Mohammed israil
रायपुर का एसीआई बना उम्मीद की किरण
रायपुर, 23 सितम्बर | पं. जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय परिसर स्थित एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट (एसीआई) ने एक बार फिर असंभव को संभव कर दिखाया है। मध्यप्रदेश के 60 वर्षीय मरीज के हृदय की चारों नसें 100% ब्लॉक हो चुकी थीं। बड़े अस्पतालों ने इलाज से हाथ खड़े कर दिए थे। लेकिन एसीआई के कार्डियोलॉजी विभाग ने एंजियोप्लास्टी की जटिल प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर मरीज को नया जीवनदान दिया।
मरीज का अनुभव : “डॉक्टरों ने मुझे फिर से जीने का मौका दिया”
मरीज ने कहा—
“जब कई बड़े अस्पतालों के डॉक्टरों ने इलाज से मना कर दिया था, तब हमें एसीआई का नाम पता चला। मैंने डॉक्टरों से साफ कहा कि चाहे जितना रिस्क हो, इलाज कीजिए, मैं मानसिक रूप से तैयार हूँ। आज एसीआई के कारण मैं जिंदा हूँ। यहाँ की टीम ने सचमुच चमत्कार कर दिया।”
डॉक्टरों की मेहनत और सफलता
- कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. स्मित श्रीवास्तव के नेतृत्व में राइट फीमोरल एंजियोप्लास्टी की गई।
- नसों का ब्लॉकेज कठोर था, इसीलिए लेजर एंजियोप्लास्टी की तैयारी भी रखी गई थी।
- सौभाग्य से सामान्य एंजियोप्लास्टी से ही शानदार परिणाम मिले।
- मरीज अब पूरी तरह स्वस्थ हैं और जल्द ही डिस्चार्ज होंगे।
डीन डॉ. विवेक चौधरी का निर्देश
डॉ. चौधरी ने मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए तत्काल प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि –
“एसीआई लगातार प्रदेश और बाहर से आने वाले मरीजों की जिंदगी बचा रहा है। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ की चिकित्सा सेवाओं की साख को और मजबूत करती है।”
एसीआई की बड़ी उपलब्धियां
- 5 वर्ष पहले भी मध्यप्रदेश के ही मरीज की लेजर एंजियोप्लास्टी सफलतापूर्वक की गई थी।
- अब तक सैकड़ों गंभीर हृदय रोगियों का सफल इलाज।
- पड़ोसी राज्यों (एमपी, झारखंड, ओडिशा) से भी मरीज इलाज के लिए रायपुर आते हैं।
- हृदय रोग उपचार में एसीआई प्रदेश का सबसे भरोसेमंद केंद्र बन चुका है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
कार्डियोलॉजिस्ट मानते हैं कि –
“100% ब्लॉकेज की स्थिति बेहद गंभीर होती है। अधिकांश मरीजों के लिए बाईपास सर्जरी ही विकल्प रहता है। एसीआई टीम का यह प्रयास बताता है कि आधुनिक तकनीक और दक्ष हाथ मिलकर असंभव लगने वाली स्थितियों को भी काबू में ला सकते हैं।”
मरीज और परिजन के लिए संदेश
- हृदय रोग के लक्षण (सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, पसीना, थकान) को कभी हल्के में न लें।
- नियमित स्वास्थ्य जांच और समय पर परामर्श बेहद जरूरी।
- छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में अब एसीआई जैसी संस्थाएं जटिल मामलों को संभालने में सक्षम हैं।



