Latest news

एक थप्पड़ से उपजा विवाद…सनसनीखेज़ डबल मर्डर का पर्दाफाश!जनपद उपाध्यक्ष के पति को कुचलकर मारने की साजिश – टाटा सफारी चालक ने जानबूझकर दी थी मौत

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
5 Min Read

बिलासपुर रायपुरमहासमुंद | मो इसराइल बबलू
महासमुंद जिले में शनिवार रात नेशनल हाइवे-353 पर हुआ कथित सड़क हादसा अब एक दिल दहला देने वाले डबल मर्डर केस में बदल गया है। प्रारंभिक जांच में जिसे पुलिस महज़ लापरवाही से हुई दुर्घटना मान रही थी, वह अब एक सोची-समझी साजिशन हत्या साबित हो रही है।

घटना महासमुंद सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के साराडीह मोड़ के पास की है, जहां शनिवार रात करीब आठ बजे एक तेज़ रफ्तार टाटा सफारी (CG 04 QH 5836) ने स्कूटी सवार दो लोगों को बेरहमी से कुचल दिया। स्कूटी पर सवार थे—महासमुंद जनपद पंचायत की उपाध्यक्ष के पति जितेंद्र चंद्राकर (46) और उनके साथी अशोक साहू, दोनों की मौत ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है।


🚨 हत्या के इरादे से मारी थी टक्कर, जांच में बड़ा खुलासा

घटना के बाद पुलिस ने जब वाहन चालक अमन अग्रवाल से पूछताछ की, तो हैरान कर देने वाला सच सामने आया।
अमन और जितेंद्र चंद्राकर के बीच पुरानी रंजिश चल रही थी। इसी बैर के चलते अमन ने रात में स्कूटी देखी और जानबूझकर अपनी सफारी से दोनों को टक्कर मार दी।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने पुष्टि करते हुए कहा कि “पूरी वारदात दुर्घटना नहीं बल्कि जानबूझकर किया गया अपराध प्रतीत होता है। सभी साक्ष्य इस ओर इशारा कर रहे हैं कि टक्कर हत्या की मंशा से मारी गई थी।”


दोनों की दर्दनाक मौत, आरोपी ने खुद किया आत्मसमर्पण

टक्कर के बाद जितेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अशोक साहू को गंभीर हालत में जिला अस्पताल पहुंचाया गया। वहां से उन्हें रायपुर रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने भी दम तोड़ दिया।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि अमन अग्रवाल खुद ही सिटी कोतवाली पहुंचा और पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। उसने हादसे की सूचना भी खुद दी, ताकि मामला दुर्घटना का लगे।


विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा बोले – “यह हत्या है, हादसा नहीं”

घटना पर स्थानीय विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा,

“यह महज़ सड़क दुर्घटना नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या है। आरोपी ने रंजिश के चलते जानबूझकर गाड़ी चढ़ाई है और अब इसे हादसा बताने की कोशिश की जा रही है। पुलिस को इसे मर्डर केस के रूप में दर्ज करना चाहिए।”


ग्रामीणों का गुस्सा फूटा, नेशनल हाइवे पर चक्काजाम

रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे गए। अंतिम संस्कार के बाद ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा।
सैकड़ों लोगों ने साराडीह मोड़ पर नेशनल हाइवे 353 पर करीब एक घंटे तक चक्काजाम कर दिया। भीड़ की मांग थी कि आरोपी अमन अग्रवाल पर तत्काल हत्या का प्रकरण दर्ज किया जाए और साजिश में शामिल अन्य लोगों की भी गिरफ्तारी हो।
पुलिस के समझाने और निष्पक्ष जांच के आश्वासन के बाद ही जाम समाप्त हुआ।


हत्या के एंगल पर सख्ती से जांच जारी

महासमुंद पुलिस अब मामले को हत्या की दिशा में जांच रही है।
जांच अधिकारी ने बताया कि—

  • घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज,
  • टायर के निशान,
  • और वाहन की गति से जुड़े तकनीकी सबूत इकट्ठा किए जा रहे हैं।

इन साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने साफ किया है कि अब “मामला दुर्घटना नहीं, बल्कि दोहरे हत्याकांड” के रूप में आगे बढ़ेगा।


पूरा मामला एक नजर में

विवरण जानकारी स्थान साराडीह मोड़, नेशनल हाइवे-353, महासमुंद मृतक जितेंद्र चंद्राकर (46), अशोक साहू वाहन चालक अमन अग्रवाल (आरोपी, आत्मसमर्पण कर चुका) घटना का समय शनिवार रात लगभग 8 बजे घटना का कारण पुरानी रंजिश, जानबूझकर कुचलने की साजिश प्रतिक्रिया विधायक ने इसे हत्या बताया, ग्रामीणों ने किया चक्काजाम पुलिस कार्रवाई हत्या के एंगल से जांच जारी, साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं


यह मामला अब महासमुंद जिले में कानून-व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा पर गहरे सवाल खड़े कर रहा है।
एक ओर प्रशासन इसे “न्यायिक जांच” के तहत गंभीरता से ले रहा है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोग साफ कह रहे हैं —

“यह सड़क हादसा नहीं, राजनीतिक रंजिश में रची गई डबल मर्डर की साजिश है।”

खबर को शेयर करने के लिए क्लिक करे।।