Mohammed israil
बिलासपुर। नवरात्र पर सुचारु यातायात व्यवस्था का दावा करने वाली ट्रैफिक पुलिस की हकीकत मंगलवार को नेहरू चौक, रामसेतु मार्ग, सरकंडा और सदर बाजार में खुलकर सामने आई। जगह-जगह वाहनों की लंबी कतारें लगीं, जाम में फंसे लोग पसीना-पसीना होते रहे और हालात यह रहे कि एक एंबुलेंस तक 25 मिनट तक जाम में फंसी रही।


नवरात्र महोत्सव और डांडिया-गरबा आयोजनों को लेकर ट्रैफिक पुलिस ने शहरवासियों को एडवाइजरी जारी करते हुए विशेष इंतजामों का दावा किया था। पार्किंग स्थल चिन्हांकित करने से लेकर पंडाल परिसरों में वाहनों का प्रवेश रोकने और छोटे वाहनों व पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने की अपील तक की गई थी। लेकिन मंगलवार को हकीकत बिल्कुल उलट दिखी।
नेहरू चौक, रामसेतु मार्ग, सरकंडा रोड और सदर बाजार जैसे प्रमुख स्थानों पर वाहनों की भारी भीड़ से पल-पल में जाम की स्थिति बन रही थी। लोग घंटों तक जाम में फंसे रहे। सबसे गंभीर स्थिति तब बनी जब एक एंबुलेंस 25 मिनट तक जाम में फंसी रही और लोगों ने धक्का-मुक्की कर रास्ता बनाने की कोशिश की।
लोगों का कहना है कि अभी तो पूरी तरह से दुर्गा पंडाल सजे भी नहीं हैं और भीड़ का यह हाल है। आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ेंगे, जिसकी जिम्मेदारी सीधे ट्रैफिक पुलिस की नाकामी पर जाती है।
1 : ट्रैफिक अलर्ट (पुलिस की एडवाइजरी)
- गोड़पारा माँ दुर्गा दर्शन स्थल (न्यू रिवर व्यू) पार्किंग स्थल :
- लाल बहादुर शास्त्री स्कूल परिसर
- हैप्पी स्ट्रीट
- बाजपेई मैदान
- कोतवाली मल्टीलेवल पार्किंग
- रामसेतु सरकंडा मार्ग (निर्माणाधीन क्षेत्र)
- फुटबॉल ग्राउंड
- जलसा गरबा डांडिया (साइंस कॉलेज) : खेल परिसर, सरकंडा रोड
- पंखिड़ा गरबा डांडिया (सीपीआई हाई कोर्ट रोड) :
- सीपीआई परिसर
- बोधरी मार्ग
- जीवन विहार मार्ग
(समय – 24 सितंबर को शाम 7 बजे से रात 12 बजे तक)
2 : एंबुलेंस फंसी जाम में
- 25 मिनट तक जाम में फंसी रही एंबुलेंस
- धक्का-मुक्की कर राहगीरों ने रास्ता बनाया
- मरीज और परिजनों की जान पर बनी
3 : नगर निगम की प्रीपेड पार्किंग
नवरात्र पर बढ़ती भीड़ को देखते हुए नगर निगम ने न्यू रिवर व्यू के किनारे प्रीपेड पार्किंग की व्यवस्था की है। निगम दावा कर रहा है कि इससे भीड़ नियंत्रित होगी, लेकिन हकीकत इसके उलट दिख रही है। लोगों का कहना है कि निगम और पुलिस का आपसी तालमेल न होने से ही शहरवासी जाम की मार झेल रहे हैं।
4 : लोगों की परेशानी
- पंडाल पहुंचने से पहले ही थक गए लोग
- महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा दिक्कत
- पैदल चलने वालों के लिए भी रास्ता नहीं बचा
- “कागजों में व्यवस्था है, जमीन पर सिर्फ अफरातफरी” – लोगों का आरोप



