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6 अक्टूबर को होगी सामान्य सभा, कांग्रेस ने उठाया जवाबदेही का सवाल, नगर निगम में फिर गरमाई राजनीति

बिलासपुर।
नगर निगम बिलासपुर के सभापति विनोद सोनी ने शनिवार को हुई मेयर इन काउंसिल (एमआईसी) बैठक में अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि हर दो माह में सामान्य सभा की बैठक अनिवार्य रूप से आयोजित की जाए।
सभापति ने कहा कि निगम अधिनियम के तहत यह बैठकें जनता के सुझाव, शिकायत और विकास प्रस्तावों के लिए जरूरी हैं, और इसे लेकर किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में सभापति ने साफ कहा कि सामान्य सभा की बैठकें सिर्फ औपचारिकता नहीं बल्कि जनता के लिए जवाबदेही का मंच हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि तय समय सीमा में अगली बैठक का कैलेंडर जारी किया जाए, ताकि पार्षदों को पूर्व सूचना मिले और बैठकें समय पर हो सकें।
जर्जर सड़कों पर जल्द शुरू होगा काम
सभापति ने शहर में जर्जर सड़कों की स्थिति पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण थोड़ी दिक्कत हुई है, लेकिन भाजपा सरकार और नगर निगम प्रशासन जनहित के कार्यों को लेकर गंभीर हैं।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि सड़कों की मरम्मत और निर्माण कार्य जल्द शुरू किए जाएंगे।
“सड़कें जनता की जरूरत हैं, प्रशासन का दायित्व है कि काम तय समय में पूरा हो।”
— विनोद सोनी, सभापति नगर निगम बिलासपुर
पार्षदों ने जताया समर्थन
एमआईसी की बैठक में मौजूद पार्षदों ने सभापति के निर्देशों का समर्थन किया। उनका कहना था कि नियमित बैठकें होने से निगम के कार्यों में पारदर्शिता और निर्णय प्रक्रिया दोनों में तेजी आएगी।
सामान्य सभा बैठक का नियम
बिंदु विवरण नियम हर दो माह में सामान्य सभा अनिवार्य जिम्मेदार अधिकारी निगम आयुक्त निर्देश जारी करने वाले सभापति विनोद सोनी बैठक का उद्देश्य जनसमस्याओं, प्रस्तावों, वर्तमान स्थिति एमआईसी में सर्वसम्मति से निर्णय
कांग्रेस ने सभापति को लिखा था पत्र
नगर कांग्रेस ने निगम की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए सभापति विनोद सोनी को पत्र लिखा है।
कांग्रेस नेताओं ने पत्र में लिखा —
“सामान्य सभा की बैठक न बुलाना जनता से जुड़ी जवाबदेही से बचने की कोशिश है। जनता के मुद्दों पर चर्चा के लिए निगम को कैलेंडर जारी करना चाहिए।”पार्टी ने मांग की है कि बैठकों की कार्यवाही सार्वजनिक की जाए और पार्षदों को पूर्व सूचना दी जाए, ताकि निगम की कार्यशैली पारदर्शी हो सके।



