मोहम्मद इसराइल
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) बिलासपुर के ट्रायज वार्ड ने अपने सफल संचालन के एक वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस अवधि में 7,622 से अधिक मरीजों को यहाँ से लाभ मिला है। आपातकालीन और गंभीर मरीजों के लिए बनाए गए इस वार्ड ने त्वरित उपचार, प्राथमिक स्थिरीकरण और बेहतर समन्वय के जरिए अनेक जिंदगियों को नई उम्मीद दी है।
सिम्स ट्रायज वार्ड की उपलब्धियां


सिम्स प्रबंधन द्वारा एक वर्ष पूर्व स्थापित ट्रायज वार्ड आज अस्पताल का अहम हिस्सा बन चुका है। यहाँ भर्ती होने वाले अधिकांश मरीज आपातकालीन और गंभीर अवस्था में पहुंचे थे, जिन्हें प्राथमिक उपचार देकर संबंधित वार्डों में शिफ्ट किया गया।
- 12 बिस्तर और 4 वेंटिलेटर की सुविधा।
- सर्जरी, ऑर्थोपेडिक, ईएनटी और मेडिसिन विभाग के डॉक्टर तीनों शिफ्टों में उपलब्ध।
- प्रत्येक शिफ्ट में एक डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और वार्ड बॉय की तैनाती।
- जरूरत पड़ने पर अन्य विशेषज्ञ डॉक्टरों की तत्काल उपलब्धता।
- गंभीर मरीजों के लिए बेडसाइड एक्स-रे और खून जांच की व्यवस्था।
- मरीजों की स्थिति के अनुसार तीन रंगों का जोन सिस्टम :
- लाल (अति गंभीर)
- हरा (गंभीर)
- पीला (सामान्य)
सेवा के पीछे मजबूत टीम
सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह के मार्गदर्शन में आपातकालीन विभाग इंचार्ज डॉ. सुनील कुमार पेंद्रो सहित डॉ. आदिया सिंगरौल, डॉ. शैलेश पैकरा, डॉ. धनंजय निर्मलकर, डॉ. गिरिवार लगातार सेवाएं दे रहे हैं।
नर्सिंग स्टाफ में पुष्पलता शर्मा (इंचार्ज), पल्लवी कौमार्य, उर्मिला भगत, पापीहा साहा, इंदुस्वाति मिंज, उपासना, संगीता, चांदनी और वार्ड बॉय संजय, सुनील, कबीर, रमेश, गोविंद, कमलेश, शिवरात्रि, विनोद, दया हमेशा मरीजों की सेवा में तत्पर रहते हैं।
अधिष्ठाता का कथन

डॉ. रमणेश मूर्ति, अधिष्ठाता सिम्स ने कहा—
“ट्रायज वार्ड सिम्स हॉस्पिटल का चेहरा है, जहाँ गंभीर मरीजों का सभी विभागों के डॉक्टरों के समन्वय से तत्काल इलाज किया जाता है। यह वार्ड निरंतर गंभीर मरीजों के लिए जीवनदायी साबित हो रहा है।”
सिम्स ट्रायज वार्ड : एक नजर में
- स्थापना : 2024
- अब तक मरीजों को लाभ : 7,622
- बिस्तर : 12
- वेंटिलेटर : 4
- डॉक्टर : तीनों शिफ्टों में उपलब्ध
- नर्सिंग स्टाफ व वार्ड बॉय : प्रत्येक शिफ्ट में तैनात
- विशेष सुविधा : बेडसाइड एक्स-रे, खून जांच
- प्राथमिकता व्यवस्था : लाल (अति गंभीर), हरा (गंभीर), पीला (सामान्य)



