Mohammed israil

बिलासपुर। प्रदेश की जर्जर सड़कों पर हो रहे हादसों और जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने पूछा कि सड़कों को सुधारने में आखिर कितना समय लगेगा, कब तक केवल स्टडी ही कराते रहेंगे। डिवीजन बेंच ने लोकनिर्माण विभाग, एनएचएआई, एनटीपीसी और एसईसीएल को भी जवाबदेह ठहराते हुए दो सप्ताह में फोटो सहित रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है।
हाईकोर्ट का सख्त रुख
चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की खंडपीठ ने सुनवाई में कहा कि प्रदेश की सड़कें बेहद खराब स्थिति में हैं। लोग इन पर चलते हुए गिर जाते हैं और गड्ढों व ब्लैक स्पॉट्स के कारण जानलेवा हादसे हो रहे हैं। कोर्ट ने सवाल उठाया – “आपकी जिम्मेदारी सड़कों को सुधारना है, क्या यह काम भी हमें करना पड़ेगा?”
हादसों पर जताई चिंता
कोर्ट ने कहा कि सड़क की बदहाली सीधे तौर पर लोगों की जान से खिलवाड़ है। बार-बार स्टडी और रिपोर्ट का इंतजार किए बगैर तुरंत सुधार कार्य शुरू होना चाहिए।
शासन का जवाब
अतिरिक्त महाधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि एनआईटी की ओर से 15 किलोमीटर सड़क का अध्ययन किया जा रहा है, जिसके आधार पर सुधार की कार्रवाई होगी। इस पर कोर्ट ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि क्या इस प्रक्रिया में दो-तीन साल लग जाएंगे?
रतनपुर-सेंदरी मार्ग का हवाला
शासन ने जानकारी दी कि रतनपुर-सेंदरी मार्ग का काम पूरा हो चुका है और रायपुर रोड का 70% काम हो गया है। शेष काम 10-15 दिन में पूरा करने का दावा किया गया। कोर्ट ने सवाल किया कि “सिर्फ पेचिंग करने से दरारें रुक जाएंगी?” और इस पर भी विस्तृत रिपोर्ट मांगी।
अगली सुनवाई
हाईकोर्ट ने शासन को दो सप्ताह में फोटोग्राफ्स सहित पूरी रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई 23 सितंबर को होगी।
हाईकोर्ट की तीखी टिप्पणियाँ
- “कब तक स्टडी कराते रहेंगे?”
- “सड़कें दुरुस्त करना आपका काम है, क्या यह भी हम करेंगे?”
- “हादसों में लोगों की जान जा रही है, सुधार में इतना वक्त क्यों लग रहा है?”
किन संस्थाओं को ठहराया गया जिम्मेदार
- लोकनिर्माण विभाग (PWD)
- नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI)
- एनटीपीसी
- एसईसीएल
प्रमुख सड़कें जो बनी विवाद का कारण
- रायपुर–बिलासपुर नेशनल हाईवे
- बिलासपुर शहर की मुख्य सड़कें
- रतनपुर–सेंदरी मार्ग (कार्य पूर्ण बताया गया)
- रायपुर रोड (70% कार्य पूरा, शेष 10-15 दिन में)
याचिकाएँ और सुनवाई
- जनहित याचिकाएँ दायरकर्ता: सुनील उपाध्याय और के. राजू
- कोर्ट: डिवीजन बेंच – चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु
- अगली सुनवाई: 23 सितंबर



