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किसानों के लिए बड़ा फैसला : छत्तीसगढ़ में 15 नवम्बर से 3100 रु. प्रति क्विंटल पर धान खरीदी, 25 लाख से अधिक किसान होंगे लाभान्वित

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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मो इसराइल बबलू

Contents
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में धान खरीदी से जुड़ी अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं — डिजिटल सर्वे, ई-केवाईसी, बायोमैट्रिक व इंटीग्रेटेड मॉनिटरिंग सिस्टम से होगी खरीदी व्यवस्था पारदर्शी🔹 धान खरीदी की मुख्य बातेंडिजिटल मॉनिटरिंग और पारदर्शिता पर फोकस “टोकन तुहर हाथ” मोबाइल एप : अब नहीं लगेंगी लंबी कतारें🔍 धान खरीदी में बायोमैट्रिक सत्यापनइंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से होगी निगरानी धान परिवहन एवं मॉनिटरिंगधान समितियों को प्रोत्साहन जूट बारदाने की पर्याप्त व्यवस्थाकेंद्रीय पूल में चावल आपूर्ति का लक्ष्य🔸 मंत्रिपरिषद के निर्णयों की झलक

रायपुर | 10 अक्टूबर 2025


मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में धान खरीदी से जुड़ी अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं — डिजिटल सर्वे, ई-केवाईसी, बायोमैट्रिक व इंटीग्रेटेड मॉनिटरिंग सिस्टम से होगी खरीदी व्यवस्था पारदर्शी

रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में शुक्रवार को मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए किसानों से धान खरीदी संबंधी अहम निर्णय लिए गए। राज्य सरकार ने इस वर्ष किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदने का निर्णय लिया है। खरीदी 15 नवम्बर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक की जाएगी।
प्रदेश के 25 लाख से अधिक किसान इस योजना का लाभ उठाएंगे। खरीदी सीमा 21 क्विंटल प्रति एकड़ तय की गई है।


🔹 धान खरीदी की मुख्य बातें

  • खरीफ वर्ष 2025-26 में राज्य सरकार 25 लाख किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदेगी।
  • खरीदी की अवधि: 15 नवम्बर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक।
  • दर: 3100 रुपये प्रति क्विंटल।
  • अधिकतम सीमा: 21 क्विंटल प्रति एकड़।
  • कुल खरीदी केंद्र: 2739 समितियां।
  • भुगतान: 6 से 7 दिन के भीतर।
  • खरीदी केंद्र प्रभारी: प्रशासनिक अधिकारी (कलेक्टर द्वारा नियुक्त)।

डिजिटल मॉनिटरिंग और पारदर्शिता पर फोकस

राज्य सरकार ने इस बार खरीदी प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।
धान खरीदी प्रणाली को डिजिटलीकृत करने के लिए ई-केवाईसी, डिजिटल क्रॉप सर्वे, और बायोमैट्रिक सत्यापन की व्यवस्था की गई है।

  • ई-केवाईसी अनिवार्य: किसानों को भारत सरकार के एग्रीस्टेक पोर्टल पर पंजीयन कराना होगा।
    अंतिम तिथि: 31 अक्टूबर 2025
    इसका उद्देश्य किसानों की सही पहचान करना और डुप्लीकेट पंजीयन रोकना है।
  • डिजिटल क्रॉप सर्वे:
    राज्य के 23 लाख हेक्टेयर रकबे का डिजीटल सर्वे पूरा किया जा चुका है।
    2 अक्टूबर से ग्रामसभाओं में मैन्युअल गिरदावरी व डिजिटल सर्वे डेटा का पठन-पाठन कराया जा रहा है, ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।

“टोकन तुहर हाथ” मोबाइल एप : अब नहीं लगेंगी लंबी कतारें

धान विक्रय के लिए इस वर्ष किसानों को ऑनलाइन टोकन सुविधा दी गई है।
राज्य सरकार ने “टोकन तुहर हाथ” मोबाइल एप लॉन्च किया है, जिससे किसान अपने सुविधानुसार दिन और समय तय कर टोकन जनरेट कर सकेंगे।
इससे सोसायटियों में लंबी कतारों से मुक्ति मिलेगी।


🔍 धान खरीदी में बायोमैट्रिक सत्यापन

धान की खरीदी अब बायोमैट्रिक आधारित होगी ताकि केवल वास्तविक किसानों से ही धान खरीदी हो सके।
यह व्यवस्था फर्जीवाड़े और व्यपवर्तन (डायवर्जन) पर अंकुश लगाएगी।


इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से होगी निगरानी

धान खरीदी प्रक्रिया में पहली बार मार्कफेड कार्यालय रायपुर में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया जाएगा।
यह केंद्र धान की खरीदी, भंडारण, परिवहन और भुगतान प्रक्रिया की निगरानी करेगा।
इसके साथ ही प्रत्येक जिले में कंट्रोल रूम भी बनाए जाएंगे।


धान परिवहन एवं मॉनिटरिंग

धान के उठाव और परिवहन में मितव्ययता लाने के लिए

  • भौतिक सत्यापन,
  • परिवहन मॉनिटरिंग,
  • और रिकॉर्ड जांच की व्यवस्था की गई है।

सीमावर्ती जिलों में अन्य राज्यों से धान की अवैध आवक रोकने के लिए
विशेष जांच दल (Special Checking Team) का गठन किया जाएगा।


धान समितियों को प्रोत्साहन

राज्य सरकार ने खरीदी समितियों को प्रोत्साहन देने का निर्णय लिया है —
यदि किसी समिति में खरीदी के दौरान शून्य सुखत (Zero Moisture Error) दर्ज होता है,
तो उन्हें 5 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।


जूट बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था

धान खरीदी के लिए आवश्यकतानुसार
नए और पुराने जूट बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।


केंद्रीय पूल में चावल आपूर्ति का लक्ष्य

भारत सरकार के खाद्य विभाग द्वारा खरीफ वर्ष 2025-26 के लिए
छत्तीसगढ़ राज्य को 73 लाख मीट्रिक टन चावल का लक्ष्य सौंपा गया है।

राज्य शासन ने इस लक्ष्य को समय पर पूर्ण करने हेतु
खरीदी, उठाव, भंडारण और परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।


🔸 मंत्रिपरिषद के निर्णयों की झलक

क्रमांक निर्णय मुख्य बिंदु 1 धान खरीदी दर ₹3100 प्रति क्विंटल 2 खरीदी अवधि 15 नवम्बर 2025 – 31 जनवरी 2026 3 खरीदी सीमा 21 क्विंटल प्रति एकड़ 4 किसान संख्या 25 लाख से अधिक 5 खरीदी केंद्र 2739 समितियां 6 भुगतान 6-7 दिन के भीतर 7 ई-केवाईसी पंजीयन 31 अक्टूबर तक 8 डिजिटल सर्वे 23 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में 9 निगरानी प्रणाली इंटीग्रेटेड कंट्रोल सेंटर 10 समितियों हेतु प्रोत्साहन ₹5 प्रति क्विंटल (Zero Moisture पर)

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