मो इसराइल बबलू
जमीन होगी अधिग्रहित, बिल्डर पर गिरेगी गाज — आपत्तियां मांगी गईं, अब कॉलोनी रहवासी भी देंगे जवाब

बिलासपुर।
रायपुर रोड स्थित सेक्टर डी के पास मंडपम भवन के बाजू में अवैध कॉलोनी विकसित करने वाले बिल्डर शैलेंद्र जायसवाल पर अब नगर निगम और जिला प्रशासन बड़ी कार्रवाई की तैयारी में हैं।
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने मामले की जांच के लिए 10 सदस्यीय समिति गठित की है। वहीं नगर निगम ने अधिनियम की धारा के तहत पूरी जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
निगम प्रशासन ने इस संबंध में सार्वजनिक नोटिस जारी कर दैनिक समाचार पत्रों में प्रकाशन कराया है, ताकि इच्छुक पक्षकार अपनी आपत्तियां या स्पष्टीकरण प्रस्तुत कर सकें।
अनुज्ञा और अनुमति निरस्त, फिर भी चल रही थी प्लॉटिंग
तिफरा क्षेत्र की जमीन पर वर्ष 2003 में विकास अनुज्ञा और 2006 में कॉलोनी विकास अनुमति शैलेंद्र जायसवाल एवं अन्य भू-मालिकों को प्रदान की गई थी।
बाद में यह अनुमति अतिरिक्त कलेक्टर बिलासपुर ने वर्ष 2008 में निरस्त कर दी थी।
बिल्डर ने अपील की, लेकिन आयुक्त बिलासपुर संभाग ने भी इसे विधि सम्मत बताते हुए निरस्तीकरण बरकरार रखा।
इसके बावजूद कॉलोनाइजर ने टुकड़ों में जमीन बेचकर अवैध प्लॉटिंग और विक्रय जारी रखा।
प्रशासन को इस संबंध में कई शिकायतें मिलीं, जिसके बाद अब यह मामला गंभीरता से उठाया गया है।
धारा 292 के तहत अधिग्रहण की तैयारी
कलेक्टर द्वारा गठित समिति की रिपोर्ट में यदि शिकायतें सही पाई जाती हैं, तो नगर निगम छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 292(ग) और 292(च) के तहत जमीन और कॉलोनी का अधिग्रहण करेगा।
इस अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार —
“अवैध कॉलोनी और उस पर हुए भूमि अंतरण या विक्रय को शून्य घोषित किया जा सकता है, और कॉलोनाइजर के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।”
10 सदस्यीय जांच समिति गठित
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने राजस्व और नगर निगम अधिकारियों की संयुक्त जांच समिति गठित की है, जिसमें —
मनीष साहू (एसडीएम बिलासपुर), गरिमा ठाकुर (तहसीलदार), भानु प्रसाद पटेल (संयुक्त संचालक, नगर एवं ग्राम निवेश),
राजीव स्वर्णकार (उप पंजीयक), अनुपम तिवारी (भवन अधिकारी, नगर निगम),
एस.पी. साहू (ई.ई., जोन-2), आशीष पांडेय, राघवेंद्र सिंह राजपूत, जुगल किशोर सिंह (उप अभियंता, भवन शाखा)
और ऋतुराज अवस्थी (पटवारी, तिफरा) शामिल हैं।
समिति को जल्द से जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
निगम आयुक्त अमित कुमार का बयान

“अवैध कॉलोनियों पर अब सख्त कार्रवाई की नीति अपनाई गई है।
जिन मामलों में अनुमति या विकास अनुज्ञा निरस्त होने के बाद भी अवैध प्लॉटिंग की गई है, वहां अधिनियम की धारा 292 के तहत जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा।
इस कॉलोनी के संबंध में सार्वजनिक सूचना जारी कर दी गई है और नागरिकों से आपत्तियां मांगी गई हैं।
रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
— अमित कुमार, आयुक्त, नगर पालिक निगम बिलासपुर
पहली बार नगर निगम करेगा अधिग्रहण की कार्रवाई
यह बिलासपुर नगर निगम द्वारा पहली बार किसी अवैध कॉलोनी पर जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई होगी।
अब तक ऐसे मामलों में सिर्फ नोटिस या रोक की कार्रवाई होती रही है, लेकिन इस बार निगम ने पूरी कॉलोनी अपने अधीन लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
शहर में 100 से अधिक अवैध कॉलोनियों की फाइलें नगर निगम और टीएनसीपी कार्यालय में लंबित हैं — ऐसे में यह कार्रवाई मिसाल बन सकती है।



