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पुलिस वर्दी में उगाही गैंग का खुलासा — एसएसपी की बड़ी कार्रवाई, सीपत-तखतपुर में एएसआई, आरक्षक सस्पेंड — अब टीआई पर गिरेगी गाज!

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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मो इसराइल बबलू

बिलासपुर। वर्दी के रौब में उगाही और भयादोहन का खेल अब बिलासपुर पुलिस के गले की फांस बन गया है। लगातार मिल रही शिकायतों और जांच रिपोर्ट ने विभाग की छवि पर गहरा दाग लगाया है। एसएसपी रजनेश सिंह ने सीपत और तखतपुर थाना क्षेत्रों में हुई दो अलग-अलग उगाही घटनाओं पर कड़ी कार्रवाई करते हुए एएसआई सहेत्तर कुर्रे, कॉन्स्टेबल आशीष मिश्रा और आरक्षक आकाश निषाद को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
दोनों प्रकरणों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अब सीपत थाना प्रभारी (टीआई) की भूमिका की भी जांच कर रही है। इन मामलों ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या जिले में “उगाही वसूली सिंडिकेट” वर्दी के अंदर पल रहा था?


🚨 मामला नं. 1 — सीपत थाना: व्यापारी और एनटीपीसी कर्मी से उगाही का काला खेल

सीपत थाने के एएसआई सहेत्तर कुर्रे और कॉन्स्टेबल आशीष मिश्रा पर आरोप है कि उन्होंने वाहन जांच और चालानी कार्रवाई के नाम पर व्यापारी से ₹24,000 की वसूली की। यही नहीं, एनटीपीसी के एचआर कर्मचारी धीरेंद्र मंजारे (35) से भी ₹50,000 की डिमांड कर धमकाया गया।

जहर पीने को मजबूर हुआ एनटीपीसी कर्मचारी

धीरेंद्र मंजारे, जो सीपत एनटीपीसी कॉलोनी उज्जवल नगर में रहते हैं, ने पुलिस की धमकी और दबाव से जहर पी लिया
धीरेंद्र की पत्नी रामेश्वरी मंजारे ने बताया —

“मेरे पति शराब की दुकान से शराब लेकर लौट रहे थे, तभी सीपत थाना पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। गाड़ी जब्त कर थाने ले गई। वहां पुलिस ने कहा कि शराब पीकर गाड़ी चलाने का आरोप लगेगा, बचना है तो ₹50,000 लाओ।”
डर के मारे धीरेंद्र घर लौटे और रास्ते में जहर पी लिया।

वर्तमान में वह अपोलो अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती हैं।


📁 एसएसपी की सख्ती — जांच में खुलासा हुआ अकाउंट ट्रांसफर का जाल

एसएसपी रजनेश सिंह ने मामले की प्रारंभिक जांच एडिशनल एसपी राजेंद्र जायसवाल को सौंपी। जांच में खुलासा हुआ कि व्यापारी से वसूले गए ₹24,000 में से

  • ₹22,000 और ₹2,000 दो किश्तों में प्राइवेट कंप्यूटर ऑपरेटर राजेश्वर कश्यप के खाते में ट्रांसफर कराए गए।
  • यह भी पता चला कि राजेश्वर का थाने में आना-जाना नियमित रहता था।

एसएसपी ने कहा —

“दोनों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। जांच में टीआई की जिम्मेदारी की भी समीक्षा होगी।”


1 — भयादोहन की पूरी पटकथा तारीख घटना आरोपी रकम स्थिति 6 अक्टूबर व्यापारी से उगाही ASI सहेत्तर कुर्रे, कांस्टेबल आशीष मिश्रा ₹24,000 सस्पेंड 7 अक्टूबर एनटीपीसी कर्मी से 50 हजार की मांग, जहर पीया वही टीम ₹50,000 (मांगे गए) जांच जारी – पैसा प्राइवेट अकाउंट में ट्रांसफर राजेश्वर कश्यप ₹24,000 संदिग्ध


