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गरियाबंद के मैनपुर जंगल में भीषण मुठभेड़, ₹1 करोड़ के इनामी नक्सली कमांडर समेत 10 ढेर, हथियार बरामद

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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Mohammed israil

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गरियाबंद/रायपुर। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद की जड़ों को उखाड़ फेंकने के लिए सुरक्षा बलों का अभियान तेज़ है। इसी कड़ी में गुरुवार को गरियाबंद जिले के मैनपुर के घने जंगलों में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। इसमें ₹1 करोड़ के इनामी और बड़े माओवादी कमांडर मोडेम बालकृष्ण उर्फ मनोज उर्फ भास्कर समेत 10 नक्सलियों को मार गिराया गया। मुठभेड़ के बाद जंगल में कई नक्सलियों के शव पड़े मिले हैं, जबकि सुरक्षा बलों ने मौके से कई ऑटोमैटिक हथियार भी बरामद किए हैं।मुठभेड़ की पूरी कहानीबड़े नक्सली कमांडर का अंतनेताओं के बयानढेर हुए नक्सलीऑपरेशन में शामिल बल बरामदगी बड़ा संदेश

गरियाबंद/रायपुर। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद की जड़ों को उखाड़ फेंकने के लिए सुरक्षा बलों का अभियान तेज़ है। इसी कड़ी में गुरुवार को गरियाबंद जिले के मैनपुर के घने जंगलों में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। इसमें ₹1 करोड़ के इनामी और बड़े माओवादी कमांडर मोडेम बालकृष्ण उर्फ मनोज उर्फ भास्कर समेत 10 नक्सलियों को मार गिराया गया। मुठभेड़ के बाद जंगल में कई नक्सलियों के शव पड़े मिले हैं, जबकि सुरक्षा बलों ने मौके से कई ऑटोमैटिक हथियार भी बरामद किए हैं।


मुठभेड़ की पूरी कहानी

खुफिया इनपुट मिला था कि मैनपुर क्षेत्र के जंगल में नक्सलियों का गुट सक्रिय है। सूचना पर एसटीएफ, ई-30, कोबरा बटालियन और गरियाबंद पुलिस की संयुक्त टीम रवाना हुई। जवान जैसे ही जंगल के भीतर बढ़े, नक्सलियों ने गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की।

गरियाबंद एसपी निखिल राखेचा ने पुष्टि की कि मुठभेड़ में कई नक्सली ढेर हुए हैं। वहीं, आईजी अमरेश मिश्रा ने बताया कि जंगल में लगभग 9 शव पड़े हैं, परंतु IED खतरे के कारण तुरंत सर्च ऑपरेशन नहीं चलाया गया।


बड़े नक्सली कमांडर का अंत

सूत्रों के मुताबिक मारे गए नक्सलियों में मोस्ट वॉन्टेड सीसीएम मोडेम बालकृष्ण भी शामिल है। यह छत्तीसगढ़ में नक्सलियों की बड़ी साजिशों का मास्टरमाइंड था। केंद्र और राज्य की सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से इसकी तलाश में थीं।


नेताओं के बयान

  • गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा – “10 नक्सलियों के मारे जाने की खबर है। यह अभियान 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह ख़त्म करने की दिशा में बड़ी सफलता है।”
  • आईजी अमरेश मिश्रा – “जंगल में शव पड़े हैं, IED खतरे के कारण सर्च ऑपरेशन में एहतियात बरती जा रही है।”
  • केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर जवानों को बधाई दी और कहा – “यह नक्सलियों पर निर्णायक प्रहार है। अब समय है कि बचे-खुचे नक्सली आत्मसमर्पण कर दें।”

ढेर हुए नक्सली

  • मोडेम बालकृष्ण उर्फ मनोज उर्फ भास्कर (₹1 करोड़ का इनामी सीसीएम)
  • 9 अन्य नक्सली, जिनकी आधिकारिक पहचान शेष

ऑपरेशन में शामिल बल

  • STF
  • E-30
  • कोबरा बटालियन
  • गरियाबंद पुलिस

बरामदगी

  • कई ऑटोमैटिक हथियार
  • विस्फोटक सामग्री
  • नक्सली दस्तावेज

बड़ा संदेश

👉 सरकार द्वारा घोषित डेडलाइन 31 मार्च 2026 से पहले नक्सलवाद का सफाया करने की दिशा में यह ऑपरेशन बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

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