मो इसराइल
दशहरे के मंच से निकले शब्दों पर मचा सियासी घमासान, कांग्रेस ने कसा तंज, जनता पूछ रही– “कौन है सरकार का रावण?”
बिलासपुर, भरतपुर/सोनहत, 03 अक्टूबर।
दशहरे पर जहां एक ओर रावण दहन के मंच से बुराई के अंत का संदेश दिया गया, वहीं सोनहत में आयोजित कार्यक्रम में बीजेपी विधायक रेणुका सिंह के शब्दों ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी। उन्होंने मंच से कहा—
“सरकार में भी रावण है और समाज में भी रावण है, लेकिन रावण का अंत तय करना पड़ता है।”
यह बयान सामने आते ही क्षेत्र की राजनीति में भूचाल आ गया। विपक्ष ने सवाल उठाते हुए विधायक से यह स्पष्ट करने को कहा कि आखिर सरकार में ‘रावण’ किसे बताया जा रहा है।
रेणुका सिंह का बयान

- सोनहत में दशहरा समारोह के दौरान दिया गया।
- समाज और सरकार दोनों में रावण होने की बात कही।
- कहा— “रावण का अंत करना पड़ता है।”
कांग्रेस का पलटवार
कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा—
“अगर सरकार में रावण है तो जनता को बताइए, कौन है वो जो जनता का हक निगल रहा है? समाज को रावण बताना बेहद आपत्तिजनक है। समाज राजनीति की नींव है।”
गुलाब कमरो ने पूछा—
- “क्या सत्ता के गलियारों में कोई दस सिर वाला भ्रष्टाचार का प्रतीक छिपा है?”
- “अगर नाम नहीं बताएंगे तो जनता इसे छलावा मानेगी।”
जनता के बीच उठे सवाल
- विधायक का इशारा सत्ता पक्ष की ओर है या विपक्ष की ओर?
- क्या सरकार में बैठे किसी नेता की तरफ यह संकेत है?
- समाज में ‘रावण’ आखिर किसके संरक्षण में पनप रहा है?
रेणुका सिंह के चर्चित बयान
- 2019 – आदिवासी समाज को लेकर मंच से दिया गया बयान, जिस पर विरोध हुआ।
- 2021 – राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए “तानाशाही रवैया” कहकर घिरीं।
- 2023 – विधानसभा में टिप्पणी पर विपक्ष ने कड़ा विरोध किया।
- 2025 – दशहरे पर सोनहत में कहा– “सरकार और समाज में रावण है।”
गुलाब कमरो का बयान

- “समाज का दर्जा ऊंचा है, उसे रावण कहना अपमान है।”
- “अगर सरकार में रावण है तो नाम उजागर करें।”
- “आपने तीर चलाया है, तो निशाने का खुलासा भी करें।”



