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व्यावसायिक शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी पर शिक्षा मंत्री भड़के — पुलिस जांच के आदेश, भ्रष्टाचारियों पर गिरेगी गाज

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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Mohammed israil

बिलासपुर,रायपुर। प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने भ्रष्टाचार और लापरवाही पर सीधी चेतावनी दी है — “शिक्षा की गुणवत्ता हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है, गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं होगी।” मंत्रालय में हुई समीक्षा बैठक में मंत्री ने समग्र शिक्षा विभाग के अफसरों को फटकार लगाई और व्यावसायिक शिक्षकों की भर्ती में सामने आई गड़बड़ियों की पुलिस जांच के आदेश दे डाले।

भ्रष्टाचार पर मंत्री का हल्ला बोल

  • व्यावसायिक शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी की होगी पुलिस जांच
  • घटिया सामग्री देने वाले आपूर्तिकर्ता होंगे ब्लैकलिस्ट
  • बजट का दुरुपयोग करने वालों पर कसेगी कानूनी नकेल
  • छात्रावासों व पोटा केबिनों में सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
  • “शिक्षा की गुणवत्ता ही सरकार की पहली प्राथमिकता, लापरवाही बर्दाश्त नहीं” — गजेन्द्र यादव, शिक्षा मंत्री


शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने गुरुवार को मंत्रालय (महानदी भवन) में समग्र शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में विभागीय लापरवाही पर सख्त तेवर दिखाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “भ्रष्टाचार और गैर-जिम्मेदारी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

बैठक में सबसे ज्यादा शिकायतें व्यावसायिक शिक्षकों की भर्ती से जुड़ी सामने आईं। मंत्री ने इस पर गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि किसी भी प्रकार का लेन-देन या भ्रष्टाचार पकड़ा गया तो दोषियों पर कठोर कार्रवाई होगी। गड़बड़ी की जांच अब पुलिस करेगी, ताकि दोषियों तक सीधा कानून का शिकंजा कस सके।

👉 मंत्री ने अफसरों को चेतावनी देते हुए कहा कि विद्यार्थियों के लिए खरीदी जाने वाली सामग्री सर्वोत्तम गुणवत्ता की होनी चाहिए। घटिया सामान सप्लाई करने वाले आपूर्तिकर्ताओं को ब्लैकलिस्ट करने का निर्देश दिया।

👉 बजट के दुरुपयोग और लापरवाही पर भी मंत्री ने सख्त नाराजगी जताई। उन्होंने आदेश दिया कि वित्तीय अनुशासन का कड़ाई से पालन हो और उपयोगिता प्रमाण पत्र समय पर भारत सरकार को भेजा जाए, वरना अनुदान की अगली किश्त रुक जाएगी।


मंत्री के सख्त निर्देश:

  • व्यावसायिक शिक्षकों की भर्ती की पुलिस जांच होगी।
  • घटिया सामग्री सप्लाई करने वाले ब्लैकलिस्ट किए जाएंगे।
  • छात्रावासों और पोटा केबिनों में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
  • स्मार्ट कक्षाओं, डिजिटल अधिगम, प्रयोगशालाओं और पुस्तकालयों का अधिकतम उपयोग हो।
  • शैक्षणिक योजनाओं और बजट के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी।

पोटा केबिन का मुद्दा भी उठा:
छिंदगढ़ के पाकेला पोटा केबिन में हाल ही में भोजन में ज़हरीला पदार्थ मिलने की घटना पर मंत्री ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएँ शासन की छवि को धूमिल करती हैं। जिम्मेदारी तय की जाएगी और सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाएगी।


👉 शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव का यह सख्त संदेश साफ है कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार और लापरवाही अब बिल्कुल नहीं चलेगी।

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