मो इसराइल बबलू
बिलासपुर में युवक ने रची फिल्मी साजिश, गर्लफ्रेंड संग लिव-इन में रह रहा था, पुलिस ने पेंड्रा स्टेशन से किया गिरफ्तार
बिलासपुर, 7 अक्टूबर |
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक युवक ने पैसों की जरूरत पूरी करने के लिए ऐसा झूठ रचा, जिसने पुलिस को भी चौंका दिया। युवक संजय यादव (29) ने अपने ही पिता से पैसे वसूलने के लिए खुद के अपहरण की झूठी कहानी गढ़ डाली। उसने पिता को फोन कर बताया कि 8–10 लड़कों ने उसका किडनैप कर लिया है और 10 लाख रुपये की फिरौती मांग रहे हैं।
संजय जशपुर जिले के नारायणपुर के देरहाखार गांव का निवासी है। वह पिछले दस साल से बिलासपुर के कस्तूरबा नगर में रह रहा था, जहां वह एमएससी की पढ़ाई करने के बाद प्राइवेट बैंक में नौकरी कर रहा था। इस दौरान वह अपनी गर्लफ्रेंड के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहा था। पैसों की तंगी के चलते उसने पिता को धोखा देने की यह योजना बनाई।
फोन कॉल के बाद पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद अपहरण का मामला दर्ज हुआ। दो दिनों तक पुलिस टीमों ने उसकी तलाश में शहर और आसपास के इलाकों में सर्च अभियान चलाया, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इस बीच संजय मध्यप्रदेश भाग गया, जहां उसका खर्च खत्म होने पर लौटते वक्त पुलिस ने पेंड्रा रेलवे स्टेशन से उसे पकड़ लिया।
पूछताछ में युवक ने पुलिस के सामने सारा सच कबूल कर लिया। उसने बताया कि पैसों की जरूरत पूरी करने के लिए उसने यह पूरा “ड्रामा” रचा था। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में मामला पूरी तरह से फर्जी अपहरण का निकला, जिसके बाद उसके खिलाफ धोखाधड़ी और भ्रामक सूचना देने का प्रकरण दर्ज किया गया है।
परिवार और पुलिस दोनों ने उसके सुरक्षित मिलने पर राहत की सांस ली, लेकिन इस घटना ने एक गंभीर सवाल छोड़ दिया है—
क्या आर्थिक दबाव और आकांक्षाएं आज के युवाओं को इतना विवश कर रही हैं कि वे अपराध जैसी हरकतों को भी ‘जुगाड़’ समझने लगे हैं?
मामला एक नजर में
- युवक का नाम: संजय यादव (29)
- मूल निवासी: देरहाखार, नारायणपुर (जशपुर)
- निवास: कस्तूरबा नगर, बिलासपुर
- शिक्षा: एमएससी, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी
- पेशा: प्राइवेट बैंक कर्मचारी
- घटना: खुद का अपहरण रचकर पिता से 10 लाख की फिरौती मांगना
- गिरफ्तारी: पेंड्रा रेलवे स्टेशन से
- कार्रवाई: फर्जी अपहरण व भ्रामक सूचना देने का अपराध दर्ज



