Mohammed israil
बिलासपुर।राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के संविदा कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल मंगलवार को 30वें दिन भी जारी रही। कर्मचारियों पर स्वास्थ्य सचिव और सीएमएचओ बिलासपुर का अल्टीमेटम पूरी तरह बेअसर साबित हुआ। संगठन ने साफ कहा है कि बर्खास्तगी की कार्रवाई से वे डरने वाले नहीं हैं और एकजुट होकर हड़ताल जारी रखेंगे।
अल्टीमेटम के बाद भी डटे कर्मचारी

स्वास्थ्य सचिव ने सभी सीएमएचओ को निर्देश जारी किया था कि 16 सितम्बर तक ड्यूटी पर वापस नहीं आने वाले संविदा कर्मियों को सेवा से पृथक किया जाए। इसी कड़ी में सीएमएचओ बिलासपुर ने भी हड़ताली कर्मियों को ज्वाइन करने का आदेश दिया, लेकिन हजारों कर्मचारी हड़ताल स्थल पर ही डटे रहे। संगठन का कहना है— “दमन के आगे नहीं झुकेंगे, दमन किया तो और लड़ेंगे।”
स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ठप
30 दिन से जारी हड़ताल के कारण जिला अस्पताल, CIMS, 5 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 44 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों सहित पूरे जिले की स्वास्थ्य सेवाएं ठप पड़ चुकी हैं।
- ओपीडी और आपातकालीन सेवाएं बाधित
- ग्रामीण इलाकों में आयुष्मान आरोग्य मंदिर बंद
- टीकाकरण, मलेरिया, टीबी और राष्ट्रीय कार्यक्रम प्रभावित
- मरीजों की भीड़ निजी अस्पतालों का रुख करने मजबूर
कर्मचारियों का आक्रोश
नियमितीकरण और ग्रेड पे की मांग को लेकर कर्मचारी लगातार आंदोलनरत हैं। सोमवार को कर्मचारियों ने इच्छामृत्यु के लिए कलेक्टर के माध्यम से राज्यपाल को आवेदन भी सौंपा। संगठन का कहना है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक वे हड़ताल से पीछे नहीं हटेंगे।
महिला विंग भी सक्रिय
हड़ताल में बड़ी संख्या में महिला कर्मचारी भी शामिल हैं। अजीता पांडेय, डॉ. सिंड्रेला पाल, डॉ. सोनम अग्रवाल सहित दर्जनों महिला पदाधिकारी सक्रिय रूप से आंदोलन का नेतृत्व कर रही हैं।
संगठन की चेतावनी
कार्यकारी प्रांताध्यक्ष श्याम मोहन दुबे ने कहा—
“यदि सरकार ने नियमितीकरण और ग्रेड पे पर ठोस निर्णय नहीं लिया तो हड़ताल और आंदोलन और तेज किया जाएगा। हमारी एकजुटता ही हमारी ताकत है।”



