मो इसराइल
बिलासपुर।
दयालबंद का कुख्यात बदमाश ऋषभ पनिकर एक बार फिर शहर की सड़कों पर आतंक फैलाते दिखा। दुर्गा पंडाल से लौट रहे युवक को बीच रास्ते रोककर उसने गले पर चाकू अड़ा दिया और शराब के लिए पैसे मांगते हुए जान से मारने की धमकी दी। आरोपी के खिलाफ पहले से ही दर्जनों मामले हैं, लेकिन वह बेखौफ होकर शहर में घूम रहा है।
क्या है मामला


तोरवा पुराना पावर हाउस चौक निवासी शैलेन्द्र बाजपेई 2 अक्टूबर की रात करीब सवा 9 बजे राजकिशोर नगर स्थित कैलाश धाम दुर्गा पंडाल में दर्शन करने गया था। लौटते समय दयालबंद का हिस्ट्रीशीटर ऋषभ पनिकर वहां पहुंचा। उसने शैलेन्द्र को गाली देते हुए कहा कि “नेता बन रहा है क्या?” इसके बाद उसने शराब पीने के लिए रुपए मांगे।
जब शैलेन्द्र ने रुपए नहीं होने की बात कही, तो आरोपी ने गाली-गलौज करते हुए गले पर चाकू अड़ा दिया और जान से मारने की धमकी दी। घटना के दौरान शैलेन्द्र के साथ कृष्णा सिंह और अनुराग खुटे मौजूद थे। उन्होंने बीच-बचाव किया। बाद में पीड़ित ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने आरोपी ऋषभ पनिकर के खिलाफ धारा 294, 506, 327 के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की है।
आरोपी का आपराधिक इतिहास
दयालबंद निवासी ऋषभ पनिकर के खिलाफ शहर के अलग-अलग थानों में 12 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। उस पर अपहरण, मारपीट, आत्महत्या के लिए उकसाने, और बिल्डर की दुकान में तोड़फोड़ जैसे गंभीर अपराधों के प्रकरण दर्ज हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान उसे जिलाबदर भी किया गया था, लेकिन कुछ ही महीनों में वह फिर सक्रिय हो गया।
बिलासपुर में गुंडई का बोलबाला
शहर में लगातार हिस्ट्रीशीटरों और बदमाशों के सक्रिय रहने से आम नागरिकों में दहशत है। नवरात्र जैसे धार्मिक त्योहारों के बीच भी बदमाश खुलेआम चाकू लहराते घूम रहे हैं।
बीती रात सरकंडा क्षेत्र में एक धार्मिक स्थल के पास उसी तरह की गुंडागर्दी की घटना सामने आई थी। वहीं, जमीन के धंधे से जुड़े कई हिस्ट्रीशीटर भी इन दिनों काफिला लेकर घूमते नजर आ रहे हैं। पुलिस की नाक के नीचे हो रही ऐसी हरकतों ने शहर की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
त्योहारों के बीच पुलिस की कमजोरी उजागर
नवरात्रि और दशहरा के दौरान पुलिस ने जरूर हथियारों की चेकिंग और कुछ कार्रवाई की थी, परंतु वह सिर्फ दिखावे तक सीमित रही। दो-चार चाकू जब्त करने और कुछ बदमाशों को थाने लाने के बाद कार्रवाई ठंडी पड़ गई।
दयालबंद, कुदुदान और सरकंडा क्षेत्रों में सक्रिय दर्जनों हिस्ट्रीशीटरों की मौजूदगी के बावजूद कोई ठोस कदम अब तक नहीं उठाया गया है।
1 — बिलासपुर में बढ़ती अराजकता
- शहर में सक्रिय हिस्ट्रीशीटरों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
- थानों में दर्ज पुराने प्रकरणों पर कार्रवाई लंबित है।
- जिलाबदर अपराधियों की निगरानी व्यवस्था कमजोर।
- पंडालों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में चेकिंग के नाम पर सिर्फ औपचारिकता।
2 — पुलिस की जिम्मेदारी कहां अधूरी?
- अपराधियों की सूची तो हर थाने में तैयार है, पर उस पर अमल नहीं।
- जिलाबदर और निगरानी आदेश के बाद भी हिस्ट्रीशीटर खुले घूम रहे हैं।
- संवेदनशील इलाकों में रात्रि गश्त व्यवस्था ढीली।
- पब्लिक सिक्योरिटी और इंफॉर्मेशन नेटवर्क निष्क्रिय।
3 — जनप्रतिनिधियों की चुप्पी
शहर में कुछ हिस्ट्रीशीटरों को स्थानीय जनप्रतिनिधियों का संरक्षण मिलने की चर्चा आम है। त्योहारों के दौरान कुछ बदमाश नेताओं के साथ मंचों पर भी देखे गए। सवाल यह है कि जब अपराधी राजनीतिक भीड़ में जगह पा रहे हैं, तो फिर पुलिस उन पर कार्रवाई करने से क्यों हिचक रही है?
फैक्ट बॉक्स
- घटना: 2 अक्टूबर, राजकिशोर नगर (कैलाश धाम दुर्गा पंडाल के बाहर)
- आरोपी: ऋषभ पनिकर, दयालबंद निवासी
- पीड़ित: शैलेन्द्र बाजपेई, तोरवा पुराना पावर हाउस चौक
- गवाह: कृष्णा सिंह, अनुराग खुटे
- मामला दर्ज: धारा 294, 506, 327 के तहत
- आरोपी पर दर्ज मामले: 12+
- स्थिति: आरोपी फरार, पुलिस जांच जारी



