Mohammed israil
अवैध नर्सिंग होम और लापरवाहियों पर खड़े हुए सवाल
बिलासपुर,तखतपुर।
तखतपुर में सोमवार सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई जब मनियारी नदी पुल के पास सड़क किनारे बोरी में भरा आठ माह का भ्रूण पड़ा मिला। इस अमानवीय और शर्मनाक घटना को देखने के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया और मौके पर भारी संख्या में लोग जमा हो गए।
घटना की जानकारी मिलते ही तखतपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने भ्रूण को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा आसपास के सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है, ताकि यह पता चल सके कि आखिर किसने इतनी संवेदनहीन हरकत की।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना सिर्फ एक अपराध नहीं बल्कि समाज की संवेदनाओं पर बड़ा प्रहार है। ग्रामीण क्षेत्र में चल रहे संदिग्ध नर्सिंग होम और अवैध गर्भपात केंद्रों पर भी सवाल उठने लगे हैं।
ग्रामीण इलाकों में अवैध नर्सिंग होम का जाल
तखतपुर सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में बिना पंजीकरण वाले कई नर्सिंग होम और छोटे क्लीनिक धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं। यहां पर बिना उचित चिकित्सकीय अनुमति के गर्भपात जैसी अवैध गतिविधियां संचालित हो रही है।
बेपरवाह है स्वास्थ्य विभाग
- ग्रामीण अंचलों में बिना लाइसेंस और पंजीयन के चल रहे दर्जनों नर्सिंग होम।
- प्रशिक्षित डॉक्टर और विशेषज्ञ स्टाफ की जगह झोलाछाप डॉक्टर और अनट्रेंड कर्मचारी।
- गर्भपात जैसे संवेदनशील मामलों को गुपचुप तरीके से अंजाम दिया जाता है।
- कई बार असुरक्षित गर्भपात से महिलाओं की जान पर भी बन आती है।
- स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी और लचर निगरानी से ऐसे काले कारोबार को मिल रही है बढ़ावा।
2 : कानून क्या कहता है?
- भ्रूण हत्या (Foeticide) भारतीय दंड संहिता की धारा 315 और 316 के तहत दंडनीय अपराध है।
- यदि किसी महिला के जीवन को खतरा न हो, तो आठ माह के भ्रूण का गर्भपात कराना अवैध है।
- मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (MTP) एक्ट, 1971 के अनुसार —
- 20 सप्ताह से अधिक की गर्भावस्था में गर्भपात केवल विशेष परिस्थितियों (महिला की जान खतरे में होने या गंभीर असामान्यता पाए जाने) पर ही किया जा सकता है।
- बिना लाइसेंस प्राप्त केंद्र पर गर्भपात कराना पूर्णतः गैरकानूनी है।
- इस अपराध में शामिल डॉक्टर, नर्सिंग होम संचालक और सहयोगियों को कठोर सज़ा और जुर्माने का प्रावधान है।



