदशी एवं धनवंतरी जयंती,
  • 19 अक्टूबर को नरक चतुर्दशी एवं यम दीपदान,
  • 20 अक्टूबर को मुख्य दीपावली (लक्ष्मी पूजन),
  • 22 अक्टूबर को गोवर्धन पूजा एवं अन्नकूट उत्सव,
  • तथा 23 अक्टूबर को भाई दूज मनाई जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि 22 अक्टूबर को प्रतिपदा तिथि पूर्ण रूप से प्रातःकाल व्यापिनी है, इसलिए उसी दिन गोवर्धन पर्व और अन्नकूट पूजन शास्त्रसम्मत रहेगा।


🔹 कैट ने की अपील — सही तिथि पर मनाएं दीपोत्सव, भ्रम में न पड़ें व्यापारी

कैट के बिलासपुर चैप्टर महामंत्री हीरानंद जयसिंह (हीरा) ने कहा कि —

“देशभर में व्यापारी वर्ग को शास्त्रसम्मत परंपराओं का पालन करते हुए 20 अक्टूबर को ही दीपावली मनानी चाहिए। भ्रम फैलाने वाली अपुष्ट जानकारियों से बचें और एकमत होकर दीपोत्सव मनाएं।”

उन्होंने आगे कहा कि कैट देश के सभी व्यापारिक संगठनों और बाजार समितियों से अपील करता है कि एकरूपता बनाए रखें, ताकि आर्थिक लेनदेन, बाजार बंदी, और उत्सव आयोजन में कोई असमंजस न हो।


🔹 त्योहार से पहले कैट ने दी उपयोगी सलाह — जरूरी दस्तावेजों की वैधता जांच लें

कैट बिलासपुर के महामंत्री हीरानंद जयसिंह ने साथ ही सभी व्यापारियों से अपील की है कि धनतेरस और दीपावली की तैयारी के बीच अपने लाइसेंस, पंजीयन और रिन्यूअल दस्तावेजों की भी जांच कर लें।
उन्होंने कहा —

“फ़ूड लाइसेंस, ड्रग लाइसेंस, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, गुमाश्ता लाइसेंस, फार्मासिस्ट रजिस्ट्रेशन, फैक्ट्री लाइसेंस, दुकान या भूमि लीज़ आदि की वैधता तिथि देखकर समय रहते नवीनीकरण कराएं, ताकि त्योहारों के बाद किसी भी प्रशासनिक असुविधा से बचा जा सके।”


📜 कैट का संदेश

“शास्त्रसम्मत तिथि पर दीपावली मनाएं, व्यापार में शुभता और समृद्धि का स्वागत करें।”
हीरानंद जयसिंह, महामंत्री, कैट बिलासपुर

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