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ब्लैक में शराब पर गैंगवार, युवक की पीट-पीटकर हत्या, दोस्त गंभीर रूप से घायल — तिफरा मंडी में चखना दुकान बना मौत का अड्डा

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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मो इसराइल बबलू

०० ….यह स्टोरी बिलासपुर के अंधेरे हिस्सों से आती है — जहाँ रात की हवा में शराब की गंध और हिंसा की आहट एक साथ चलती है।
तिफरा मंडी की यह हत्या सिर्फ एक वारदात नहीं, ब्लैक में बिकते नशे की कीमत पर मरी हुई एक और ज़िंदगी है।


बिलासपुर |

तिफरा सब्ज़ी मंडी के पास देर रात एक मामूली बहस मौत में बदल गई।
ब्लैक में शराब बेचने वाले ने सिर्फ इसलिए एक युवक को पीट-पीटकर मार डाला क्योंकि उसने 120 रुपए के पौवे के बदले 250 रुपए देने से इनकार कर दिया था।
घटना इतनी बेरहम थी कि आरोपी ने साथी बुलाकर लकड़ी के फंटों से हमला किया — युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका साथी खून से लथपथ पड़ा रहा।

शनिवार देर रात चार बजे के आसपास हुई इस वारदात ने बिलासपुर की अवैध शराब माफिया संस्कृति की परतें फिर उघाड़ दीं — जहाँ “ब्लैक में नशे की बोतल” ने एक बार फिर ज़िंदगी निगल ली।


हत्या से पहले बहस, फिर बर्बर हमला

सिरगिट्टी क्षेत्र के टिकरापारा निवासी साहिल सोनकर (19) अपने दोस्त किशन यादव (26) के साथ सीपत से लौट रहा था। तड़के लगभग चार बजे दोनों तिफरा मंडी पहुंचे, जहाँ साहिल साहू नाम का युवक चखना दुकान चलाता है — और वहीँ से अवैध रूप से शराब बेचता है।

दोनों ने एक पौवा खरीदा, दाम पूछा — जवाब मिला “250 रुपए”
जब साहिल सोनकर ने कहा, “इतना पैसा नहीं दूँगा, पहचानता नहीं क्या?” तभी दुकान संचालक भड़क गया।
थोड़ी देर में उसने अपने साथियों को बुला लिया — फिर शुरू हुई डंडों और फंटों से ताबड़तोड़ मारपीट।

साहिल सोनकर मौके पर ही ढेर हो गया। उसका दोस्त किशन यादव गंभीर हालत में गिर पड़ा, जिसे राहगीरों ने देखा और पुलिस को सूचना दी।


घायल दोस्त की आँखों देखी – “वे उसे बार-बार मारते रहे, जब तक साँस बंद न हुई”

सिरगिट्टी पुलिस को सूचना सुबह 6 बजे मिली।
पुलिस जब पहुँची, तब तक साहिल सोनकर की लाश चखना दुकान के बाहर पड़ी थी और किशन यादव बेसुध हालत में तड़प रहा था।
घायल को सिम्स में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।

टीआई किशोर केंवट ने बताया कि मुख्य आरोपी साहिल साहू को गिरफ्तार कर लिया गया है।
बाकी फरार साथियों की तलाश जारी है।


वारदात के बाद भी लौटा आरोपी, लोगों से बोला — “मैं तो रात को दुकान बंद कर चला गया था”

हत्या के बाद आरोपी साहिल साहू फरार हो गया था, लेकिन कुछ ही घंटों बाद वह फिर लौट आया।
आसपास के लोग और पुलिस की हलचल देखकर वह वहीं खड़ा रहा — और झूठ बोलता रहा कि वह तो रात में दुकान बंद करके चला गया था।
पुलिस ने जब उसकी हरकतों पर शक किया, तो उसे दबोच लिया।


क्राइम इनसाइट : शराब की अंधेरी दुनिया में 69 जानें, 63 जानलेवा हमले

“शराब अब केवल नशा नहीं — अपराध का ईंधन बन चुकी है।”

बिलासपुर जिले में पिछले चार सालों (2021-2024) में शराब से जुड़ी हिंसा ने 69 लोगों की जान ली और 63 पर जानलेवा हमले हुए।
पुलिस रिकॉर्ड खुद इस भयावह ट्रेंड की गवाही देता है।

| वर्ष | हत्या | हत्या का प्रयास | अन्य शरीर संबंधी अपराध |
|——|——–|—————-|
| 2021 | 23 | 17 | 83 |
| 2022 | 13 | 19 | 117 |
| 2023 | 12 | 13 | 75 |
| 2024 | 21 | 14 | 66 |
| कुल | 69 | 63 | 341 |


अपराध का आँकड़ा जो चुप नहीं है

  • चार साल में दर्ज कुल एफआईआर: 29,099
  • इनमें शराब कारण बने केस: 3,914 (13.5%)
  • शराब जब्ती (2022-24): 1.51 लाख लीटर
  • गिरफ्तार आरोपी: 1,207
  • अभियान: आबकारी एक्ट के तहत सख़्ती बढ़ी, मगर ब्लैक मार्केट जिंदा

मंडी बना माफिया का ठिकाना

तिफरा मंडी इलाका देर रात शराब और जुआ के ठिकाने के रूप में बदनाम रहा है।
पुलिस की नाक के नीचे चखना दुकानों में शराब और गांजा खुलेआम बिकते हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, शनिवार रात भी मंडी में कई युवक जमे थे — पर किसी ने साहिल सोनकर को बचाने की कोशिश नहीं की।


बिलासपुर में “ब्लैक लिकर रैकेट” का नक्शा

क्षेत्र अवैध शराब की सक्रिय दुकानें (अनुमानित) तिफरा मंडी 8-10 सिरगिट्टी-रायपुर रोड 6 तोरवा-राजकिशोर नगर 4 मस्तूरी-सीपत मार्ग 7

(स्रोत: स्थानीय पुलिस रिकॉर्ड व अनौपचारिक सर्वे)


✍️ mohammed israil

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