Latest news

मैग्नेटो मॉल में पुलिस वाहन चालक से बदसलूकी करने वाला गार्ड निकला अपराधी, तीन पुराने केसों में था आरोपी

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
4 Min Read

मो इसराइल बबलू


बिना चरित्र सत्यापन के नियुक्त गार्ड के खिलाफ पुलिस की सख्त कार्रवाई बिलासपुर |

बिलासपुर के मैग्नेटो मॉल में शनिवार को उस समय हंगामे की स्थिति बन गई जब बी.आई.एस. सिक्योरिटी सर्विसेज में कार्यरत एक गार्ड ने पुलिस विभाग के वाहन चालक और गनमैन से अभद्र व्यवहार करते हुए झगड़ा शुरू कर दिया।
जानकारी के अनुसार, पुलिस विभाग की गाड़ी को चालक पार्किंग क्षेत्र में खड़ा कर रहा था, तभी गार्ड जीवन कुमार डहरिया (निवासी ग्राम झाल, थाना बिल्हा) ने बिना कारण विवाद शुरू कर दिया।

गार्ड का विवादित व्यवहार

घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आरोपी गार्ड आम नागरिकों से भी इसी तरह झगड़ालू और अभद्र व्यवहार कर रहा था। जब पुलिस कर्मियों ने उसे समझाने का प्रयास किया, तो उसने और अधिक हुज्जतबाजी शुरू कर दी।

पुलिस ने तुरंत मामले की सूचना थाना सिविल लाइन को दी। मौके पर पहुंची टीम ने स्थिति संभाली और संबंधित सिक्योरिटी एजेंसी के मैनेजर से संपर्क कर पूरा विवरण साझा किया।


आरोपी गार्ड का आपराधिक इतिहास

क्रमांक तिथि थाना अपराध का प्रकार धाराएं 1 20/01/2016 बिल्हा जुआ खेलने और खिलवाने जुआ अधिनियम 2 20/02/2024 बिल्हा मारपीट का मामला धारा 307 आईपीसी 3 27/03/2024 बिल्हा बलवा एवं मार्ग अवरोध धारा 147, 341 आईपीसी

पुलिस जांच में स्पष्ट हुआ कि जीवन कुमार डहरिया को बी.आई.एस. सिक्योरिटी सर्विसेज ने बिना चरित्र सत्यापन के नियुक्त किया था — जो कि सुरक्षा नियमों का गंभीर उल्लंघन है।


कानूनी कार्रवाई और पुलिस का बयान

थाना सिविल लाइन प्रभारी के अनुसार,

“सभी तथ्यों के परीक्षण के उपरांत आरोपी के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। साथ ही एजेंसी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है कि बिना सत्यापन के इस व्यक्ति को हथियारबंद ड्यूटी पर क्यों लगाया गया।”


नियम क्या कहते हैं? (सिक्योरिटी एजेंसियों के लिए अनिवार्य प्रक्रिया)

निजी सुरक्षा एजेंसी (विनियमन) अधिनियम, 2005 (PSARA) के तहत:

  • हर सिक्योरिटी गार्ड की नियुक्ति से पहले चरित्र एवं आपराधिक पृष्ठभूमि का सत्यापन अनिवार्य है।
  • गार्ड को प्रशिक्षण प्रमाणपत्र और लाइसेंस प्राप्त एजेंसी आईडी कार्ड जारी होना चाहिए।
  • नियमों का उल्लंघन करने पर एजेंसी का लाइसेंस रद्द या निलंबित किया जा सकता है।

इस तरह के अपराध पर क्या सजा हो सकती है?

अपराध का प्रकार संबंधित धारा सजा का प्रावधान सरकारी कर्मचारी से अभद्रता / बाधा डालना धारा 186, 353 आईपीसी 3 माह से 2 वर्ष तक की सजा सार्वजनिक स्थान पर हुड़दंग धारा 290, 504 आईपीसी जुर्माना या कारावास गलत वीडियो प्रसारित कर पुलिस पर आरोप आईटी एक्ट की धारा 66D 3 वर्ष तक की सजा और जुर्माना


एजेंसी पर कार्रवाई क्यों जरूरी

पुलिस विभाग के अनुसार, शॉपिंग मॉल जैसे भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थलों पर “बिना सत्यापन के हथियारबंद गार्ड” की तैनाती जनसुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।
इस मामले में बी.आई.एस. सिक्योरिटी सर्विसेज की ओर से भारी लापरवाही सामने आई है, जिस पर विभाग ने पृथक नोटिस जारी कर जांच प्रारंभ की है।


भ्रामक वीडियो बनाकर गार्ड ने फैलाया भ्रम

घटना के बाद जीवन कुमार डहरिया ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो प्रसारित कर थाना सिविल लाइन के कर्मचारियों पर निराधार आरोप लगाए। पुलिस ने इसे आरोपी का “ध्यान भटकाने और खुद को निर्दोष दिखाने का प्रयास” बताया है।


नियुक्ति कितनी पारदर्शी

यह मामला केवल अभद्र व्यवहार का नहीं बल्कि सिक्योरिटी एजेंसी की जिम्मेदारी और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ा है। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि मॉल, बैंक और अस्पतालों में तैनात सिक्योरिटी गार्ड्स की नियुक्ति और सत्यापन प्रक्रिया कितनी पारदर्शी है।

खबर को शेयर करने के लिए क्लिक करे।।