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श्रद्धा पर टैक्स, बीफ टैक्स फ्री – कांग्रेस का भाजपा पर वार, कहा जल्द होगी सड़क की लड़ाई

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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Mohammed israil

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बिलासपुर।जिला कांग्रेस कमेटी बिलासपुर के अध्यक्ष विजय केशरवानी ने केंद्र सरकार की हालिया जीएसटी 0.2 रिफॉर्म को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि श्रद्धा और पूजा सामग्री पर टैक्स लगाया जा रहा है, जबकि बीफ को टैक्स फ्री रखा गया है, जिससे भाजपा का असली चेहरा जनता के सामने आ गया है। विजय केशरवानी ने कहा कि जीएसटी सुधार के नाम पर भाजपा केवल छूट का ढोंग और उत्सव की नौटंकी कर रही है, जबकि आम आदमी महंगाई की मार झेल रहा है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि इस मुद्दे पर वह जल्द ही सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी।श्रद्धा टैक्स पर सवालपहले लूट, अब छूट की नौटंकीरोजमर्रा की जिंदगी पर असरबिजली बिल हाफ योजना बंद करने पर भी निशानाबीफ टैक्स फ्री, भाजपा मौनकीमतों में हेरफेर और कंपनियों की चालाकीकपड़े और इंश्योरेंस पर भी चोटकांग्रेस का ऐलान – सड़क की लड़ाई होगीभाजपाई उत्सव की पोल

बिलासपुर।जिला कांग्रेस कमेटी बिलासपुर के अध्यक्ष विजय केशरवानी ने केंद्र सरकार की हालिया जीएसटी 0.2 रिफॉर्म को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि श्रद्धा और पूजा सामग्री पर टैक्स लगाया जा रहा है, जबकि बीफ को टैक्स फ्री रखा गया है, जिससे भाजपा का असली चेहरा जनता के सामने आ गया है। विजय केशरवानी ने कहा कि जीएसटी सुधार के नाम पर भाजपा केवल छूट का ढोंग और उत्सव की नौटंकी कर रही है, जबकि आम आदमी महंगाई की मार झेल रहा है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि इस मुद्दे पर वह जल्द ही सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी।

श्रद्धा टैक्स पर सवाल

विजय केशरवानी ने कहा कि भाजपा सरकार गरीबों की रसोई और श्रद्धालुओं की आस्था दोनों पर हमला कर रही है। पूजा-पाठ की सामग्री पर टैक्स लगाया गया है जबकि दवा, रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं और खाद्य पदार्थों ने आम जनता का बजट बिगाड़ दिया है। उन्होंने कहा – “भाजपा बताए कि जीएसटी रिफार्म से गरीब की थाली को फायदा हुआ या पूजा करने वाले श्रद्धालुओं को टैक्स का बोझ मिला?”

पहले लूट, अब छूट की नौटंकी

कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि जीएसटी लागू करते समय भाजपा ने गरीब, मध्यमवर्ग और छात्रों तक से वसूली की। अब थोड़ी छूट देकर वाहवाही लूटने की कोशिश हो रही है। स्कूल की कॉपियों पर जीरो टैक्स का प्रचार किया गया, लेकिन कागज पर टैक्स बढ़ाकर 12% से 18% कर दिया गया, जिससे नोटबुक और महंगी हो गई। इसी तरह ट्रांसपोर्ट पर टैक्स बढ़ाकर 18% कर दिया गया, जिससे हर वस्तु महंगी हो गई है।

रोजमर्रा की जिंदगी पर असर

विजय केशरवानी ने कहा कि सब्जी और फल खरीदना तक लोगों के लिए भारी हो गया है। किराना दुकान से रोजमर्रा का सामान लेना हो या होटल में खाना खाना – हर जगह जीएसटी ने जेब पर बोझ डाला है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को बाजार जाकर जनता से मिलना चाहिए, तब हकीकत सामने आएगी।

बिजली बिल हाफ योजना बंद करने पर भी निशाना

जिला अध्यक्ष ने राज्य सरकार को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने किसानों और आम उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए बिजली बिल हाफ योजना लागू की थी, लेकिन भाजपा सरकार ने इसे बंद कर दिया है। अब बिजली बिल चार से पांच गुना बढ़ गए हैं और आम आदमी का बजट चरमरा गया है।

बीफ टैक्स फ्री, भाजपा मौन

केशरवानी ने कहा कि भाजपा ने सत्ता पाई तो गाय के नाम पर, लेकिन अब बीफ पर कोई जीएसटी नहीं लगाया गया। इससे बीफ निर्यात बढ़ेगा और गौहत्या को बढ़ावा मिलेगा। भाजपा और उसके संगठन इस पर चुप्पी साधे हुए हैं। उन्होंने कहा – “यह भाजपा का असली चेहरा है।”

कीमतों में हेरफेर और कंपनियों की चालाकी

कांग्रेस नेता ने खुलासा किया कि जीएसटी छूट से पहले ही कंपनियों ने दाम बढ़ा दिए। बादाम का दाम पहले 680 रुपये किलो था, जो अब 790 रुपये हो गया। घी 540 रुपये लीटर से बढ़कर 585 रुपये हो गया। छोटे पैकेट वाले सामान में रेजगारी की समस्या खड़ी हो गई है – 5 रुपये का बिस्किट अब 4.70 का मिलेगा, तो 30 पैसे कौन लौटाएगा?

कपड़े और इंश्योरेंस पर भी चोट

केशरवानी ने कहा कि कपड़ों पर जीएसटी 5% कर दिया गया लेकिन धागे पर टैक्स 12% से बढ़ाकर 18% कर दिया, जिससे कपड़े महंगे हो जाएंगे। 2500 रुपये से ज्यादा कीमत वाले कपड़ों पर भी 18% जीएसटी लगाया गया है। इंश्योरेंस पर टैक्स हटाने से भी कंपनियां प्रीमियम बढ़ा देंगी, जिसका बोझ उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।

कांग्रेस का ऐलान – सड़क की लड़ाई होगी

जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने स्पष्ट कहा कि जीएसटी सुधार के नाम पर भाजपा सरकार ने गरीबों, मध्यमवर्ग, किसानों और छात्रों के साथ धोखा किया है। उन्होंने कहा – “केंद्र और राज्य सरकार की वादाखिलाफी के खिलाफ कांग्रेस जल्द ही सड़क पर उतरकर जनता की आवाज बुलंद करेगी।”


भाजपाई उत्सव की पोल

  • कई कंपनियों ने जीएसटी छूट से पहले ही दाम बढ़ा दिए।
  • छोटे पैकेट वाले सामान (टॉफी, बिस्किट) में रेजगारी की समस्या।
  • कपड़े, धागे और इंश्योरेंस में टैक्स संरचना से कीमतें बढ़ेंगी।
  • बिजली बिल, पेट्रोल-डीजल, घरेलू गैस और केरोसिन जीएसटी दायरे से बाहर – क्योंकि आपूर्ति उद्योगपतियों के पास।

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