Mohammed israil
बिलासपुर, रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर और बिलासपुर शुक्रवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) की बड़ी कार्रवाई से हिल गए। मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय अनियमितताओं की जांच के तहत ईडी की टीमों ने रहेजा ग्रुप और सुल्तानिया ग्रुप के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान अफसरों ने घंटों तक रिकार्ड खंगाले और कई अहम दस्तावेज जब्त किए।


रायपुर: संजय रहेजा के घर-दफ्तर पर दबिश
राजधानी रायपुर में ईडी की टीम सुबह तड़के ही रहेजा ग्रुप के संचालक संजय रहेजा के आवास और कार्यालय पहुंची। अचानक हुई दबिश से कारोबारी जगत में सनसनी फैल गई।
सूत्रों के मुताबिक, ईडी अफसरों ने यहां से फाइनेंशियल रिकॉर्ड्स, संदिग्ध लेनदेन से जुड़ी फाइलें और डिजिटल डेटा खंगाले। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई किसी शक़ी मनी ट्रेल के आधार पर की गई है।
बिलासपुर: सुल्तानिया ग्रुप के ठिकानों पर घंटों रेड
बिलासपुर में ईडी ने सुल्तानिया ग्रुप की कंपनियों, जिनमें मीनाक्षी सेल्स प्रमुख है, पर ताबड़तोड़ छापे मारे। टीम ने बैंक स्टेटमेंट, बहीखाते और कारोबारी लेनदेन की विस्तृत जांच की।
जानकारी है कि इस ग्रुप के धंधों का कनेक्शन कोयला घोटाले के आरोपी सूर्यकांत तिवारी से जुड़ा हुआ है। सूत्रों का मानना है कि ईडी की यह दबिश उन्हीं पुराने धंधों की गुत्थियां सुलझाने की कड़ी हो सकती है।
सुरक्षा व्यवस्था टाइट – ईडी की चुप्पी
रायपुर और बिलासपुर में रेड के दौरान स्थानीय पुलिस ने सुरक्षा का घेरा कस दिया, ताकि भीड़ या हंगामे की स्थिति न बने।
हालांकि, ईडी अधिकारियों ने इस पूरी कार्रवाई पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
पुराने घोटालों से जुड़ी हो सकती है कड़ी
पिछले कुछ महीनों में ईडी ने छत्तीसगढ़ में कोयला और शराब कारोबार से जुड़े मामलों में कई दबिशें दी हैं। ताजा कार्रवाई को भी उन्हीं मामलों की मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध सौदों की परतें खोलने की कोशिश माना जा रहा है।
1: ED की हालिया बड़ी कार्रवाई
- 2024-25 में छत्तीसगढ़ में कोयला घोटाला, शराब नीति और हवाला कारोबार पर कई दबिशें।
- अब तक 50 से ज्यादा कारोबारी और अफसरों से पूछताछ।
- कई सौ करोड़ की बेहिसाब संपत्तियां अटैच।
2: क्यों सुल्तानिया ग्रुप पर शक?
- मीनाक्षी सेल्स पर लंबे समय से नजर।
- कारोबारी लेनदेन में असामान्य वृद्धि।
- सूर्यकांत तिवारी से रिश्तेदारी और कारोबारी संबंध।
3: आगे क्या?
- दस्तावेजों की जांच के बाद समन और पूछताछ की तैयारी।
- दोनों ग्रुप्स से जुड़े अन्य ठिकानों पर भी दबिश संभव।
- ईडी की अगली रिपोर्ट से नए खुलासों की उम्मीद।



