Mohammed israil
25वें दिन भी जारी रहा NHM कर्मचारियों का हड़ताल
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) संविदा कर्मचारी अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर लगातार 25वें दिन हड़ताल पर डटे हुए हैं। गुरुवार को जिले के 735 कर्मचारी कोन्हेर उद्यान, नेहरू चौक में जुटे और जोरदार नारेबाजी की। नियमितीकरण और ग्रेड पे की मांग को लेकर आंदोलन और अधिक उग्र करने की रूपरेखा तय की गई।
आंदोलन की रूपरेखा
हड़ताल को आगे बढ़ाने के लिए प्रांत स्तर पर वर्चुअल बैठक भी हुई। इसमें तय हुआ कि जब तक सरकार मांगें पूरी नहीं करती, आंदोलन जारी रहेगा। प्रांताध्यक्ष श्याम मोहन दुबे ने कहा कि “नियमितीकरण तक विरोध थमेगा नहीं, बल्कि और मुखर होगा।”
स्वास्थ्य सेवाएं ठप
18 अगस्त से जारी इस हड़ताल की वजह से जिले की स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो गई हैं।
- जिला अस्पताल और CIMS में OPD व शल्यक्रिया सेवाएं बाधित।
- 5 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 44 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बंद।
- ग्रामीण क्षेत्रों में आयुष्मान आरोग्य मंदिर (उप स्वास्थ्य केंद्र) पूरी तरह ठप।
- टीकाकरण, मलेरिया, TB और महामारी रिपोर्टिंग जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रम प्रभावित।
बरसात के मौसम में उल्टी-दस्त, बुखार और मौसमी बीमारियों के मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा। आमजन को मजबूरी में निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है।
कर्मचारी नेताओं की मौजूदगी
हड़ताल स्थल पर जिला अध्यक्ष राजकुमार यादव, उपाध्यक्ष जीवन महंत, सचिव प्रमोद पटेल, डॉ. हर्ष देवनापित, राधेश्याम सूर्यवंशी, डॉ. अभिषेक पवार समेत बड़ी संख्या में पदाधिकारी उपस्थित रहे।
महिला विंग से अजीता पांडेय, डॉ. सिंड्रेला पाल, डॉ. सोनम अग्रवाल, शहनाज, हेमा, लक्ष्मी, वर्षा, मोनिका सहित सैकड़ों सदस्य शामिल हुईं।
🔻 NHM कर्मचारियों की 10 सूत्रीय मुख्य मांगें
- संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण।
- ग्रेड पे की व्यवस्था लागू हो।
- नौकरी की सुरक्षा और स्थायी सेवा शर्तें।
- समय पर वेतन भुगतान की गारंटी।
- स्वास्थ्य बीमा और पेंशन जैसी सुविधाएं।
- कार्यस्थल पर सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित हो।
- प्रमोशन और कैरियर ग्रोथ का रोडमैप।
- महिला कर्मचारियों को मातृत्व लाभ और सुरक्षा।
- प्रशिक्षण व कौशल विकास की नीति।
- अनुबंध समाप्ति की प्रथा पर रोक।



