Mohammed israil
बिलासपुर, 26 सितम्बर 2025। खुले में पशु छोड़कर नियमों को ताक पर रखने वाले मालिकों पर अब प्रशासनिक शिकंजा कसना शुरू हो गया है। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर तखतपुर प्रशासन ने एसडीएम के मार्गदर्शन में संयुक्त कार्रवाई करते हुए दो पशु मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। इससे पहले कोटा एसडीएम भी ऐसे ही प्रकरणों में कठोर कार्रवाई कर चुके हैं। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों ने पशु मालिकों में खलबली मचा दी है।
संयुक्त टीम ने किया निरीक्षण
एसडीएम के निर्देश पर गठित टीम में राजस्व विभाग तखतपुर, पशुपालन विभाग तखतपुर और जनपद पंचायत सीईओ तखतपुर शामिल थे। इस टीम ने क्षेत्र का गहन निरीक्षण किया और पाया कि कई पशु मालिक नियमों का उल्लंघन कर अपने पशुओं को सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर खुले में छोड़ रहे हैं।
कड़े कानूनी प्रावधानों में दर्ज हुई एफआईआर
प्रशासन ने जांच रिपोर्ट के आधार पर तखतपुर और सकरी थानों में दो एफआईआर दर्ज कराई हैं। एफआईआर इन धाराओं के तहत की गई है:
- पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 3 एवं 11
- भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 285, 291
इसके साथ ही एसडीएम कार्यालय ने संबंधित पशु मालिकों को समन जारी कर न्यायालय में उपस्थित होने के आदेश दिए हैं।
साफ संदेश : पशु खुले में छोड़ना महंगा पड़ेगा
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अब खुले में पशु छोड़ने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। सड़क पर छोड़े गए पशु दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बन रहे हैं और नगर व गाँवों की स्वच्छता और सौंदर्य को नुकसान पहुंचा रहे हैं। निरीक्षण और कार्रवाई के दौरान स्वयं एसडीएम और सीईओ जनपद पंचायत तखतपुर टीम के साथ मौजूद रहे।
अब तक की बड़ी कार्रवाई
- कोटा एसडीएम ने पशु मालिकों पर कार्रवाई कर कई मामलों में एफआईआर दर्ज कराई थी
- अब तखतपुर प्रशासन ने भी की सख्त कार्रवाई, दो एफआईआर दर्ज
कानूनी धाराएँ लागू
- पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 : धारा 3 एवं 11
- भारतीय न्याय संहिता : धारा 285, 291
- समन जारी, पशु मालिकों को न्यायालय में उपस्थित होने का आदेश
प्रशासन की अपील
- पशुओं को खुले में न छोड़ें, सुरक्षित स्थानों पर रखें
- सड़क दुर्घटनाओं और अव्यवस्था से बचाने में सहयोग करें