मामला नं. 2 — तखतपुर में आरक्षक का आतंक, महिला को धमकी और झूठे केस की फाइल

तखतपुर थाना क्षेत्र में पदस्थ आरक्षक आकाश निषाद (क्रमांक 1287) पर एक महिला से घर में घुसकर वसूली करने, धमकाने और उसके पति को झूठे शराब तस्करी केस में फंसाने का गंभीर आरोप लगा है।
वार्ड क्रमांक 12 की रहने वाली पीड़िता ने एसपी को लिखित शिकायत और शपथ पत्र (Affidavit) सौंपा है।

महिला का सनसनीखेज आरोप

  • 2 अक्टूबर की सुबह आरक्षक अपने एक साथी के साथ जबरन घर में घुस गया
  • पति-पत्नी को धमकाते हुए कहा कि वे शराब बेचते हैं, और झूठे केस से बचना है तो ₹20,000 दो।
  • महिला ने डर के मारे रकम दे दी।
  • 5 अक्टूबर को फिर घर आया, ₹10,000 और ‘मुर्गा बनाने’ की धमकी दी।
  • पैसे न देने पर अगले दिन महिला के पति को शराब भट्ठी से “चार पाव” शराब लाते पकड़ा दिखाकर 30 पाव की तस्करी का फर्जी केस दर्ज किया और जेल भेज दिया।

2 — नियमों की धज्जियां उड़ाने के गंभीर सवाल
🔹 घर में बिना महिला पुलिसबल और बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के प्रवेश क्यों?
🔹 उस समय घर में मौजूद बुजुर्ग सास आधे कपड़ों में थीं — क्या यह महिला सम्मान का उल्लंघन नहीं?
🔹 आरक्षक की लगातार वसूली की शिकायतों पर वरिष्ठ अधिकारी आंख मूंदे क्यों बैठे थे?


🕵️आरक्षक का विवादित इतिहास

आरक्षक आकाश निषाद करीब ढाई साल से तखतपुर थाने में तैनात है। इससे पहले भी वह तीन साल तक इसी थाने में रहा था।
उसकी वसूली की चर्चाएं स्थानीय स्तर पर पहले से थीं।
कभी परसाकापा बराही गांव में अवैध वसूली के लिए जाने पर ग्रामीणों ने उसकी पिटाई तक कर दी थी।
फिर भी उसे थाने में बनाए रखा गया। अब एक बार फिर उसके खिलाफ गंभीर शिकायत ने पूरे विभाग की जवाबदेही पर सवाल उठा दिया है।


एसएसपी की दो टूक — “किसी भी वर्दी को छूट नहीं”

एसएसपी रजनेश सिंह ने दोनों मामलों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए कहा —

“कोई भी पुलिसकर्मी यदि अपने पद का दुरुपयोग करता है तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। सीपत और तखतपुर के मामलों में दोषियों पर निलंबन की कार्रवाई की गई है और आगे विभागीय जांच भी होगी।”

वहीं, सूत्रों के मुताबिक, अब सीपत थाना प्रभारी (टीआई) की भूमिका पर भी कार्रवाई तय मानी जा रही है, क्योंकि उनकी जानकारी में ये दोनों घटनाएं घटित हुईं और उन्होंने कोई रोकथाम नहीं की।


3 — बिलासपुर पुलिस की साख पर सवाल

  • लगातार तीन मामलों में पुलिसकर्मी संलिप्त पाए गए
  • वसूली, धमकी और फर्जी चालान की शिकायतें
  • अब तक तीन निलंबन, एक टीआई पर कार्रवाई की संभावना
  • स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों में भय और अविश्वास का माहौल

जनता की मांग — जवाबदेही तय हो, निगरानी तंत्र बने

इन मामलों के बाद नागरिक संगठनों ने मांग की है कि जिले में पुलिस आचरण निगरानी सेल बनाया जाए और थाना स्तर पर वसूली शिकायतों के लिए स्वतंत्र चैनल खोला जाए।
स्थानीय व्यापार मंडल ने कहा —

“अब यह isolated incident नहीं रहा, यह सिस्टम के भीतर की बीमारी है। जनता पुलिस से नहीं, डर से बात कर रही है।”

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