मो इसराइल बबलू
रायपुर, बिलासपुर, भोपाल।
मध्यप्रदेश, राजस्थान और अन्य राज्यों में बच्चों की मौत के सिलसिले ने देश को झकझोर दिया है। कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने से अब तक 23 मासूमों की जान जा चुकी है। जांच में सामने आया है कि यह दवा तमिलनाडु के कांचीपुरम स्थित श्रीसन फार्मास्युटिकल्स द्वारा तैयार की गई थी, जिसके मालिक एस. रंगनाथन को पुलिस ने बुधवार देर रात गिरफ्तार कर लिया।
छिंदवाड़ा पुलिस ने एक विशेष दल को चेन्नई और कांचीपुरम भेजा था, जहां रंगनाथन को घेराबंदी कर हिरासत में लिया गया। उसे स्थानीय अदालत में पेश कर ट्रांजिट रिमांड हासिल किया जाएगा और फिर मध्यप्रदेश लाया जाएगा। पुलिस के अनुसार, यह वही कंपनी है जिसकी दवा कोल्ड्रिफ सिरप में घातक रासायनिक तत्व डाइ-एथिलीन ग्लाइकोल (DEG) की मात्रा पाई गई थी, जो मानव शरीर के लिए विष के समान है।
जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य
- तमिलनाडु ड्रग कंट्रोल विभाग की जांच में कंपनी के प्लांट में 350 से अधिक नियम उल्लंघन पाए गए।
- गंदे उपकरण, अस्वच्छ लैब, अधूरी लेबलिंग और दूषित केमिकल्स का उपयोग किया गया।
- रासायनिक जांच में सिरप में DEG की मात्रा 48% से अधिक पाई गई, जबकि अनुमेय सीमा 0.1% है।
- अब CDSCO (केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन) ने देशभर के राज्यों से रिपोर्ट मांगी है।
- विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भारत सरकार से इस सिरप के निर्यात पर भी स्पष्टीकरण मांगा है।
पुलिस और प्रशासनिक कार्रवाई
- मध्यप्रदेश सरकार ने तुरंत कोल्ड्रिफ सिरप की बिक्री, वितरण और स्टॉकिंग पर प्रतिबंध लगा दिया है।
- राजस्थान, छत्तीसगढ़, पंजाब, अरुणाचल प्रदेश, केरल और तमिलनाडु ने भी बिक्री रोकने का आदेश दिया है।
- स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट कहा है — “दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।”
- केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्य औषधि नियंत्रकों को निर्देश दिया है कि बिना डॉक्टर की पर्ची के बच्चों को कोई सिरप न दिया जाए।
छत्तीसगढ़ अलर्ट: बिलासपुर से रायपुर तक सख्ती
क्षेत्र कार्रवाई राज्य स्तर पर छत्तीसगढ़ सरकार ने कोल्ड्रिफ सिरप पर तत्काल प्रतिबंध लगाया। सभी जिलों को दवा दुकानों की जांच के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन ने स्पष्ट किया कि यह दवा किसी सरकारी अस्पताल को सप्लाई नहीं की गई थी। बिलासपुर विशेष बॉक्स बिलासपुर ड्रग नियंत्रण अधिकारी ने नोटिस जारी कर “Coldrif Cough Syrup – Batch SR-13 (Mfg May 2025, Exp April 2025)” की बिक्री तत्काल रोकने और शेष स्टॉक रिपोर्ट करने का आदेश दिया है। सभी फार्मेसी संचालकों को 48 घंटे के भीतर जानकारी देने के लिए कहा गया है। जांच टीम गठित स्थानीय स्वास्थ्य और ड्रग इंस्पेक्टरों की संयुक्त टीम को जिलेभर के मेडिकल स्टोर्स की जांच में लगाया गया है।
मौतों का सिलसिला कैसे फैला
पहला मामला मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में सामने आया, जहां कई बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ी। जांच में पाया गया कि सभी ने कोल्ड्रिफ सिरप लिया था। इसके बाद राजस्थान के कोटा और झुंझुनूं, तथा मध्यप्रदेश के अन्य जिलों में भी इसी सिरप से जुड़ी मौतें दर्ज की गईं। अब तक देशभर में 23 से अधिक बच्चों की मौतें आधिकारिक रूप से दर्ज की जा चुकी हैं।



