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सपना चौधरी के शो में गोली मारने की धमकी, तोड़फोड़ और लूट—ऊर्जा नगरी की पहली यात्रा में ही ‘सपना’ टूटी हकीकत बनकर!

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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मो इसराइल बबलू

बिलासपुर,कोरबा (छत्तीसगढ़)।
हरियाणवी स्टार डांसर और सिंगर सपना चौधरी का छत्तीसगढ़ की ऊर्जा नगरी कोरबा में बहुचर्चित शो अव्यवस्थाओं और हंगामे की भेंट चढ़ गया। पहली बार कोरबा पहुंची सपना चौधरी का स्वागत जितनी शानो-शौकत से किया गया था, उतना ही उनका विदा होना तनाव और डर से भरा रहा। रातभर चली अफरातफरी, मारपीट, धमकी और लूट की घटनाओं ने इस “ग्लैमरस नाइट” को एक भयावह अनुभव में बदल दिया।


“दरवाजा तोड़ा, गालियां दीं और गोली मारने की धमकी दी…” – सपना चौधरी का बयान

कार्यक्रम के बाद सपना चौधरी और उनकी टीम जश्न रिसोर्ट में ठहरी थीं। सपना ने एसपी को लिखे अपने लेटर में बताया कि रात करीब 12.30 से 1 बजे के बीच चार लोगों ने उनके कमरे का दरवाजा तोड़ने की कोशिश की।
उन्होंने न केवल गाली-गलौज की बल्कि गोली मारने की धमकी भी दी। सपना का कहना है कि उनकी टीम के सदस्यों के साथ जमकर मारपीट की गई, और भीड़ को उकसाकर स्थिति को भयावह बना दिया गया।

सपना ने पत्र में साफ लिखा—

“अगर रिसोर्ट संचालक करणदीप समय पर न आते और पुलिस मौके पर न पहुंचती, तो कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी।”


दोनों पक्षों पर एफआईआर, सात लाख का नुकसान, DVR और नकदी गायब

घटना के बाद रिसोर्ट मालिक करणदीप ने आयोजकों अमित नवरंगलाल, अनिल द्विवेदी, युगल शर्मा और सुजल अग्रवाल के खिलाफ कोरबा कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई।
शिकायत में कहा गया है कि आयोजकों ने कार्यक्रम की फीस और पैसों को लेकर विवाद किया, फिर सपना की टीम पर हमला किया, रिसोर्ट में तोड़फोड़ की, CCTV का DVR और ₹10,000 नकद लूट लिया। नुकसान करीब ₹7 लाख का बताया गया है।

वहीं अनिल द्विवेदी की शिकायत पर उल्टा रिसोर्ट संचालक और उसके भाई के खिलाफ भी मारपीट और लूट की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
कोरबा CSP भूषण एक्का के अनुसार—

“दोनों पक्षों की रिपोर्ट पर अपराध दर्ज कर लिया गया है, जांच जारी है। घटनास्थल से साक्ष्य एकत्रित किए जा रहे हैं।”


“डांस शो” बना हंगामा ग्राउंड — सपना ने छोड़ा मंच

बताया गया कि कार्यक्रम की अवधि करीब ढाई घंटे तय थी, लेकिन अव्यवस्थाओं और भीड़ की बदतमीजी के चलते यह महज एक घंटे में ही थम गया।
मंच के सामने पैसे फेंकने, हूटिंग, और सुरक्षा व्यवस्था ध्वस्त होने की वजह से सपना चौधरी को तीन-चार गानों के बाद ही मंच छोड़ना पड़ा।
कई बार उन्होंने दर्शकों से “संयम रखें, सीट पर बैठें” की अपील की, पर शोर-शराबा थमने का नाम नहीं लिया।


ऊर्जाधानी की छवि पर दाग, प्रशासन की लापरवाही पर सवाल

यह कार्यक्रम वीआईपी लेवल पर आयोजित किया गया था, जहां बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, रायगढ़ समेत कई जिलों से हजारों लोग पहुंचे थे।
मगर भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा घेरा और पुलिस की मौजूदगी न के बराबर रही।
अंत में यह आयोजन एक सांस्कृतिक उत्सव से अधिक ‘अराजकता’ का प्रतीक बन गया, जिससे कोरबा जैसी ऊर्जा नगरी की छवि पर बड़ा दाग लगा है।


राष्ट्रीय मंचों पर उठेगा सवाल – “क्या ग्लैमर का शो अब भीड़ के हवाले है?”

यह घटना केवल एक स्थानीय विवाद नहीं, बल्कि सुरक्षा, आयोजन प्रबंधन और कलाकारों के प्रति जिम्मेदारी का बड़ा सवाल है।
देशभर में स्टेज शो और लाइव इवेंट्स की बढ़ती लोकप्रियता के बीच, यह हादसा याद दिलाता है कि ‘सितारों की चमक’ तब तक ही टिकती है, जब तक मंच सुरक्षित है।’
सपना चौधरी जैसी नामी कलाकार के साथ इस तरह की घटना छत्तीसगढ़ के लिए न केवल शर्मनाक है, बल्कि यह एक चेतावनी भी है—

“मनोरंजन की संस्कृति तब तक सुरक्षित नहीं हो सकती, जब तक व्यवस्था पर नियंत्रण नहीं होगा।”

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