Mohammed israil
बिलासपुर,सरगुजा/प्रतापगढ़।डीएवी पब्लिक स्कूल, प्रतापगढ़ (सीतापुर ब्लॉक) में कक्षा दूसरी की छात्रा समृद्धि गुप्ता (08) पर महिला शिक्षिका ने ऐसी निर्मम सज़ा दी कि मासूम अब पैरों पर खड़ी तक नहीं हो पा रही है। परिजनों ने शिकायत सीधे पुलिस अधीक्षक (SP) से की है, जबकि शिक्षा विभाग के अधिकारी लापरवाही दिखाते हुए “शिकायत नहीं मिली” का बहाना बना रहे हैं।
टॉयलेट जा रही थी, टीचर ने मारा डंडा और कराई 100 उठक-बैठक

पीड़िता ने बताया कि वह टॉयलेट जा रही थी। रास्ते में क्लास टीचर नम्रता गुप्ता मोबाइल चलाते हुए खड़ी थीं। जब छात्रा ने बताया कि वह टॉयलेट जा रही है, तो शिक्षिका ने पहले दो डंडे मारे और फिर कक्षा में लाकर 100 बार उठक-बैठक कराई।
इसके बाद बच्ची के पैरों में असहनीय दर्द होने लगा। अब वह न खड़ी हो पा रही है और न ही चल पा रही है।
निजी अस्पताल में इलाज जारी
समृद्धि को परिजन निजी अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने बताया कि उसके पैरों के मसल्स क्रैक हो गए हैं। लगातार दर्द के कारण बच्ची चीख-चीखकर रो रही है।
विभागीय अधिकारी कर रहे पल्ला झाड़
- BEO – “जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।”
- DEO – “हमें शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शिकायत मिलेगी तो जांच कराएंगे।”
जब बच्ची अस्पताल में भर्ती है और मामला SP तक पहुंच चुका है, तो शिक्षा विभाग का यह बयान उनकी संवेदनहीनता दर्शाता है।
हाल ही में छत्तीसगढ़ में शिक्षक की क्रूरता के मामले
🟥 नवोदय स्कूल का मामला
कुछ ही दिन पहले छत्तीसगढ़ के नवोदय विद्यालय में एक शिक्षक ने चार छात्रों की बेरहमी से पिटाई कर दी थी। घटना का वीडियो वायरल हुआ था।
🟥 बलरामपुर
यहाँ शिक्षक ने बच्चों को मामूली गलती पर डंडे से बुरी तरह पीटा। कई बच्चे घायल हो गए।
🟥 रायगढ़
रायगढ़ जिले में शिक्षक द्वारा छात्र को डंडे से पीटने पर परिजनों ने स्कूल गेट पर जमकर हंगामा किया।
❓ बड़ा सवाल
- मासूम बच्चों पर इस तरह की अमानवीय सज़ा कब तक जारी रहेगी?
- क्या शिक्षा विभाग हर बार “जांच होगी” कहकर जिम्मेदारी से बचता रहेगा?
- क्या सरगुजा की यह घटना छत्तीसगढ़ की शिक्षा व्यवस्था की खामियों का प्रतीक नहीं है?



