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छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में डैम टूटा, सैलाब में चार की मौत – तीन लापता, दर्जनों मवेशी बह गए, सास और बहू की लाश झाड़ी में  मिली, जानिए और क्या-क्या हुआ…

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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Mohammed israil

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बिलासपुर, रायपुर,बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में मंगलवार देर रात एक भयावह हादसा हुआ। तातापानी पुलिस चौकी क्षेत्र के विश्रामनगर स्थित लुत्ती डैम अचानक टूट गया, जिससे निचले इलाकों में तबाही मच गई। तेज धार में बहकर एक ही परिवार के सात लोग चपेट में आ गए। अब तक चार शव बरामद किए गए हैं, जबकि तीन लोग लापता हैं। हादसे में आधा दर्जन से ज्यादा मवेशियों की मौत हो गई और फसलें भी बर्बाद हो गईं।कैसे हुआ हादसा घटनास्थल पर भयावह मंजर राहत और बचाव कार्य जारी ग्रामीणों ने बताया दर्दनाक मंजर राजनीतिक प्रतिक्रिया प्रशासन का बयानमृतक और लापता मवेशी और फसलें जिम्मेदारी का सवाल🔴प्रशासनिक कदम

बिलासपुर, रायपुर,बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में मंगलवार देर रात एक भयावह हादसा हुआ। तातापानी पुलिस चौकी क्षेत्र के विश्रामनगर स्थित लुत्ती डैम अचानक टूट गया, जिससे निचले इलाकों में तबाही मच गई। तेज धार में बहकर एक ही परिवार के सात लोग चपेट में आ गए। अब तक चार शव बरामद किए गए हैं, जबकि तीन लोग लापता हैं। हादसे में आधा दर्जन से ज्यादा मवेशियों की मौत हो गई और फसलें भी बर्बाद हो गईं।


कैसे हुआ हादसा

  • मंगलवार रात करीब 10 से 11 बजे के बीच डैम से पानी रिसने लगा।
  • कुछ ही देर बाद बांध टूट गया और गांव में पानी का सैलाब आ गया।
  • एक घर में सो रहे सात लोग अचानक पानी की चपेट में आ गए।
  • प्रशासन के अनुसार, चार शव बरामद और तीन लोग अभी लापता हैं।

घटनास्थल पर भयावह मंजर

  • तेज धारा में बहकर कई घर ढह गए।
  • खेतों में पानी भरने से खड़ी फसलें चौपट।
  • आधा दर्जन से ज्यादा मवेशियों की मौत।
  • प्रभावित परिवारों को पंचायत भवन में शिफ्ट किया गया।

राहत और बचाव कार्य जारी

  • सूचना मिलते ही कलेक्टर, एसपी और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा।
  • नगर सेना और एनडीआरएफ की टीम तैनात कर दी गई है।
  • देर रात से ही रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है, लापता लोगों की तलाश जारी।
  • तीन घायलों को जिला अस्पताल भेजा गया है।

ग्रामीणों ने बताया दर्दनाक मंजर

गांव के प्रत्यक्षदर्शियों ने हादसे की भयावहता बयां की—

  • “हम लोग सो रहे थे, अचानक जोरदार आवाज आई। बाहर निकलते ही देखा कि पानी का सैलाब तेजी से गांव में घुस रहा था। हम जान बचाकर भागे, लेकिन कई लोग बह गए।”रामनारायण, ग्रामीण
  • “गांव का पूरा इलाका जलमग्न हो गया। खेतों में खड़ी धान की फसल बह गई। घर का सामान भी पानी में डूब गया।”सावित्री देवी, ग्रामीण महिला
  • “डैम में कई सालों से रिसाव था। विभाग से कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आज उसी लापरवाही की कीमत गांव ने चुकाई।”गजेन्द्र, किसान

राजनीतिक प्रतिक्रिया

वरिष्ठ कांग्रेस नेता अजय गुप्ता ने विभाग की लापरवाही पर सवाल उठाया—

“डैम में 5-6 साल पहले से रिसाव था, लेकिन विभाग ने ध्यान नहीं दिया। समय रहते मरम्मत होती तो यह हादसा नहीं होता। जिम्मेदार जल संसाधन विभाग के अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।”


प्रशासन का बयान

एसडीएम अभिषेक गुप्ता ने कहा –

“अब तक चार शव बरामद हुए हैं। तीन लोग लापता हैं, उनकी तलाश जारी है। घायलों का इलाज जिला अस्पताल में किया जा रहा है। पंचायत भवन में प्रभावित परिवारों के लिए भोजन और रुकने की व्यवस्था की गई है।”


मृतक और लापता

  • एक ही परिवार के 7 लोग पानी में बहे
  • 4 शव बरामद, 3 लापता

मवेशी और फसलें

  • आधा दर्जन से ज्यादा मवेशियों की मौत
  • खेतों में पानी भरने से फसलें चौपट

जिम्मेदारी का सवाल

  • 5-6 साल पहले से डैम में रिसाव
  • जल संसाधन विभाग की लापरवाही उजागर
  • मांग – जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई

🔴प्रशासनिक कदम

  • एनडीआरएफ और नगर सेना की तैनाती
  • घायलों का जिला अस्पताल में इलाज
  • पंचायत भवन में प्रभावितों के लिए ठहरने-खाने की व्यवस्था

लुत्ती डैम का निर्माण करीब 1980 के दशक में हुआ था।


इसे जल संसाधन विभाग ने स्थानीय सिंचाई सुविधा के लिए बनाया था।
क्षमता: लगभग 120 हेक्टेयर क्षेत्र की सिंचाई
ग्रामीणों के अनुसार, कई वर्षों से इस डैम की नियमित देखरेख और मरम्मत नहीं की गई।
2020 और 2022 की बारिश में भी यहां पानी रिसाव की शिकायतें हुई थीं, लेकिन गंभीरता से नहीं लिया गया।

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