1.10 करोड़ की परियोजनाएं प्रगति पर, प्रशासन रख रहा सतत निगरानी
सुकमा, 8 अक्टूबर 2025।
दक्षिण बस्तर का वह इलाका, जो कभी नक्सल गतिविधियों के लिए जाना जाता था, अब विकास की नई पहचान बना रहा है। सुकमा जिले की ग्राम पंचायत बड़ेसट्टी — जिसे राज्य की प्रथम नक्सल सदस्य मुक्त पंचायत का गौरव प्राप्त है — आज प्रशासनिक योजनाओं के केंद्र में है। नक्सल पुनर्वास नीति के तहत यहां 1 करोड़ 10 लाख रुपये की लागत से स्वीकृत विभिन्न विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

बुधवार को कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के निर्देश पर प्रशासनिक दल ने बड़ेसट्टी पहुंचकर जारी निर्माण कार्यों की प्रगति का निरीक्षण किया। दल ने आंगनवाड़ी केंद्र, सीसी रोड, बाजार शेड, उप स्वास्थ्य केंद्र और पंचायत भवन जैसी परियोजनाओं की स्थिति का स्थलीय अवलोकन किया। कलेक्टर ने कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि विकास की यह रफ्तार गांव को आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर करेगी।
गांव में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा की शुरुआत से आवागमन में सुविधा बढ़ी है, जबकि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अधूरे आवासों को पूरा करने का कार्य भी गति पकड़ चुका है। प्रशासन का लक्ष्य बड़ेसट्टी को आदर्श विकास मॉडल पंचायत के रूप में स्थापित करना है।
निरीक्षण दल में जनपद सीईओ निधि प्रधान, तहसीलदार अंबर गुप्ता सहित कई विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। बड़ेसट्टी का यह परिवर्तन न सिर्फ सुकमा, बल्कि पूरे बस्तर अंचल के लिए नई उम्मीद का प्रतीक बन रहा है।



