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सुपारी किलिंग का पर्दाफाश: मां-बेटी पर नकाबपोशों का जानलेवा हमला, 5 लाख की सुपारी में बुनी गई खौफनाक साज़िश

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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Mohammed israil


पति की मौत के बाद नौकरी और करोड़ों की दावा राशि के लिए रिश्तेदारों ने ही रची हत्या की प्लानिंग; पुलिस ने चार आरोपी दबोचे, हथियार और बाइक जब्त

मल्हार (बिलासपुर), 1 अक्टूबर।
छोटे खइयांपारा (वार्ड क्रमांक 05) में 26 सितंबर की सुबह हुई सनसनीखेज़ वारदात के पीछे की खौफनाक साज़िश का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मां-बेटी पर नकाबपोशों द्वारा किया गया जानलेवा हमला कोई सामान्य अपराध नहीं था, बल्कि 5 लाख रुपये की सुपारी लेकर की गई सुनियोजित हत्या की कोशिश थी।
गनीमत रही कि मां-बेटी मौत के मुंह से बच गईं, हालांकि मां की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है।


कैसे हुआ हमला?

सुबह लगभग 5:45 बजे सतरूपा श्रीवास रोज़ की तरह दरवाजा खोलकर बाहर ब्रश करने निकली थीं। तभी घात लगाए बैठे दो नकाबपोश युवकों ने उन पर लाठी-डंडों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
खून से लथपथ सतरूपा ज़मीन पर गिर पड़ीं। उनकी चीखें सुनकर बेटी बृहस्पति बचाने दौड़ीं, लेकिन हमलावरों ने उस पर भी हमला कर दिया। दोनों मां-बेटी को मृत समझकर आरोपी मौके से फरार हो गए।

स्थानीय लोगों ने घर में प्रवेश कर दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मस्तूरी पहुँचाया, जहां से गंभीर हालत देखते हुए उन्हें बिलासपुर रेफर किया गया।


पुलिस जांच और बड़ा खुलासा

चौकी प्रभारी ओंकारधर दिवान के नेतृत्व में पुलिस ने त्वरित विवेचना शुरू की। सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और चिकित्सकीय रिपोर्ट से सामने आया कि यह हमला एक सुनियोजित सुपारी किलिंग थी।
पुलिस ने संदेही कृष्ण कुमार श्रीवास और विष्णु प्रसाद श्रीवास को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में उन्होंने चौंकाने वाला खुलासा किया—
👉 तनौद निवासी नूतन कर्ष और टेकराम केंवट के साथ मिलकर यह साजिश रची गई थी।
👉 सौदा 5 लाख रुपये में तय हुआ था, जिसमें से 70 हजार रुपये एडवांस दिए गए थे।
👉 25 सितंबर की शाम सभी आरोपी मोटरसाइकिल क्रमांक CG 11 AX 7334 से मल्हार पहुंचे और पूरी योजना बनाई।


गिरफ्तारियां और जब्ती

पुलिस ने आरोपियों नूतन कर्ष, टेकराम केंवट, कृष्ण कुमार श्रीवास और विष्णु प्रसाद श्रीवास को गिरफ्तार कर लिया।
जब्त सामग्री:

  • दो लाठियां
  • घटना में प्रयुक्त कपड़े
  • मोटरसाइकिल

आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।
मामला धारा 109, 115(2), 333, 3(5) बीएनएस के तहत दर्ज किया गया है।


साज़िश के पीछे की असली वजह

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पीड़िता सतरूपा श्रीवास के पति तारकेश्वर श्रीवास (एसईसीएल कर्मी) की मौत हो चुकी है।
उनकी मौत के बाद मिलने वाली नौकरी और करोड़ों रुपये की दावा राशि पर विवाद चल रहा था। इसी को लेकर ससुराल पक्ष ने हत्या की योजना रची।


कैसे रची गई साजिश?

  • 25 सितंबर की शाम आरोपी मल्हार पहुंचे।
  • दुर्गा प्रतिमा स्थापना के कारण भीड़ होने से योजना टल गई।
  • सभी आरोपी जोंधरा गांव जाकर शराब पीते और ढाबे में खाना खाते रहे।
  • रात 2 बजे रामसागर तालाब स्थित बजरंगबली मंदिर में ठहरे।
  • सुबह 5:45 बजे जैसे ही सतरूपा दरवाजा खोलकर बाहर निकलीं, नकाबपोश हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ प्रहार कर दिया।
  • बेटी बृहस्पति भी घायल हुई।
  • वारदात के बाद आरोपी बाइक से भागकर बस स्टैंड के पास मिले और फरार हो गए।

🔴 वारदात की तारीख: 26 सितंबर, सुबह 5:45 बजे🔴 पीड़ित: सतरूपा श्रीवास (गंभीर), बृहस्पति श्रीवास (खतरे से बाहर)🔴 साजिशकर्ता: कृष्ण कुमार श्रीवास, विष्णु प्रसाद श्रीवास🔴 हमलावर: नूतन कर्ष, टेकराम केंवट🔴 सुपारी रकम: 5 लाख रुपये (70 हजार अग्रिम)🔴 मकसद: नौकरी और दावा राशि पर कब्ज़ा


पुलिस का बयान

चौकी प्रभारी ओंकारधर दिवान ने कहा—
“यह कोई साधारण हमला नहीं बल्कि सोची-समझी सुपारी किलिंग थी। चारों आरोपी गिरफ्तार हैं और मामले में आगे की जांच जारी है।”

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